
14 सितंबर 2026 | खबर अभी अभी | सुंदरनगर, मंडी

सुंदरनगर। आर्थिक मुश्किलों के बीच जरूरतमंद परिवारों के बच्चों की पढ़ाई जारी रखने में इंदिरा गांधी सुख शिक्षा योजना महत्वपूर्ण सहारा बन रही है। सुंदरनगर के अंबेडकर वार्ड की भावना देवी के लिए यह योजना उनके दो बच्चों की शिक्षा और पालन-पोषण में मददगार साबित हो रही है।
गृहिणी और एकल माता के रूप में परिवार की जिम्मेदारियां संभाल रहीं भावना देवी के लिए सीमित आर्थिक संसाधनों में बच्चों की पढ़ाई और अन्य जरूरतें पूरी करना चुनौतीपूर्ण था। उनका बेटा आर्यन छठी कक्षा और बेटी आयशा आठवीं कक्षा में पढ़ रही है।
भावना देवी के अनुसार उन्हें वर्ष 2024 में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के माध्यम से योजना की जानकारी मिली थी। आवेदन करने के बाद उसी वर्ष से उन्हें योजना का लाभ मिलना शुरू हो गया। योजना के तहत उनके दोनों बच्चों की शिक्षा के लिए एक-एक हजार रुपये प्रतिमाह की आर्थिक सहायता मिल रही है।
भावना देवी ने कहा कि नियमित आर्थिक सहायता मिलने से बच्चों की पढ़ाई और पालन-पोषण से जुड़ी परेशानियां काफी कम हुई हैं। उन्होंने प्रदेश सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस तरह की योजनाएं जरूरतमंद परिवारों को बच्चों की पढ़ाई जारी रखने का भरोसा देती हैं।
सुंदरनगर में 435 बच्चों को मिला लाभ
बाल विकास परियोजना अधिकारी सुंदरनगर पूनम चौहान ने बताया कि वर्ष 2026-27 में इंदिरा गांधी सुख शिक्षा योजना के लिए 53.53 लाख रुपये की सहायता राशि स्वीकृत की गई है। इससे सुंदरनगर क्षेत्र में कुल 435 बच्चे लाभान्वित हुए हैं।
इनमें 402 बच्चों को 1000 रुपये प्रतिमाह की सहायता दी जा रही है, जबकि 33 बच्चों को उच्च शिक्षा के लिए सहायता प्रदान की जा रही है।
18 वर्ष तक हर माह 1000 रुपये की सहायता
योजना के तहत पात्र बच्चों को 18 वर्ष की आयु तक शिक्षा, स्वास्थ्य और पोषण संबंधी जरूरतों के लिए 1000 रुपये प्रतिमाह की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। नियमित सहायता से परिवारों को बच्चों की शिक्षा से जुड़े खर्चों को पूरा करने में मदद मिल रही है।
उच्च शिक्षा में भी सरकार का सहयोग
योजना के तहत 18 से 27 वर्ष की आयु के पात्र युवाओं को सरकारी संस्थानों में निःशुल्क उच्च शिक्षा उपलब्ध करवाने का प्रावधान है। इसमें ट्यूशन फीस, छात्रावास और भोजन शुल्क शामिल हैं।
यदि छात्रावास की सुविधा उपलब्ध नहीं है तो उच्च शिक्षा अथवा व्यावसायिक पाठ्यक्रम के दौरान रहने के लिए पात्र विद्यार्थियों को 3000 रुपये प्रतिमाह तक किराया सहायता देने का प्रावधान है।
कौन ले सकता है योजना का लाभ
योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक का हिमाचल प्रदेश का स्थायी निवासी होना और परिवार की वार्षिक आय एक लाख रुपये से कम होना आवश्यक है। विधवा, तलाकशुदा, परित्यक्ता एवं निराश्रित महिलाओं तथा 70 प्रतिशत से अधिक दिव्यांगता वाले अभिभावकों के पात्र बच्चों को भी योजना के तहत सहायता दी जाती है।
इच्छुक पात्र परिवार अपने क्षेत्र के बाल विकास परियोजना अधिकारी कार्यालय में संपर्क कर आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के साथ आय प्रमाण पत्र, स्थायी निवास प्रमाण पत्र, बच्चे का आयु प्रमाण पत्र तथा माता या अभिभावक की स्थिति से संबंधित आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने होते हैं।
“हर बच्चे को मिले आगे बढ़ने का अवसर”
एसडीएम सुंदरनगर अमर नेगी ने कहा कि प्रदेश सरकार की मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना और इंदिरा गांधी सुख शिक्षा योजना जैसी योजनाओं के माध्यम से जरूरतमंद बच्चों को शिक्षा और विकास के समान अवसर उपलब्ध करवाए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आर्थिक परिस्थितियां किसी बच्चे की शिक्षा में बाधा न बनें और हर बच्चे को आगे बढ़ने का अवसर मिले।
शिक्षा से आत्मनिर्भरता की ओर
इंदिरा गांधी सुख शिक्षा योजना केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है। इसका उद्देश्य जरूरतमंद बच्चों को शिक्षा के माध्यम से आत्मनिर्भर और सुरक्षित भविष्य की ओर आगे बढ़ाना है। विशेष रूप से बेटियों के लिए उच्च एवं व्यावसायिक शिक्षा के अवसर उपलब्ध होने से उनके आत्मनिर्भर बनने की संभावनाएं भी मजबूत हो रही हैं।





