नशा तस्करों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी, मंडी पुलिस के प्रयास सराहनीय : अपूर्व देवगन*

3/8/2026
मंडी
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उपायुक्त अपूर्व देवगन की अध्यक्षता में सोमवार को पुलिस लाइन स्थित कामाक्षा हॉल में जिला स्तरीय नारकोटिक्स समन्वय केंद्र (एनकॉर्ड) समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में नशे के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान, एनडीपीएस अधिनियम के तहत की गई कार्रवाई, वित्तीय जांच तथा विभिन्न विभागों के बीच समन्वय की विस्तार से समीक्षा की गई।

बैठक की अध्यक्षता करते हुए उपायुक्त अपूर्व देवगन ने नशा तस्करों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई के लिए मंडी पुलिस की सराहना की। उन्होंने कहा कि जिले में नशे के कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस द्वारा लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है और यह अभियान आगे भी पूरी दृढ़ता के साथ जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल पुलिस की नहीं, बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी है और सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करना होगा।

उपायुक्त ने सभी विभागों को निर्देश दिए कि ‘अपना विद्यालय’ योजना के तहत गोद लिए गए विद्यालयों में नियमित रूप से जाकर विद्यार्थियों को नशीले पदार्थों के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करें। उन्होंने कहा कि युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए शिक्षा, खेल और रचनात्मक गतिविधियों को बढ़ावा देना आवश्यक है।

उन्होंने निर्देश दिए कि जिले की सभी रेड ग्राम पंचायतों में नशा निवारण समितियों की नियमित बैठकें आयोजित की जाएं तथा पुलिस, स्वास्थ्य, शिक्षा, समाज कल्याण, नगर निगम, नगर निकायों और पंचायतों के सहयोग से व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जाए। उन्होंने ड्रग्स फ्री हिमाचल ऐप का अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार करने तथा आम लोगों से इसे डाउनलोड करवाने के निर्देश भी दिए।

बैठक में ‘भांग उखाड़ो अभियान’ की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने अवैध भांग एवं अफीम की खेती की समयबद्ध पहचान कर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों से भी अपने क्षेत्रों में अवैध खेती एवं नशे से जुड़ी गतिविधियों की सूचना तत्काल पुलिस को उपलब्ध कराने का आग्रह किया।
बैठक में बताया गया कि 1 जनवरी से 31 जुलाई, 2026 तक जिला पुलिस ने एनडीपीएस अधिनियम के तहत 207 मामले दर्ज किए हैं तथा 323 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें अफीम व अफीम पौधा के 5, हेरोइन/चिट्टा के 68, चरस के 112, एमडीएमए एवं अन्य सिंथेटिक मादक पदार्थों के 9 तथा अवैध भांग एवं पोस्त की खेती से जुड़े 13 मामले शामिल हैं।

बैठक में वित्तीय जांच की समीक्षा के दौरान बताया गया कि 49 मामले लंबित हैं। वर्ष 2025-26 के दौरान 5 मामलों में आरोपियों की संपत्ति कुर्क की जा चुकी है, जबकि एक मामला संपत्ति कुर्की की प्रक्रिया में है।
पीआईटी-एनडीपीएस अधिनियम के तहत अब तक 34 मामले पुलिस मुख्यालय के माध्यम से सलाहकार बोर्ड को भेजे जा चुके हैं। वर्ष 2026 में अब तक 25 मामले पुलिस मुख्यालय भेजे गए हैं तथा 6 आरोपियों के विरुद्ध निरोधात्मक कार्रवाई (डिटेंशन) के आदेश जारी किए गए हैं।

बैठक में पिछली बैठक के निर्णयों की अनुपालना की समीक्षा भी की गई। उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विद्यालयों, पंचायतों एवं अन्य संस्थानों में नशा विरोधी जागरूकता गतिविधियां नियमित रूप से संचालित की जाएं तथा संदिग्ध नशीली गतिविधियों की सूचना तत्काल पुलिस विभाग को उपलब्ध करवाई जाए।

पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार ने बताया कि जुलाई माह के दौरान मंडी पुलिस ने नशा तस्करों के विरुद्ध दो महत्वपूर्ण कार्रवाई करते हुए बड़ी मात्रा में मादक पदार्थ बरामद किए हैं। उन्होंने बताया कि 17 जुलाई, 2026 को पुलिस थाना सदर मंडी में दर्ज एफआईआर संख्या 195/2026 के तहत नाके के दौरान तीन आरोपियों से 5.535 किलोग्राम चरस एवं 568 ग्राम अफीम बरामद की गई। वहीं 28 जुलाई, 2026 को पुलिस थाना सुंदरनगर में दर्ज एफआईआर संख्या 180/2026 के तहत नाके के दौरान दो आरोपियों के कब्जे से 143.180 ग्राम हेरोइन (चिट्टा) बरामद की गई। उन्होंने कहा कि मंडी पुलिस नशा तस्करों के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत लगातार अभियान चला रही है और भविष्य में भी ऐसे अभियान पूरी सख्ती के साथ जारी रहेंगे।

बैठक में नगर निगम मंडी के आयुक्त डॉ. मदन कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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