
16 सितंबर 2026 | खबर अभी अभी | शिमला

शिमला। केंद्र सरकार द्वारा कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के लिए वेतन सीमा 15,000 रुपये से बढ़ाकर 25,000 रुपये करने के फैसले का भारतीय मजदूर संघ (BMS), हिमाचल प्रदेश ने स्वागत किया है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने यह बदलाव मंजूर किया है, जिससे 15,000 से 25,000 रुपये मासिक वेतन वर्ग के 51 लाख से अधिक अतिरिक्त कर्मचारियों के EPFO के दायरे में आने की बात कही गई है। यह बदलाव 17 सितंबर 2026 से प्रभावी होने की जानकारी सामने आई है।
भारतीय मजदूर संघ के प्रदेश अध्यक्ष मदन राणा, महामंत्री यशपाल हेटा, उप महामंत्री देवीदत्त तनवर, कोषाध्यक्ष अमित चंद डोगरा, उपाध्यक्ष दिनेश शर्मा, रमेश राणा, सुषमा शर्मा, सचिव नेकराम, नरेश ठाकुर, सुमना और राजू भारद्वाज ने संयुक्त बयान में केंद्र सरकार के निर्णय का स्वागत किया।
BMS नेताओं ने कहा कि वेतन सीमा बढ़ाने की मांग लंबे समय से संघ की प्रमुख मांगों में शामिल रही है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 में EPFO की वेतन सीमा 6,500 रुपये से बढ़ाकर 15,000 रुपये की गई थी। अब इसे 25,000 रुपये किए जाने से अधिक वेतन पाने वाले ऐसे कर्मचारियों को अनिवार्य सामाजिक सुरक्षा कवरेज मिल सकेगा, जो पहले इस सीमा से बाहर थे।
रिपोर्टों के अनुसार, नई सीमा से 15,000 से 25,000 रुपये वेतन वर्ग के 51 लाख से अधिक अतिरिक्त कर्मचारियों को EPFO कवरेज मिलने की उम्मीद है। इसके तहत पात्र कर्मचारियों को EPF बचत, पेंशन और EDLI बीमा जैसी सामाजिक सुरक्षा सुविधाओं का लाभ मिलेगा।
हिमाचल के औद्योगिक क्षेत्रों के श्रमिकों को लाभ का दावा
BMS नेताओं ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में इस निर्णय का लाभ औद्योगिक क्षेत्रों में कार्यरत कई श्रमिकों को मिल सकता है। उन्होंने बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़, परवाणू, कालाअंब, पांवटा साहिब, मैहतपुर, टाहलीवाल, गगरेट और पंडोगा सहित विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों तथा सीमेंट उद्योग में 18 से 24 हजार रुपये वेतन पर कार्यरत श्रमिकों का उल्लेख किया।
संघ नेताओं के अनुसार, वेतन सीमा बढ़ने से ऐसे श्रमिकों के लिए भविष्य की बचत, पेंशन और बीमा सुरक्षा का दायरा बढ़ेगा। BMS ने केंद्र सरकार के इस फैसले के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार का आभार व्यक्त किया।





