
शिमला | 13 अगस्त 2026
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हिमाचल प्रदेश के कर्मचारियों और पेंशनरों की वर्षों से लंबित आर्थिक मांगों को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर पूरा करने की मांग उठाई गई है। अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ, हिमाचल प्रदेश के पूर्व प्रांत महामंत्री डॉ. मामराज पुंडीर ने प्रदेश सरकार से कर्मचारियों और पेंशनरों के लंबित वित्तीय देयों के भुगतान के लिए स्पष्ट और समयबद्ध कार्ययोजना घोषित करने का आग्रह किया है।
डॉ. पुंडीर ने कहा कि प्रदेश के कर्मचारी और पेंशनर पिछले कई वर्षों से आर्थिक देयों के भुगतान का इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि कर्मचारियों को अभी तक 15 प्रतिशत महंगाई भत्ते (डीए) का लाभ नहीं मिला है। इसके अलावा जनवरी 2022 से लंबित डीए एरियर और 2016 के वेतन आयोग से जुड़े एरियर का भुगतान भी लंबित है।
कर्मचारियों पर आर्थिक बोझ का दावा
डॉ. पुंडीर ने कहा कि लंबित देयों के कारण प्रत्येक कर्मचारी का लगभग 10 से 15 लाख रुपये तक का भुगतान सरकार के पास बकाया होने का दावा किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि महंगाई के बीच कर्मचारियों को अपने परिवारों का खर्च चलाने के लिए आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने शिक्षकों के बोर्ड परीक्षाओं में लगाई गई ड्यूटी के लंबित मेहनताने, प्रशिक्षण कार्यक्रमों में भाग लेने वाले शिक्षकों के टीए-डीए और कर्मचारियों व शिक्षकों के मेडिकल बिलों का भुगतान भी जल्द करने की मांग की।
पेंशनरों के एरियर का मुद्दा भी उठाया
डॉ. पुंडीर ने कहा कि कई पेंशनर अपने वैध एरियर और अन्य वित्तीय लाभ प्राप्त किए बिना ही दुनिया से विदा हो चुके हैं। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि पेंशनरों को उनके जीवनकाल में उनके वैधानिक वित्तीय लाभ उपलब्ध कराए जाएं।
उन्होंने कहा कि केंद्र स्तर पर आगामी वेतनमान से संबंधित प्रक्रिया आगे बढ़ रही है, जबकि हिमाचल के कर्मचारियों और पेंशनरों को पिछले वेतन आयोग के लंबित लाभों का पूरा भुगतान अभी नहीं हुआ है।
स्वतंत्रता दिवस पर घोषणाओं की मांग
डॉ. पुंडीर ने मुख्यमंत्री से स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर कर्मचारियों और पेंशनरों के हित में कई घोषणाएं करने की मांग की। इनमें लंबित 15 प्रतिशत डीए की घोषणा, जनवरी 2022 से लंबित डीए एरियर का भुगतान, 2016 वेतन आयोग के बकाया एरियर का समयबद्ध निपटारा और शिक्षकों के बोर्ड परीक्षा ड्यूटी के मेहनताने का भुगतान शामिल है।
उन्होंने प्रशिक्षणों के लंबित टीए-डीए और मेडिकल बिलों का भुगतान करने, कर्मचारियों के लिए विशेष राहत पैकेज घोषित करने तथा कर्मचारियों और पेंशनरों के हितों की रक्षा के लिए स्पष्ट वित्तीय रोडमैप जारी करने की मांग भी रखी।
डॉ. पुंडीर ने कहा कि कर्मचारी प्रदेश की प्रशासनिक, शिक्षा, स्वास्थ्य और विकास व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। ऐसे में उनके वैधानिक वित्तीय लाभों का समय पर भुगतान करना सरकार की जिम्मेदारी है।
प्रमुख मांगें
लंबित 15 प्रतिशत डीए की तत्काल घोषणा
जनवरी 2022 से लंबित डीए एरियर का भुगतान
2016 वेतन आयोग के बकाया एरियर का समयबद्ध भुगतान
शिक्षकों के बोर्ड परीक्षा ड्यूटी के लंबित मेहनताने का भुगतान
लंबित टीए-डीए का निपटारा
कर्मचारियों और शिक्षकों के मेडिकल बिलों का भुगतान
कर्मचारियों के लिए विशेष राहत पैकेज
कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए स्पष्ट वित्तीय रोडमैप
आगामी वेतनमान को लेकर कर्मचारियों के हितों की सुरक्षा के लिए उच्चस्तरीय समिति का गठन





