नौणी विश्वविद्यालय में अनुदान कटौती से बढ़ी फीस वृद्धि की आशंका, छात्रों ने राज्यपाल से हस्तक्षेप की मांग

29/7/2026
सोलन
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डॉ. वाई.एस. परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी में राज्य सरकार की ओर से मिलने वाली वार्षिक अनुदान राशि में लगभग 8 प्रतिशत की कटौती किए जाने के बाद छात्रों में ट्यूशन फीस बढ़ने की आशंका गहरा गई है। इस मुद्दे को लेकर देवभूमि हिमाचल प्रदेश स्टूडेंट यूनियन ने राज्यपाल एवं विश्वविद्यालय के कुलाधिपति से हस्तक्षेप की मांग करते हुए ज्ञापन सौंपा है।

छात्र संगठन का कहना है कि अनुदान में कमी का सीधा असर विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गतिविधियों, अनुसंधान कार्यों, छात्र कल्याण योजनाओं और बुनियादी सुविधाओं पर पड़ सकता है। संगठन ने मांग की है कि सरकार विश्वविद्यालय को पर्याप्त वित्तीय सहायता उपलब्ध कराए तथा छात्रों को प्रभावित करने वाले किसी भी निर्णय से पहले छात्र प्रतिनिधियों से परामर्श किया जाए। छात्र नेताओं का कहना है कि विश्वविद्यालय में बड़ी संख्या में ऐसे विद्यार्थी अध्ययन कर रहे हैं जो किसान परिवारों या आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग से आते हैं और कई छात्रों ने शिक्षा ऋण लेकर पढ़ाई शुरू की है। ऐसे में यदि फीस बढ़ाई जाती है तो इसका सीधा बोझ छात्रों पर पड़ेगा।

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, विश्वविद्यालय को कुछ वर्ष पहले लगभग ₹121 करोड़ का अनुदान मिलता था, जबकि चालू वित्त वर्ष के लिए इसे घटाकर ₹109 करोड़ कर दिया गया है। यह पिछले वर्ष की तुलना में भी करीब ₹11 करोड़ कम है। दूसरी ओर, विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि वित्तीय चुनौतियों से निपटने के लिए आय बढ़ाने की व्यापक योजना तैयार की गई है, जो नीति आयोग के विज़न, आत्मनिर्भर भारत अभियान और केंद्र सरकार की नीतियों के अनुरूप है। हालांकि अभी तक विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से ट्यूशन फीस बढ़ाने की कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।

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