
शिमला | 13 अगस्त 2026
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भारतीय जनगणना 2027 के दूसरे चरण को लेकर शिमला के बचत भवन में दो दिवसीय जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के दूसरे बैच की शुरुआत हुई। कार्यक्रम में निदेशक जनगणना निदेशालय दीपशिखा शर्मा ने बतौर मुख्य अतिथि हिस्सा लिया।
दीपशिखा शर्मा ने बताया कि जनगणना के दूसरे चरण में करीब 40 सवालों के माध्यम से प्रत्येक व्यक्ति और परिवार से संबंधित जानकारी एकत्रित की जाएगी। उन्होंने कहा कि यह प्रक्रिया केवल जनसंख्या की संख्या दर्ज करने तक सीमित नहीं होगी, बल्कि सामाजिक, शैक्षणिक, आर्थिक, रोजगार, प्रवास, पारिवारिक और नागरिक पहचान से जुड़ी जानकारी भी जुटाई जाएगी।
उन्होंने कहा कि इन आंकड़ों का उपयोग भविष्य में शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, सामाजिक सुरक्षा, आवास, कौशल विकास और अन्य सरकारी योजनाओं की बेहतर योजना एवं लक्ष्य निर्धारण में किया जा सकता है। उन्होंने जनगणना कर्मियों को सही और पूर्ण जानकारी दर्ज करने पर विशेष जोर दिया।
1 सितंबर से शुरू होगा दूसरा चरण
हिमाचल प्रदेश में जनगणना-2027 का दूसरा चरण 1 सितंबर से 30 सितंबर 2026 तक आयोजित किया जाएगा। इसके बाद 1 से 5 अक्टूबर तक पुनरीक्षण चरण चलेगा। राज्य में यह समय-सारिणी हिमाचल की भौगोलिक और मौसम संबंधी परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए तय की गई है।
दूसरे चरण में प्रगणक घर-घर जाकर प्रत्येक व्यक्ति से संबंधित निर्धारित जानकारी एकत्र करेंगे। वहीं, नागरिकों को 17 अगस्त से 31 अगस्त 2026 तक ऑनलाइन Self-Enumeration की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी। इसके माध्यम से व्यक्ति या परिवार निर्धारित वेब पोर्टल पर अपनी जनगणना संबंधी जानकारी स्वयं दर्ज कर सकेंगे।
नागरिक सही जानकारी उपलब्ध कराएं: अनुपम कश्यप
उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप ने कहा कि जनगणना ड्यूटी में तैनात फील्ड स्टाफ को अपने चार्ज ऑफिसर को प्रतिदिन कार्य की रिपोर्ट देनी होगी। इसमें सामने आने वाली चुनौतियों और अन्य आवश्यक जानकारी शामिल होगी।
उन्होंने जिले के नागरिकों से अपील की कि जनगणना कर्मियों के घर पहुंचने पर उन्हें सही, पूर्ण और आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराएं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक परिवार यह सुनिश्चित करे कि उसके घर और परिवार से संबंधित विवरण सही तरीके से दर्ज हो।
किन विषयों से जुड़े सवाल पूछे जाएंगे?
जनसंख्या गणना के दौरान व्यक्ति की व्यक्तिगत, पारिवारिक, सामाजिक और आर्थिक स्थिति से संबंधित जानकारी दर्ज की जाएगी। इसमें प्रमुख रूप से:
नाम, लिंग, आयु और जन्म तिथि
वैवाहिक स्थिति और पति/पत्नी का विवरण
राष्ट्रीयता, धर्म और सामाजिक वर्ग से संबंधित जानकारी
माता-पिता का विवरण
दिव्यांगता और भाषाओं से संबंधित जानकारी
साक्षरता, डिजिटल साक्षरता और शैक्षणिक योग्यता
रोजगार, व्यवसाय और आर्थिक गतिविधि
कार्यस्थल और आवागमन से संबंधित जानकारी
जन्म स्थान और प्रवास से जुड़े विवरण
महिलाओं और बच्चों से संबंधित जनसांख्यिकीय जानकारी
बैंकिंग और कुछ पहचान संबंधी विवरण
शामिल होंगे।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी (कानून एवं व्यवस्था) पंकज शर्मा, जिला राजस्व अधिकारी शिवानी भारद्वाज, ऑफिस कानूनगो सदर ओम प्रकाश सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।






