
8/8/2026
मंडी
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आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के पक्के घर के सपने को साकार करने के लिए प्रदेश सरकार की ओर से संचालित स्वर्ण जयंती आश्रय योजना जरूरतमंद परिवारों के लिए सहारा बन रही है। योजना के तहत जोगिंदर नगर क्षेत्र में वर्ष 2023 से 2026 के दौरान 114 पात्र परिवारों को पक्का मकान बनाने के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध करवाई गई है।
प्रत्येक लाभार्थी को डेढ़ लाख रुपये की सहायता
स्वर्ण जयंती आश्रय योजना के तहत पात्र परिवारों को 1.50 लाख रुपये प्रति लाभार्थी की आर्थिक सहायता प्रदान की गई। इस सहायता से कई परिवार कच्चे मकानों से निकलकर सुरक्षित और पक्के घरों में रहने लगे हैं।
तहसील कल्याण अधिकारी, जोगिंदर नगर के अनुसार योजना के तहत लाभ प्राप्त करने वाले 114 परिवारों में 109 अनुसूचित जाति, 3 अन्य पिछड़ा वर्ग और 2 अनुसूचित जनजाति के परिवार शामिल हैं।
आर्थिक तंगी के कारण पक्का घर बनाना था मुश्किल
हारगुनैन गांव के लाभार्थी रण सिंह ने बताया कि उनका परिवार पहले कच्चे मकान में रहता था। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण पक्का मकान बनाना उनके लिए मुश्किल था। स्वर्ण जयंती आश्रय योजना के तहत मिली डेढ़ लाख रुपये की सहायता से उनका पक्का घर बनाने का सपना पूरा हो सका। उन्होंने इसके लिए मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू और हिमाचल प्रदेश सरकार का आभार जताया।
वहीं, गांव आरठी के लाभार्थी सुखदेव ने बताया कि उनका परिवार भी पहले कच्चे मकान में रहता था। सरकार से मिली आर्थिक सहायता ने उन्हें पक्का मकान बनाने में मदद दी। उन्होंने कहा कि योजना से गरीब परिवारों की मूलभूत जरूरतों को पूरा करने और उनके जीवन स्तर को बेहतर बनाने में मदद मिल रही है।
सुरक्षा और सम्मान के साथ जीवन की नई शुरुआत
स्वर्ण जयंती आश्रय योजना महज आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि जरूरतमंद परिवारों को सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर भी प्रदान कर रही है। पक्का मकान मिलने से परिवारों को न केवल आवास की सुरक्षा मिली है, बल्कि उनके जीवन में स्थायित्व और आत्मसम्मान की भावना भी मजबूत हुई है।
प्रदेश सरकार का लक्ष्य है कि पात्र और जरूरतमंद परिवारों को सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिले और कोई भी परिवार बुनियादी आवास की सुविधा से वंचित न रहे। जोगिंदर नगर में योजना के तहत 114 परिवारों को मिली सहायता इसी दिशा में उठाया गया एक कदम है।







