
22 सितंबर 2026 | खबर अभी अभी | मंडी

मंडी। सरदार पटेल विश्वविद्यालय मंडी के छात्र-छात्राओं ने राजस्थान की राजधानी जयपुर में 15 से 17 सितंबर तक आयोजित 31वें भारतीय युवा संसद के राष्ट्रीय अधिवेशन में भाग लेकर राष्ट्रीय स्तर पर विश्वविद्यालय और हिमाचल प्रदेश का प्रतिनिधित्व किया। अंतर्राष्ट्रीय लोकतंत्र दिवस के अवसर पर आयोजित इस अधिवेशन में देश के 24 राज्यों से युवा प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने सहायक आचार्य, इतिहास विभाग राजेश शर्मा के नेतृत्व में अधिवेशन में हिस्सा लिया। इस दौरान विद्यार्थियों ने लोकतांत्रिक व्यवस्था, नारी शक्ति वंदन अधिनियम, राष्ट्र निर्माण और लैंगिक समानता सहित विभिन्न समसामयिक एवं नीतिगत विषयों पर अपने विचार रखे।
अधिवेशन में हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल एवं सरदार पटेल विश्वविद्यालय के कुलाधिपति कविंद्र गुप्ता मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने युवा प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए संवैधानिक एवं लोकतांत्रिक मूल्यों को बनाए रखने, संसदीय आदर्शों से प्रेरणा लेने और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया।
राज्यपाल ने कहा कि ‘विकसित भारत@2047’ के लक्ष्य को युवाओं, महिलाओं और प्रत्येक नागरिक की सामूहिक भागीदारी से साकार किया जा सकता है। उन्होंने नारी शक्ति वंदन अधिनियम को राष्ट्र निर्माण में महिलाओं की भागीदारी को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
विश्वविद्यालय के कुलपति आचार्य ललित कुमार अवस्थी ने विद्यार्थियों को इस उपलब्धि पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि भारतीय युवा संसद में विद्यार्थियों ने संसदीय कौशल का प्रदर्शन करने के साथ हिमाचल प्रदेश की संस्कृति और युवा सोच को भी राष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत किया।
छात्र कल्याण अधिष्ठाता आचार्य राजेश कुमार शर्मा ने विद्यार्थियों को ऐसे राष्ट्रीय संवाद और शैक्षणिक मंचों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि युवाओं को विभिन्न विषयों पर संवाद और विचार-विमर्श के माध्यम से अपने ज्ञान एवं दृष्टिकोण को व्यापक बनाने के अवसर मिलते हैं।
विश्वविद्यालय के प्रतिनिधिमंडल के साथ गए सहायक आचार्य राजेश शर्मा ने कहा कि इस तरह के परिसंवाद विद्यार्थियों को भारत के अतीत, वर्तमान की चुनौतियों और भविष्य की संभावनाओं से परिचित करवाते हैं। उन्होंने कहा कि संवाद और विचार-विमर्श की संस्कृति देश को बेहतर भविष्य की दिशा में आगे ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
विद्यार्थियों ने साझा किए अनुभव
रबेला, भौतिकी विज्ञान तृतीय सत्र ने कहा कि जयपुर में आयोजित तीन दिवसीय यूथ पार्लियामेंट में हिस्सा लेकर उन्हें नए विषयों को समझने और क्षेत्रीय मुद्दों पर खुलकर चर्चा करने का अवसर मिला। उन्होंने हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल के मार्गदर्शन को भी प्रेरणादायक बताया।
आंचल शर्मा, लोक प्रशासन विभाग तृतीय सत्र ने कहा कि नेशनल यूथ पार्लियामेंट में भाग लेना उनके लिए सीखने और प्रेरणा देने वाला अनुभव रहा। विभिन्न राज्यों से आए युवाओं के विचारों को समझने और लोकतांत्रिक संवाद को करीब से अनुभव करने से उनके आत्मविश्वास, अभिव्यक्ति क्षमता और सार्वजनिक जीवन की समझ मजबूत हुई।
साहिल, वनस्पति विज्ञान प्रथम सत्र ने कहा कि तीन दिवसीय कार्यक्रम ने उन्हें सीखने और आगे बढ़ने का नया दृष्टिकोण दिया। विभिन्न राज्यों के युवाओं और अलग-अलग क्षेत्रों से जुड़े लोगों से संवाद करने से उनके आत्मविश्वास, संप्रेषण कौशल, नेतृत्व क्षमता और सामाजिक जागरूकता में वृद्धि हुई।
पर्व, इतिहास विभाग प्रथम सत्र ने कहा कि राज्यपाल के मार्गदर्शन से उन्हें लोकतंत्र में युवाओं की सक्रिय भागीदारी, संवाद और जिम्मेदारी के महत्व को समझने का अवसर मिला। राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका को लेकर उनके विचार प्रेरणादायक रहे।
सपना, लोक प्रशासन विभाग प्रथम सत्र ने कहा कि भारतीय युवा संसद में भाग लेने से किसी विधेयक या मुद्दे पर तार्किक ढंग से बहस करने, गंभीर सोच विकसित करने और शोध कौशल को मजबूत करने की प्रेरणा मिली। उन्होंने कहा कि सैकड़ों लोगों के सामने अपनी बात रखने से मंच पर बोलने का डर कम हुआ और आत्मविश्वास बढ़ा।





