
शिमला | 13 अगस्त 2026
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धर्मशाला से भाजपा विधायक एवं वरिष्ठ भाजपा नेता सुधीर शर्मा ने हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर कर्मचारियों, युवाओं और आम जनता से जुड़े मुद्दों की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। 13 अगस्त को जारी बयान में उन्होंने कहा कि चुनाव से पहले किए गए वादों और सत्ता में आने के बाद सरकार के कामकाज में बड़ा अंतर दिखाई दे रहा है।
सुधीर शर्मा ने कहा कि जिस ‘व्यवस्था परिवर्तन’ का दावा कांग्रेस ने चुनाव के दौरान किया था, वह अब कथित तौर पर वादाखिलाफी, वित्तीय अव्यवस्था और कर्मचारियों की अनदेखी में बदल गया है।
कोरोना वॉरियर्स को हटाने का मुद्दा उठाया
सुधीर शर्मा ने कोरोना महामारी के दौरान सेवाएं देने वाले कर्मचारियों का मुद्दा उठाते हुए कहा कि जिन कोरोना वॉरियर्स ने संकट के समय अपनी जान जोखिम में डालकर प्रदेश की सेवा की, उन्हें बाद में नौकरी से बाहर कर दिया गया। उन्होंने इसे सरकार की संवेदनहीनता बताया।
उन्होंने कहा कि चुनाव से पहले युवाओं को सरकारी रोजगार और 58 वर्ष तक रोजगार उपलब्ध करवाने जैसे वादे किए गए थे, लेकिन सत्ता में आने के बाद युवा रोजगार के इंतजार में हैं।
सुधीर शर्मा ने विभिन्न ‘मित्र’ श्रेणियों में हुई नियुक्तियों को लेकर भी सवाल उठाए और आरोप लगाया कि इनमें राजनीतिक लाभ और भाई-भतीजावाद की चर्चाएं सामने आती रही हैं।
‘कर्मचारियों की आवाज दबाने का प्रयास क्यों?’
भाजपा नेता ने कर्मचारियों के मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांगें उठाने वाले कर्मचारियों के खिलाफ विशेषाधिकार हनन जैसी कार्रवाई करना उचित नहीं है।
उन्होंने कहा कि कर्मचारी प्रदेश की प्रशासनिक व्यवस्था की रीढ़ हैं और उन्हें अपनी समस्याएं उठाने का पूरा अधिकार है। सुधीर शर्मा ने आरोप लगाया कि कर्मचारियों की समस्याओं को सुनने के बजाय उनकी आवाज दबाने का प्रयास किया जा रहा है।
HRTC कर्मचारियों के वेतन और ओवरटाइम का मुद्दा
सुधीर शर्मा ने हिमाचल पथ परिवहन निगम (HRTC) के कर्मचारियों की समस्याओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि कर्मचारी लगातार अपनी सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन समय पर वेतन, ओवरटाइम के भुगतान और पेंशन में देरी से उनकी आर्थिक परेशानियां बढ़ रही हैं।
उन्होंने सरकार से सवाल किया कि यदि कर्मचारियों को उनकी मेहनत की कमाई समय पर नहीं मिल रही है तो सरकार की वित्तीय स्थिति को लेकर किए जा रहे दावों की वास्तविकता क्या है।
OPS पर श्वेत पत्र जारी करने की मांग
सुधीर शर्मा ने पुरानी पेंशन योजना (OPS) को लेकर भी सरकार से श्वेत पत्र जारी करने की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि सरकार OPS लागू करने के अपने दावे पर कायम है तो प्रदेश की जनता के सामने इसके आंकड़े रखे जाने चाहिए।
उन्होंने सरकार से पूछा कि कितने कर्मचारियों को OPS का लाभ मिला है, कितने कर्मचारी अभी इसके दायरे से बाहर हैं और कर्मचारियों को वास्तविक वित्तीय लाभ कितना मिला है।
सुधीर शर्मा ने कहा कि केवल राजनीतिक बयान देने से OPS लागू होने का दावा साबित नहीं होता, बल्कि इसका वास्तविक लाभ कर्मचारियों को मिलना चाहिए।
पेंशनरों और सेवानिवृत्त कर्मचारियों के भुगतान का मुद्दा
भाजपा विधायक ने पेंशनरों और सेवानिवृत्त कर्मचारियों की लंबित वित्तीय देनदारियों पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि जिन कर्मचारियों ने अपना पूरा जीवन प्रदेश की सेवा में लगाया, उन्हें अपनी ही मेहनत की कमाई के भुगतान के लिए इंतजार करना पड़ रहा है।
उन्होंने दावा किया कि कई कर्मचारियों की लाखों रुपये की राशि लंबित है और कुछ कर्मचारी भुगतान की प्रतीक्षा करते हुए दुनिया से विदा हो चुके हैं।
DA और वेतन आयोग के एरियर पर भी सरकार से जवाब मांगा
सुधीर शर्मा ने कर्मचारियों के लंबित 15 प्रतिशत महंगाई भत्ते (DA) और वेतन आयोग के एरियर का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों के बकाया भुगतान को लेकर सरकार को स्पष्ट स्थिति सामने रखनी चाहिए।
उन्होंने कर्मचारियों के चिकित्सा दावों और मंत्रियों एवं विधायकों के इलाज से जुड़े भुगतान को लेकर भी सरकार से समान नीति स्पष्ट करने की मांग की।
‘अब जनता को भाषण नहीं, हिसाब चाहिए’
सुधीर शर्मा ने कहा कि चुनाव के दौरान रोजगार, OPS और कर्मचारियों के हितों को लेकर किए गए वादों का अब जनता हिसाब मांग रही है।
उन्होंने कहा कि कोरोना वॉरियर्स के रोजगार, युवाओं की सरकारी नौकरियों, HRTC कर्मचारियों के वेतन, पेंशनरों की समस्याओं, सेवानिवृत्त कर्मचारियों की लंबित राशि, DA और वेतन आयोग के एरियर सहित सभी मुद्दों पर सरकार को जवाब देना चाहिए।
उन्होंने सरकार से मांग की कि राजनीतिक बयानों के बजाय श्वेत पत्र जारी कर प्रदेश की वित्तीय स्थिति और कर्मचारियों से जुड़ी लंबित देनदारियों का पूरा विवरण जनता के सामने रखा जाए।





