कुल्लू में फीस वृद्धि और छात्र संघ चुनाव बहाली को लेकर ABVP का प्रदर्शन, दो दिवसीय सांकेतिक भूख हड़ताल शुरू

12/8/2026
कुल्लू
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प्रदेश स्तरीय विभिन्न मांगों को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) की कुल्लू इकाई ने बुधवार को कुल्लू महाविद्यालय से ढालपुर चौक तक विशाल रैली निकाली। रैली के बाद कार्यकर्ताओं ने कुल्लू महाविद्यालय में सांकेतिक भूख हड़ताल शुरू कर दी। यह भूख हड़ताल 12 से 13 अगस्त तक चलेगी।

ABVP ने हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में की गई 25 से 30 प्रतिशत फीस वृद्धि वापस लेने, डॉ. यशवंत सिंह परमार बागवानी एवं वानिकी विश्वविद्यालय में 50 से 60 प्रतिशत फीस वृद्धि रद्द करने तथा चौधरी सरवन कुमार हिमाचल प्रदेश कृषि विश्वविद्यालय में 18 से 20 प्रतिशत फीस वृद्धि वापस लेने की मांग उठाई। इसके अलावा प्रदेश में छात्र संघ चुनाव तत्काल बहाल करने की मांग भी प्रमुखता से रखी गई।

इकाई अध्यक्ष एवं जिला संयोजक ऋतिक कार्तिक ने कहा कि छात्र संघ चुनाव विद्यार्थियों का लोकतांत्रिक अधिकार है और इसे बहाल किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश के पूर्व और वर्तमान मुख्यमंत्री सहित कई नेताओं को छात्र राजनीति से नेतृत्व का अवसर मिला है, लेकिन आज युवाओं को यह अवसर देने से सरकार क्यों पीछे हट रही है, यह सवाल उठता है।

उन्होंने कहा कि छात्र संघ चुनाव को हिंसा से जोड़कर लगातार टाला जाता है, जबकि विद्यार्थियों के लिए ये चुनाव विचारों और नेतृत्व क्षमता की अभिव्यक्ति का माध्यम हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार युवाओं को केवल चुनावों के दौरान अपने राजनीतिक हितों के लिए इस्तेमाल करना चाहती है।

ऋतिक कार्तिक ने फीस वृद्धि को लेकर प्रदेश सरकार पर भी निशाना साधते हुए कहा कि छात्रों की फीस के माध्यम से सरकार अपना खजाना भरने का प्रयास कर रही है, जिसे विद्यार्थी परिषद सहन नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि ABVP अपने स्थापना काल से विद्यार्थियों के अधिकारों की लड़ाई लड़ती आई है और आगे भी संघर्ष जारी रखेगी।

उन्होंने दावा किया कि हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में पिछले नौ दिनों से छात्र लगातार अनशन पर बैठे हैं, लेकिन प्रदेश सरकार और विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से उनकी मांगों पर कोई सकारात्मक पहल नहीं की गई है। प्रदेश के विभिन्न महाविद्यालयों में भी इन मांगों को लेकर प्रदर्शन किए जा रहे हैं।

ABVP कुल्लू इकाई ने चेतावनी दी कि यदि 13 अगस्त के बाद भी उनकी मांगों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। संगठन ने कहा कि इसके बाद उत्पन्न होने वाली स्थिति की जिम्मेदारी प्रदेश सरकार की होगी।

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