
14 सितंबर 2026 | खबर अभी अभी | शिमला

शिमला। भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष एवं विधायक विनोद कुमार ने हिमाचल प्रदेश में रोबोटिक सर्जरी नेटवर्क स्थापित करने की प्रक्रिया को लेकर कांग्रेस सरकार पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं के नाम पर रोबोटिक सर्जरी कहीं “कांग्रेस संरक्षित भ्रष्टाचार का नया एपिसेंटर” तो नहीं बन रही है। उन्होंने सरकार से रोबोटिक सर्जरी मशीनों की खरीद, कीमत, टेंडर प्रक्रिया, तकनीकी मानकों और रखरखाव से जुड़ी पूरी जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की।
विनोद कुमार ने कहा कि भाजपा आधुनिक चिकित्सा तकनीक और प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में रोबोटिक सर्जरी जैसी सुविधाओं के विस्तार का स्वागत करती है। उनका कहना है कि सवाल तकनीक का नहीं, बल्कि सरकारी धन के पारदर्शी और न्यायसंगत उपयोग का है।
उन्होंने कहा कि अलग-अलग रोबोटिक सर्जरी प्रणालियों की कीमतों में बड़ा अंतर हो सकता है। ऐसे में सरकार केवल कुल खरीद मूल्य बताकर अपनी जिम्मेदारी से नहीं बच सकती। सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि किस कंपनी की कौन-सी प्रणाली, किन तकनीकी मानकों के साथ और कितनी कीमत पर खरीदी या प्रस्तावित की गई है। साथ ही तुलनीय मशीनों की अन्य राज्यों या संस्थानों में खरीद कीमत की जानकारी भी सार्वजनिक की जानी चाहिए।
विनोद कुमार ने कहा कि जब मामला जनता के टैक्स के करोड़ों रुपये का है तो प्रत्येक रुपये का हिसाब सार्वजनिक होना चाहिए। यदि सरकार की खरीद प्रक्रिया पारदर्शी है तो खरीद मूल्य, प्रतिस्पर्धी बोलियां, तकनीकी मूल्यांकन और चयन का आधार सार्वजनिक करने में परेशानी नहीं होनी चाहिए।
मशीन की कीमत नहीं, पूरी लाइफ-साइकिल कॉस्ट बताए सरकार
भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष ने कहा कि रोबोटिक सर्जरी सिस्टम में केवल मशीन की खरीद ही खर्च नहीं है। इसके साथ वार्षिक रखरखाव, सॉफ्टवेयर, उपकरणों के उपयोग की सीमा, प्रत्येक ऑपरेशन में इस्तेमाल होने वाले consumables, प्रशिक्षण और अन्य recurring costs भी जुड़े होते हैं।
उन्होंने सरकार से मांग की कि प्रत्येक मशीन पर अगले पांच से दस वर्षों में होने वाले कुल अनुमानित खर्च का विवरण सार्वजनिक किया जाए। साथ ही यह भी बताया जाए कि खरीद से पहले स्वतंत्र cost-benefit analysis किया गया या नहीं, प्रत्येक संस्थान में सालाना कितनी रोबोटिक सर्जरी होने का अनुमान है और प्रति ऑपरेशन अनुमानित लागत कितनी होगी।
उन्होंने कहा कि यदि करोड़ों रुपये की मशीनें स्थापित होने के बाद पर्याप्त प्रशिक्षित सर्जन, तकनीकी स्टाफ और ऑपरेशन वॉल्यूम उपलब्ध नहीं हुआ तो महंगी मशीनें अस्पतालों में केवल शोपीस बनकर रह सकती हैं।
टेंडर में कितनी कंपनियां आईं, चयन का आधार भी बताए सरकार
विनोद कुमार ने मांग की कि रोबोटिक सर्जरी परियोजना की पूरी टेंडर और मूल्यांकन प्रक्रिया सार्वजनिक डोमेन में रखी जाए। उन्होंने पूछा कि कितनी कंपनियों ने आवेदन किया, कितनी तकनीकी रूप से योग्य पाई गईं, किसकी वित्तीय बोली कितनी थी और अंतिम कंपनी का चयन किन मानकों के आधार पर किया गया।
उन्होंने कहा कि तकनीकी स्पेसिफिकेशन इस तरह नहीं बनाए जाने चाहिए, जिससे प्रतिस्पर्धा सीमित हो या किसी एक कंपनी अथवा उत्पाद को अनुचित लाभ मिले। उन्होंने स्वतंत्र विशेषज्ञों से पूरी खरीद प्रक्रिया की समीक्षा कराने की भी मांग की।
पहले डॉक्टर, स्टाफ और बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित करे सरकार
विनोद कुमार ने कहा कि अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाएं प्रदेश में आनी चाहिए, लेकिन सरकार को यह भी स्पष्ट करना चाहिए कि जिन अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में रोबोटिक सर्जरी शुरू करने की योजना है, वहां विशेषज्ञ डॉक्टर, एनेस्थीसिया टीम, प्रशिक्षित नर्सिंग एवं तकनीकी स्टाफ तथा ऑपरेशन थिएटर सपोर्ट पर्याप्त है या नहीं।
उन्होंने कहा कि केवल करोड़ों रुपये की मशीन खरीद लेने से स्वास्थ्य व्यवस्था आधुनिक नहीं होती। मशीन चलाने के लिए विशेषज्ञ, मरीजों के लिए समय पर ऑपरेशन और ऐसी व्यवस्था जरूरी है, जिससे गरीब व्यक्ति भी इस सुविधा का लाभ उठा सके।
रोबोटिक सर्जरी का स्वागत, लेकिन पारदर्शिता पर भाजपा चुप नहीं बैठेगी
विनोद कुमार ने कहा कि भाजपा हिमाचल में आधुनिक रोबोटिक सर्जरी नेटवर्क विकसित करने के खिलाफ नहीं है। यदि तकनीक चिकित्सा आवश्यकता, पारदर्शी खरीद और उचित लागत के आधार पर लाई जाती है तो इससे प्रदेश के मरीजों को लाभ मिल सकता है। लेकिन यदि कीमतों में असामान्य अंतर, सीमित प्रतिस्पर्धा अथवा सरकारी धन के दुरुपयोग का मामला सामने आता है तो भाजपा इसे मजबूती से उठाएगी।
उन्होंने सरकार से रोबोटिक सर्जरी परियोजना से संबंधित टेंडर दस्तावेज, तुलनात्मक मूल्य विवरण, तकनीकी मूल्यांकन, खरीद मूल्य, वारंटी, AMC/CMC, consumables की अनुमानित लागत और प्रशिक्षण व्यवस्था सार्वजनिक करने की मांग की। साथ ही आवश्यकता पड़ने पर पूरी प्रक्रिया की स्वतंत्र जांच कराने को कहा।
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवा जनता की आवश्यकता है और इसे किसी भी प्रकार की अपारदर्शी खरीद का माध्यम नहीं बनाया जाना चाहिए। भाजपा आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के साथ खड़ी है, लेकिन प्रदेश के खजाने के एक-एक रुपये की जवाबदेही सुनिश्चित करवाएगी।





