निर्वाचन विभाग के बाहर सरकारी संपत्ति को नुकसान के आरोप गंभीर, निष्पक्ष जांच और कार्रवाई हो : सुधीर शर्मा

25 सितंबर 2026 | खबर अभी अभी | शिमला।

भाजपा नेता एवं विधायक सुधीर शर्मा ने कसुम्पटी स्थित निर्वाचन विभाग कार्यालय के बाहर कांग्रेस के प्रदर्शन को लेकर कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण विरोध प्रत्येक राजनीतिक दल का अधिकार है, लेकिन सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाना, सरकारी कर्मचारियों के काम में बाधा डालना अथवा हिंसा या आगजनी की धमकी देना कानून के दायरे में आता है।

कसुम्पटी स्थित निर्वाचन विभाग कार्यालय के बाहर शुक्रवार को कांग्रेस ने मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली के विरोध में प्रदर्शन किया। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार प्रदर्शन के दौरान कार्यालय की दीवारों और बोर्ड पर ‘वोट चोर’ जैसे नारे लिखे गए तथा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला फूंका गया। प्रदर्शन के दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की की भी रिपोर्ट सामने आई है।

सुधीर शर्मा ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पुलिसकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की और अभद्र व्यवहार किया, सरकारी वाहन को नुकसान पहुंचाया तथा सरकारी कार्यालय में आग लगाने की धमकी दी। उन्होंने कहा कि इन आरोपों की वीडियो फुटेज, सीसीटीवी रिकॉर्डिंग और प्रत्यक्षदर्शियों के आधार पर निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और यदि अपराध के पर्याप्त तत्व सामने आते हैं तो कानून के अनुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।

उन्होंने कहा कि सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने या सरकारी कर्मचारियों के काम में बाधा डालने के मामलों में राजनीतिक पहचान के आधार पर अलग-अलग मापदंड नहीं होने चाहिए।

सुधीर शर्मा ने कहा कि यदि किसी सरकारी वाहन या अन्य संपत्ति को नुकसान पहुंचा है तो उसकी जांच कर क्षति का आकलन किया जाना चाहिए और जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए। उन्होंने प्रशासन से प्रदर्शन के दौरान पुलिस तैनाती, सुरक्षा व्यवस्था और अधिकारियों की भूमिका की भी समीक्षा करने की मांग की।

उन्होंने कहा कि SIR और निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर कांग्रेस को आपत्ति है तो वह अपने तथ्य, दस्तावेज और कानूनी तर्क संबंधित संवैधानिक एवं वैधानिक मंचों पर रख सकती है। उन्होंने कहा कि असहमति और विरोध लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा हैं, लेकिन सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा और कानून का पालन भी आवश्यक है।

सुधीर शर्मा ने कहा कि प्रशासन को 25 सितंबर की घटना से संबंधित सीसीटीवी फुटेज और वीडियो रिकॉर्ड सुरक्षित करने चाहिए। साथ ही कथित रूप से क्षतिग्रस्त सरकारी संपत्ति का आकलन कर उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस हिमाचल प्रदेश में सत्तारूढ़ दल है, इसलिए उसके नेताओं और कार्यकर्ताओं से भी कानून के पालन की अपेक्षा की जाती है। उन्होंने प्रशासन से किसी भी मामले में राजनीतिक भेदभाव के बजाय समान कानूनी प्रक्रिया अपनाने की मांग की।

कसुम्पटी में कांग्रेस का प्रदर्शन पहले से घोषित कार्यक्रम था। कांग्रेस ने 25 सितंबर को निर्वाचन विभाग कार्यालय के बाहर SIR के विरोध में प्रदर्शन की घोषणा की थी, जिसमें प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार, पार्टी प्रभारी रजनी पाटिल और अन्य वरिष्ठ नेताओं की भागीदारी प्रस्तावित थी।

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