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नई दिल्ली।
कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) खाताधारकों के लिए अच्छी खबर है। केंद्र सरकार ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए पीएफ जमा पर 8.25 प्रतिशत ब्याज दर को मंजूरी दे दी है। इसके बाद देशभर के करोड़ों कर्मचारियों के पीएफ खातों में ब्याज की राशि जमा होने का रास्ता साफ हो गया है।
ईपीएफओ (EPFO) हर साल कर्मचारियों के पीएफ खाते में जमा राशि पर ब्याज देता है। ब्याज दर का निर्धारण ईपीएफओ के केंद्रीय न्यासी बोर्ड (CBT) की सिफारिश के आधार पर किया जाता है, जिसे बाद में केंद्र सरकार की मंजूरी मिलती है। इस बार भी सरकार ने 8.25 प्रतिशत ब्याज दर को हरी झंडी दे दी है।
कब आएगा पीएफ का ब्याज?
सरकार की मंजूरी मिलने के बाद अब ईपीएफओ जल्द ही खातों में ब्याज की राशि ट्रांसफर करने की प्रक्रिया शुरू करेगा। रिपोर्ट्स के अनुसार, पीएफ खाताधारकों के खातों में ब्याज की राशि जून महीने के दौरान या इसके बाद जल्द जमा की जा सकती है। हालांकि, ईपीएफओ की ओर से अभी कोई आधिकारिक तारीख घोषित नहीं की गई है।
कैसे होती है ब्याज की गणना?
पीएफ खाते में जमा राशि पर ब्याज की गणना हर महीने के अंत में उपलब्ध बैलेंस के आधार पर की जाती है। हालांकि, यह ब्याज पूरे साल का एकमुश्त खाते में क्रेडिट किया जाता है। इससे कर्मचारियों की बचत में अच्छी बढ़ोतरी होती है और रिटायरमेंट फंड मजबूत बनता है।
ऐसे चेक करें ब्याज आया या नहीं
यदि आप जानना चाहते हैं कि आपके पीएफ खाते में ब्याज जमा हुआ है या नहीं, तो इसके लिए EPFO की पासबुक सुविधा का उपयोग कर सकते हैं।
स्टेप-1:
EPFO की पासबुक वेबसाइट passbook.epfindia.gov.in पर जाएं।
स्टेप-2:
अपने UAN नंबर, पासवर्ड और कैप्चा की मदद से लॉगिन करें।
स्टेप-3:
लॉगिन करने के बाद Passbook विकल्प पर क्लिक करें।
स्टेप-4:
यहां आपकी पीएफ पासबुक खुल जाएगी, जिसमें आप देख सकते हैं कि आपके खाते में ब्याज कब और कितनी राशि के रूप में जमा हुआ है।
करोड़ों कर्मचारियों को होगा फायदा
8.25 प्रतिशत ब्याज दर बरकरार रहने से देश के करोड़ों पीएफ खाताधारकों को फायदा मिलेगा। यह ब्याज कर्मचारियों की दीर्घकालिक बचत को बढ़ाने और भविष्य को आर्थिक रूप से सुरक्षित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।





