
25 सितंबर 2026 | खबर अभी अभी | शिमला।

विश्व फार्मासिस्ट दिवस-2026 के अवसर पर हिमाचल प्रदेश ऑल इंडिया गवर्नमेंट एंड प्राइवेट सेक्टर फार्मासिस्ट्स एसोसिएशन तथा चीफ फार्मेसी ऑफिसर्स एंड फार्मेसी ऑफिसर्स एसोसिएशन हिमाचल प्रदेश के संयुक्त तत्वावधान में होटल मरीना शिमला में राज्य स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने मुख्यातिथि के रूप में शिरकत की।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अनिरुद्ध सिंह ने कहा कि फार्मासिस्ट स्वास्थ्य सेवा प्रणाली की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। दवाओं के सुरक्षित एवं तर्कसंगत उपयोग के साथ मरीजों को आवश्यक मार्गदर्शन देने में फार्मासिस्टों की अहम भूमिका रहती है। उन्होंने कहा कि सही समय पर सही दवा उपलब्ध होना मरीजों के उपचार में महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि फार्मासिस्ट स्वास्थ्य विभाग का नर्वस सिस्टम हैं और स्वास्थ्य सेवाओं के प्रभावी संचालन में उनका महत्वपूर्ण योगदान है। प्रदेश सरकार स्वास्थ्य क्षेत्र में अत्याधुनिक मशीनों एवं उपकरणों के साथ स्वास्थ्य सुविधाओं को लगातार मजबूत कर रही है।
मेडिकल और पैरामेडिकल स्टाफ के हजारों पद भरे
अनिरुद्ध सिंह ने कहा कि पिछले साढ़े तीन वर्षों में मेडिकल एवं पैरामेडिकल स्टाफ के हजारों पद भरे जा चुके हैं तथा सैकड़ों पदों को भरने की प्रक्रिया जारी है। उन्होंने कहा कि फार्मासिस्टों के पदोन्नति चैनल को विकसित करने के लिए भी सरकार की ओर से प्रयास किए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के प्रयासों से सरकारी अस्पतालों में रोबोटिक सर्जरी की सुविधा शुरू हुई है। स्वास्थ्य क्षेत्र में गुणवत्ता, आधुनिक तकनीक और बेहतर मरीज देखभाल पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप मेडिकल एवं पैरामेडिकल पदों को भरने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है।
फार्मासिस्ट स्वास्थ्य विभाग की रीढ़ की हड्डी : डॉ. गोपाल बेरी
निदेशक स्वास्थ्य सेवाएं डॉ. गोपाल बेरी ने कहा कि फार्मासिस्ट स्वास्थ्य विभाग की रीढ़ की हड्डी हैं। मरीजों को दवाएं उपलब्ध करवाने तथा उनके सही उपयोग के संबंध में जानकारी देने में फार्मासिस्टों की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है।
उन्होंने कहा कि कोविड-19 महामारी के दौरान फार्मासिस्टों के सहयोग से प्रदेश ने वैक्सीनेशन के क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन किया। उन्होंने बताया कि प्रदेश में करीब 100 फार्मासिस्टों के पद भरने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इसके अतिरिक्त बैचवाइज भर्ती की प्रक्रिया भी शुरू की गई है।
डॉ. बेरी ने बताया कि प्रदेश में 200 से अधिक चिकित्सकों की भर्ती प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है। उन्होंने कहा कि उप निदेशक फार्मासिस्ट के पद की प्रक्रिया का प्रस्ताव सरकार को भेजा जा चुका है। इसके साथ ही कुछ जिलों में मुख्य फार्मासिस्ट ऑफिसर के पद सृजित करने का मामला भी सरकार को भेजा गया है।
फार्मेसी क्षेत्र के विकास पर हुआ विचार-विमर्श
कार्यक्रम के दौरान फार्मेसी क्षेत्र के विकास, फार्मासिस्टों के कार्यक्षेत्र से जुड़े विषयों तथा स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाने को लेकर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। प्रतिनिधियों ने फार्मासिस्ट समुदाय की आवश्यकताओं, पेशेवर हितों तथा स्वास्थ्य व्यवस्था में उनकी जिम्मेदारियों से जुड़े विभिन्न विषयों पर अपने विचार साझा किए।
विश्व फार्मासिस्ट दिवस प्रत्येक वर्ष 25 सितंबर को मनाया जाता है। इसका उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं में फार्मासिस्टों की महत्वपूर्ण भूमिका के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा गुणवत्तापूर्ण दवा सेवाएं उपलब्ध करवाने में उनके योगदान को रेखांकित करना है।
फार्मासिस्टों के योगदान को सराहा
कार्यक्रम में फार्मेसी क्षेत्र से जुड़े अधिकारियों, कर्मचारियों एवं प्रतिनिधियों ने विश्व फार्मासिस्ट दिवस की शुभकामनाएं दीं। वक्ताओं ने मरीजों को गुणवत्तापूर्ण एवं सुरक्षित दवा सेवाएं उपलब्ध करवाने तथा स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत बनाने में फार्मासिस्टों के योगदान को महत्वपूर्ण बताया।
यह रहे मौजूद
इस अवसर पर अतिरिक्त निदेशक स्वास्थ्य सेवाएं सुमेध शर्मा, जिला परिषद सदस्य ओम प्रकाश ठाकुर, उप महाधिवक्ता बलविंदर सिंह, ब्लॉक कांग्रेस कमेटी कसुम्पटी अध्यक्ष अशोक ठाकुर, मुख्य चिकित्सा अधिकारी शिमला डॉ. यशपाल रांटा, चीफ फार्मेसी ऑफिसर केएनएच मनोज शर्मा, वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक रिपन अस्पताल डॉ. लोकेंद्र शर्मा, चिकित्सा अधीक्षक कमला नेहरू अस्पताल डॉ. एस.एस. नेगी, डॉ. सुभाष चौहान, प्रोग्राम ऑफिसर टीबी डॉ. विनीत लखनपाल, ड्रग इंस्पेक्टर नमन गुप्ता, पुष्पेंद्र, मीनाक्षी कश्यप, ज्योति महाजन और धीरज सहित फार्मेसी एवं स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।





