
30/7/2026
सोलन
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हिमाचल प्रदेश में पर्यावरण-अनुकूल और आत्मनिर्भर सार्वजनिक परिवहन सेवा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने 217 नई इलेक्ट्रिक बसों को विभिन्न डिपो के लिए रवाना किया है। इस नई खेप के शामिल होने के साथ ही हिमाचल पथ परिवहन निगम (HRTC) के बेड़े में इलेक्ट्रिक बसों की कुल संख्या बढ़कर 500 हो गई है।
पत्रकारों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल की प्राकृतिक सुंदरता और भौगोलिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार प्रदूषण रहित हरित ऊर्जा परिवहन पर विशेष जोर दे रही है।
मुख्य बिंदु
217 नई ई-बसें रवाना: प्रदेश के विभिन्न HRTC डिपो के लिए 217 इलेक्ट्रिक बसें भेजी गईं।
500 ई-बसों का बेड़ा: इस नई खेप के साथ HRTC के पास अब 500 इलेक्ट्रिक बसों का एक्टिव फ्लीट तैयार हो गया है।
प्रति किलोमीटर भारी बचत: स्टाफ खर्च सहित ई-बस की प्रति किलोमीटर संचालन लागत औसतन ₹36 आती है, जबकि डीजल बस पर यह खर्च ₹76 से ₹86 प्रति किलोमीटर है।
1,000 और ई-बसों को मंजूरी: HRTC बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने 1,000 अतिरिक्त इलेक्ट्रिक बसें खरीदने के प्रस्ताव को पास कर दिया है।
100 हाइड्रोजन बसें लाने का विचार: भविष्य की तकनीक को अपनाते हुए राज्य सरकार 100 हाइड्रोजन-संचालित बसें चलाने की योजना पर भी काम कर रही है।
डीजल बनाम इलेक्ट्रिक बस: HRTC को ₹40 से ₹50 प्रति किमी की बचत
इलेक्ट्रिक बसों के आर्थिक फायदों पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बताया कि ई-बसें राज्य को वित्तीय रूप से आत्मनिर्भर बनाने में अहम भूमिका निभाएंगी।





