हिमाचल में स्वास्थ्य व्यवस्था आईसीयू में, सरकार केवल उद्घाटन और प्रचार में व्यस्त: शैलेंद्र गुप्ता नीति आयोग की रैंकिंग में पिछड़ा प्रदेश; सोलन भाजपा अध्यक्ष ने अस्पतालों की बदहाली और डॉक्टरों की कमी पर सरकार को घेरा

6/8/2026
सोलन
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भारतीय जनता पार्टी सोलन शहरी मंडल के अध्यक्ष शैलेंद्र गुप्ता ने हिमाचल प्रदेश की वर्तमान स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था आज गंभीर संकट के दौर से गुजर रही है। सरकार नई इमारतों, उद्घाटनों और फीते काटने को अपनी उपलब्धि बताने में व्यस्त है, जबकि धरातल पर मरीज डॉक्टरों, विशेषज्ञों, नर्सों और तकनीकी कर्मचारियों की भारी कमी से जूझ रहे हैं।

नीति आयोग की रैंकिंग में खिसका हिमाचल
शैलेन्द्र गुप्ता ने कहा कि वर्ष 2022 में नीति आयोग एवं राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की स्वास्थ्य रैंकिंग में हिमाचल प्रदेश “फ्रंट रनर” राज्यों में शामिल था, लेकिन वर्तमान सरकार की विफल नीतियों के कारण अब प्रदेश कई पायदान नीचे खिसक गया है। केंद्र सरकार द्वारा जुलाई में स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए ₹1,454 करोड़ की अतिरिक्त वित्तीय सहायता दिए जाने के बावजूद अस्पतालों की स्थिति में कोई सुधार नहीं दिख रहा है।

CAG की रिपोर्ट ने खोली पोल: बिना विशेषज्ञों के हो रहे प्रसव
नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की रिपोर्ट का हवाला देते हुए भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि चंबा सहित अनेक जिलों में डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ के सैकड़ों पद खाली पड़े हैं। उन्होंने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि कंडाघाट के सिविल अस्पताल में स्त्री रोग विशेषज्ञ (गायनेकोलॉजिस्ट) की अनुपस्थिति के बावजूद 179 प्रसव कराए गए, जो माताओं और नवजात शिशुओं की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ है। इसके अलावा, करोड़ों रुपये की एक्स-रे और अल्ट्रासाउंड मशीनें तकनीशियन न होने के कारण धूल फांक रही हैं।

सोलन अस्पताल में कुप्रबंधन और लंबी लाइनें
सोलन जिला अस्पताल की स्थिति पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि योग्य डॉक्टरों की टीम होने के बावजूद अस्पताल प्रबंधन पूरी तरह अव्यवस्थित है। एक मरीज को 5 मिनट के डॉक्टर परामर्श के लिए पर्ची, टेस्ट, फीस और रिपोर्ट दिखाने के लिए घंटों अलग-अलग लाइनों में खड़ा रहना पड़ता है।

अस्पताल बने ‘रेफरल सेंटर’
शैलेन्द्र गुप्ता ने कहा कि विशेषज्ञ डॉक्टरों के अभाव में शिमला, धर्मशाला, हमीरपुर, सिरमौर, कुल्लू और सोलन सहित राज्य के कई जिला अस्पताल इलाज केंद्र कम और ‘रेफरल सेंटर’ अधिक बन गए हैं, जहां से मरीजों को आईजीएमसी शिमला या टांडा मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया जाता है।

भाजपा सोलन शहरी मंडल ने सरकार से मांग की है कि स्वास्थ्य विभाग में रिक्त पड़े सभी पदों को तुरंत भरा जाए और अस्पतालों की प्रबंधन व्यवस्था को आधुनिक व जवाबदेह बनाया जाए, ताकि जनता को समय पर गुणवत्तापूर्ण इलाज मिल सके।

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