
17 अगस्त 2026 | खबर अभी-अभी
शिमला


ई20 (E20) मिश्रित पेट्रोल नीति के विरोध में आम आदमी पार्टी (AAP) ने सोमवार को शिमला के टाउनहॉल में जनसभा आयोजित की। कार्यक्रम में हिमाचल प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से वाहन मालिक और आम लोग पहुंचे। पार्टी के अनुसार, बड़ी संख्या में लोगों ने ऑनलाइन माध्यम से भी कार्यक्रम को लाइव देखा।
कार्यक्रम में आम आदमी पार्टी के हिमाचल प्रदेश प्रभारी ऋतुराज गोविंद झा ने लोगों की समस्याएं सुनीं और ई20 पेट्रोल के इस्तेमाल को लेकर उनके अनुभवों पर चर्चा की। उन्होंने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि ई20 नीति को लागू किए जाने से वाहन मालिकों को तकनीकी समस्याओं, माइलेज में कमी और अतिरिक्त आर्थिक बोझ का सामना करना पड़ रहा है।
वाहन मालिकों ने साझा किए अनुभव
टाउनहॉल में पहुंचे लोगों ने ई20 पेट्रोल के इस्तेमाल के बाद वाहनों में सामने आई कथित तकनीकी समस्याओं और नुकसान से जुड़े अपने अनुभव साझा किए। वाहन मालिकों ने ईंधन की गुणवत्ता, वाहनों के प्रदर्शन और रखरखाव से जुड़ी अपनी चिंताएं पार्टी नेताओं के सामने रखीं।
AAP नेताओं ने कहा कि ई20 पेट्रोल को लेकर उपभोक्ताओं के बीच कई सवाल हैं और इनका स्पष्ट जवाब दिया जाना जरूरी है। पार्टी ने मांग की कि उपभोक्ताओं को ई20 के साथ वैकल्पिक ईंधन का विकल्प उपलब्ध कराया जाए।
पार्टी ने यह भी मांग उठाई कि ई20 नीति से जुड़े वैज्ञानिक और तकनीकी तथ्यों को सार्वजनिक किया जाए, ताकि वाहन मालिक इसके प्रभावों को लेकर सही जानकारी के आधार पर निर्णय ले सकें।
देशभर में अभियान चलाने का ऐलान
आम आदमी पार्टी ने कहा कि ई20 के खिलाफ उसका अभियान केवल शिमला तक सीमित नहीं रहेगा। पार्टी के अनुसार, देश के अलग-अलग हिस्सों में टाउनहॉल और जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर लोगों को ई20 नीति से जुड़े मुद्दों के बारे में जानकारी दी जाएगी।
ऋतुराज गोविंद झा ने कहा कि यदि सरकार ने उपभोक्ताओं की चिंताओं को दूर करने के लिए नीति में आवश्यक बदलाव नहीं किए, तो पार्टी इस मुद्दे को लेकर आंदोलन को और तेज करेगी।
AAP नेताओं ने कहा कि ईंधन नीति से जुड़े फैसलों का सीधा असर देशभर के वाहन मालिकों और आम उपभोक्ताओं पर पड़ता है। ऐसे में सरकार को नीति लागू करने के साथ-साथ उपभोक्ताओं की समस्याओं और उनके हितों को भी प्राथमिकता देनी चाहिए।
पार्टी ने टाउनहॉल कार्यक्रम के माध्यम से ई20 नीति को लेकर जनता की चिंताओं को सामने लाने और इस मुद्दे पर व्यापक जनबहस शुरू करने का दावा किया।





