SHG उत्पादों को मिलेगा नया बाजार: हाईवे किनारे बनेंगे सेल आउट हट, आपदा प्रभावित पेयजल योजनाओं को प्रति योजना ₹2 लाख उपायुक्त अनुपम कश्यप ने ग्रामीण विकास व जल जीवन मिशन की समीक्षा बैठक में दिए निर्देश, लंबित योजनाओं पर जताई नाराजगी

5/8/2026
शिमला | खबर अभी अभी

जिला शिमला में स्वयं सहायता समूहों (SHG) के उत्पादों को स्थायी बाजार उपलब्ध कराने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में जिला प्रशासन ने अहम पहल की है। उपायुक्त अनुपम कश्यप ने निर्देश दिए हैं कि राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारे क्लस्टर स्तर पर प्री-फेब्रिकेटेड प्रोडक्ट सेल आउट हट स्थापित किए जाएं। इन हट के माध्यम से स्वयं सहायता समूह अपने स्थानीय उत्पादों की बिक्री कर सकेंगे, जिससे महिलाओं को स्वरोजगार के बेहतर अवसर मिलेंगे और जिला के पारंपरिक उत्पादों को व्यापक पहचान मिलेगी।

उपायुक्त ने बचत भवन में आयोजित ग्रामीण विकास विभाग एवं जल जीवन मिशन की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए अधिकारियों को इस योजना का विस्तृत प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक क्लस्टर अपने क्षेत्र के विशिष्ट उत्पादों की बिक्री करेगा और “ब्रांड शिमला” को राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने की दिशा में यह महत्वपूर्ण कदम होगा।

इन उत्पादों की होगी बिक्री

सेल आउट हट में शिमला के प्रसिद्ध स्थानीय उत्पाद जैसे सेब, सेब से बने जैम, जूस, स्क्वैश और सिरका, राजमा, लाल चावल, देसी घी, शहद, अचार, चटनी, बुरांश स्क्वैश, मशरूम उत्पाद, अखरोट, प्लम, खुबानी, स्थानीय दालें, ऊनी शॉल, टोपी, मफलर, हस्तनिर्मित ऊनी वस्त्र, बांस और लकड़ी के हस्तशिल्प सहित अन्य पारंपरिक उत्पाद उपलब्ध होंगे।

फूड वैन भी होंगी स्थापित

प्रत्येक सेल आउट हट के साथ फूड वैन भी स्थापित की जाएगी, जहां स्थानीय व्यंजन और पारंपरिक खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराए जाएंगे। सभी फूड वैन में FSSAI के मानकों का पालन सुनिश्चित किया जाएगा।

आपदा प्रभावित पेयजल योजनाओं को मिलेगी सहायता

बैठक में उपायुक्त ने कहा कि आपदा से क्षतिग्रस्त पेयजल योजनाओं की मरम्मत और जीर्णोद्धार के लिए राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के माध्यम से प्रति योजना 2 लाख रुपये जारी किए जाएंगे। उन्होंने जल शक्ति विभाग को निर्देश दिए कि तीन दिन के भीतर सभी आवश्यक दस्तावेजों सहित प्रस्ताव भेजे जाएं। केवल उन्हीं योजनाओं को बजट मिलेगा जिनकी क्षति रिपोर्ट राजस्व विभाग में दर्ज होगी।

जल जीवन मिशन की प्रगति

समीक्षा बैठक में बताया गया कि जिले में जल जीवन मिशन के तहत स्वीकृत 264 योजनाओं में से 203 पूरी हो चुकी हैं। वहीं 2,536 गांवों में से 1,699 गांवों को हर घर जल प्रमाण-पत्र जारी किया जा चुका है। जल सेवा आकलन का कार्य भी 95.50 प्रतिशत पूरा हो चुका है तथा 13 में से 10 विकास खंडों ने शत-प्रतिशत उपलब्धि हासिल कर ली है।

विकास योजनाओं में देरी पर नाराजगी

उपायुक्त ने लंबित विकास योजनाओं की धीमी प्रगति पर चिंता जताई। समीक्षा में सामने आया कि 31 मार्च 2025 तक 254 विकास योजनाएं शुरू ही नहीं हो सकीं, जबकि 179 योजनाएं पूरी होने के बावजूद उनके उपयोगिता प्रमाण पत्र (UC) संबंधित विभागों को नहीं भेजे गए हैं। अधिकारियों को लंबित योजनाएं जल्द शुरू करने और समयबद्ध तरीके से यूसी प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।

सांसद निधि की सैकड़ों योजनाएं अधूरी

बैठक में यह भी सामने आया कि लोकसभा सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास योजना (MPLADS) के तहत 351 योजनाएं तथा राज्यसभा सांसद निधि के तहत 123 योजनाएं अभी अधूरी हैं। उपायुक्त ने संबंधित विभागों को इन कार्यों में तेजी लाने और तय समय सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए।

NH किनारे बनेंगे सार्वजनिक शौचालय

स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारे सार्वजनिक शौचालय स्थापित किए जाएंगे। इसके लिए सभी बीडीओ को उपयुक्त स्थानों की पहचान कर प्रस्ताव भेजने को कहा गया है। निर्माण के लिए आवश्यक बजट जिला प्रशासन उपलब्ध कराएगा।

BPL परिवारों की e-KYC में तेजी

जिले में बीपीएल परिवारों की e-KYC प्रक्रिया भी तेज़ी से चल रही है। अब तक 2,751 परिवारों में से 2,358 परिवारों की e-KYC पूरी हो चुकी है, जबकि 393 परिवारों का सत्यापन शेष है। उपायुक्त ने शेष कार्य भी जल्द पूरा करने के निर्देश दिए।

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