स्पॉन्सरशिप व फोस्टर केयर के 61 नए मामलों को मंजूरी कुल्लू में बच्चों के संरक्षण एवं कल्याण को लेकर समिति की बैठक, 1097 पुराने मामलों की भी समीक्षा

29 अगस्त 2026 | खबर अभी अभी | कुल्लू

सुशांत शर्मा | कुल्लू। जिला में बच्चों के संरक्षण एवं कल्याण के लिए गठित स्पॉन्सरशिप एवं फोस्टर केयर अनुमोदन समिति की बैठक एडीएम सुरजीत सिंह राठौर की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में जरूरतमंद बच्चों को योजनाओं का लाभ उपलब्ध करवाने को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक में निराश्रित, अर्ध-निराश्रित, बाल शोषण से प्रभावित तथा बाल श्रम से मुक्त कराए गए 18 वर्ष तक की आयु के बच्चों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने और स्पॉन्सरशिप एवं फोस्टर केयर योजना के तहत आर्थिक सहायता उपलब्ध करवाने पर चर्चा हुई।

आनी से सबसे अधिक 22 मामले

बैठक के दौरान समिति के समक्ष विभिन्न विकास खंडों से प्राप्त 61 नए मामलों को मंजूरी प्रदान की गई। इनमें आनी से 22, निरमंड से 19, कुल्लू से 10, कटराईं से 9 और बंजार से 1 मामला शामिल है।

इसके अलावा बैठक में पहले से चल रहे 1097 मामलों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा भी की गई, ताकि पात्र बच्चों को मिल रही वित्तीय सहायता निरंतर जारी रह सके।

स्पॉन्सरशिप योजना के तहत मिलती है 4 हजार रुपये मासिक सहायता

बैठक में बताया गया कि स्पॉन्सरशिप योजना के तहत ऐसे बच्चों को आर्थिक सहायता दी जाती है, जो किसी संकट की स्थिति के कारण अपने जैविक माता-पिता, एकल माता-पिता अथवा विस्तारित परिवार जैसे नाना-नानी या दादा-दादी के साथ रह रहे हैं।

पात्र बच्चों को 4,000 रुपये प्रतिमाह की सहायता 18 वर्ष की आयु तक प्रदान की जाती है। यह सहायता आर्थिक रूप से अत्यंत कमजोर परिवारों, गंभीर बीमारी से पीड़ित माता-पिता वाले बच्चों तथा अकेली माता के साथ रह रहे बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य और पोषण संबंधी जरूरतों को पूरा करने में मदद करती है। सहायता राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजी जाती है।

फोस्टर केयर में भी 4 हजार रुपये प्रतिमाह सहायता

फोस्टर केयर योजना के तहत उन बच्चों को सहायता प्रदान की जाती है, जो अपने जैविक परिवार से दूर हैं और जिन्हें बाल कल्याण समिति द्वारा किसी योग्य गैर-रिश्तेदार परिवार की देखरेख में सौंपा गया है।

ऐसे बच्चों के पालन-पोषण के लिए फोस्टर माता-पिता को 4,000 रुपये प्रतिमाह की सहायता दी जाती है। यह सहायता बच्चे के 18 वर्ष की आयु पूरी करने अथवा उसके जैविक परिवार द्वारा उसे वापस लेने में सक्षम होने तक प्रदान की जाती है।

कोई पात्र बच्चा योजना के लाभ से वंचित न रहे

एडीएम सुरजीत सिंह राठौर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रभावित बच्चों और उनके परिवारों को स्वास्थ्य, शिक्षा एवं संपूर्ण विकास से जुड़ी आवश्यकताओं के लिए पूरक सहायता समयबद्ध तरीके से उपलब्ध करवाई जाए।

उन्होंने कहा कि जिले में कोई भी पात्र एवं जरूरतमंद बच्चा इन योजनाओं के लाभ से वंचित नहीं रहना चाहिए। अधिकारियों को बच्चों की जरूरतों की नियमित निगरानी करने और पात्र मामलों में आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।

बाल संरक्षण संस्थान के लिए भूमि चयन के निर्देश

बैठक में बाल संरक्षण संस्थान के भवन निर्माण के लिए उपयुक्त भूमि का चयन करने के भी निर्देश दिए गए। इसका उद्देश्य बच्चों के संरक्षण एवं कल्याण से जुड़ी सुविधाओं को जल्द सुदृढ़ करना है।

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