
8 सितंबर 2026 | खबर अभी अभी | सोलन

हिमाचल प्रदेश राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष विद्या नेगी ने कहा कि महिलाओं का सामाजिक, आर्थिक एवं राजनीतिक सशक्तिकरण सुनिश्चित करना समय की आवश्यकता है। महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ उन्हें सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण उपलब्ध करवाना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।
विद्या नेगी आज सोलन स्थित सखी वन स्टॉप सेंटर (ओएससी) में हिमाचल प्रदेश राज्य महिला आयोग एवं राष्ट्रीय महिला आयोग के सहयोग से आयोजित एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में उपस्थित प्रतिभागियों को संबोधित कर रही थीं।
संकट की स्थिति में महिलाओं को एक ही छत के नीचे मिलती है सहायता
उन्होंने कहा कि सखी वन स्टॉप सेंटर संकट की परिस्थितियों में महिलाओं को आवश्यक सहायता, परामर्श और अन्य सेवाएं उपलब्ध करवाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रमों से अधिकारियों एवं कर्मचारियों की कार्यक्षमता बढ़ती है और वे पीड़ित महिलाओं को अधिक संवेदनशीलता एवं प्रभावी तरीके से सहायता प्रदान कर सकते हैं।
महिला आयोग की अध्यक्ष ने प्रशिक्षण में उपस्थित प्रतिनिधियों के साथ संवाद भी किया तथा उनके अनुभवों, कार्यों और समस्याओं की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि महिलाओं से जुड़े मामलों के प्रभावी समाधान के लिए सभी संबंधित विभागों एवं संस्थाओं के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है।
उन्होंने बताया कि सखी वन स्टॉप सेंटर का मुख्य उद्देश्य निजी और सार्वजनिक स्थानों पर हिंसा अथवा संकट से प्रभावित महिलाओं एवं बालिकाओं को एक ही छत के नीचे एकीकृत सहायता उपलब्ध करवाना है। यहां पीड़ित महिलाओं को आवश्यकता के अनुसार चिकित्सा, कानूनी सहायता, मनोवैज्ञानिक परामर्श और पुलिस सहायता जैसी सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाती हैं।
महिलाओं को पैतृक संपत्ति के अधिकार की जानकारी
विद्या नेगी ने प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान महिलाओं को पैतृक संपत्ति के अधिकार सहित विभिन्न महिला अधिकारों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार महिलाओं के सशक्तिकरण एवं उत्थान के लिए विभिन्न कल्याणकारी योजनाएं संचालित कर रही है।
उन्होंने प्रतिभागियों से इन योजनाओं का लाभ उठाने तथा पात्र महिलाओं तक योजनाओं की जानकारी पहुंचाने का आग्रह किया।
विशेषज्ञों ने महिला सुरक्षा और कानूनों की दी जानकारी
हिमाचल प्रदेश राज्य महिला आयोग की सदस्य रीना पंडिर, रीना डरोच और सरोज शर्मा ने महिला अधिकार, महिला सुरक्षा, घरेलू हिंसा, लैंगिक संवेदनशीलता, परामर्श प्रक्रिया तथा वन स्टॉप सेंटर की कार्यप्रणाली सहित विभिन्न विषयों पर जानकारी प्रदान की।
उप पुलिस अधीक्षक अशोक चौहान ने महिलाओं के खिलाफ अपराध और उनकी सुरक्षा विषय पर जानकारी दी। बाल विकास परियोजना अधिकारी सोलन कविता गौतम ने वन स्टॉप सेंटर की कार्यप्रणाली के बारे में बताया।
डॉ. वीणा और डॉ. वैशाली ने मानसिक स्वास्थ्य एवं स्व-देखभाल, जिसमें बर्नआउट की रोकथाम, तनाव प्रबंधन और भावनात्मक लचीलापन शामिल है, पर जानकारी दी। विधि अधिकारी यशपाल शर्मा ने घरेलू हिंसा अधिनियम, पीओसीएसओ, बीएनएस, एचपीएससीडब्ल्यू के प्रावधानों तथा अन्य महिला संबंधी कानूनों के बारे में विस्तार से बताया।
प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों ने विशेषज्ञों के साथ संवाद करते हुए अपने कार्यक्षेत्र से संबंधित विभिन्न प्रश्न पूछे और उनके उत्तर प्राप्त किए।
कार्यक्रम में जिला कार्यक्रम अधिकारी डॉ. पदम देव शर्मा, महिला आयोग की वरिष्ठ सहायक राधिका, सोनिया, विनय और सागर सहित सोलन, ऊना, किन्नौर, सिरमौर, शिमला और बिलासपुर जिलों के करीब 50 प्रतिभागियों ने भाग लिया।





