एससी/एसटी एक्ट के मामलों में शिकायतकर्ता की जानकारी के बिना न हटाई जाए कोई धारा : उपायुक्त

6 नवंबर, 2026 | खबर अभी-अभी | शिमला

उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप ने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत दर्ज मामलों में शिकायतकर्ता की जानकारी के बिना कोई भी धारा न हटाई जाए। उन्होंने लंबित मामलों की जांच में निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन करने और पीड़ितों को समयबद्ध राहत उपलब्ध करवाने पर जोर दिया।

उपायुक्त की अध्यक्षता में शुक्रवार को जिला स्तरीय सतर्कता एवं प्रबोधन समिति की बैठक आयोजित की गई। इसमें एससी/एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम, 1989 के क्रियान्वयन, पीड़ितों को राहत एवं पुनर्वास, पुलिस जांच और न्यायालयों में लंबित मामलों की समीक्षा की गई। बैठक में जांच लंबित होने के सात मामलों पर विशेष रूप से चर्चा हुई।

जिला न्यायालयों में 49 मामले लंबित

बैठक में बताया गया कि जिला शिमला के विभिन्न न्यायालयों में अधिनियम के तहत कुल 49 मामले लंबित हैं। इनमें वर्ष 2018 के दो, 2019 का एक, 2020 का एक, 2022 के दो, 2023 के दो, 2024 के 15, 2025 के 19 और 2026 के सात मामले शामिल हैं। रामपुर न्यायालय में भी पांच मामले लंबित हैं। वहीं, वर्ष 2023 में सत्र न्यायालय शिमला ने दो मामलों का निपटारा किया था।

पुलिस थानों में दर्ज हुए 18 मामले

बैठक में दी गई जानकारी के अनुसार, 1 जून से 30 सितंबर, 2026 तक जिला शिमला के विभिन्न पुलिस थानों में इस अधिनियम के तहत 18 मामले दर्ज किए गए। इनमें जुलाई में पांच, अगस्त में नौ और सितंबर में चार मामले शामिल हैं।

इसके अतिरिक्त, रद्द रिपोर्ट के अनुमोदन से संबंधित 31 मामलों की भी समीक्षा की गई। इन मामलों पर एक माह बाद विस्तृत जानकारी के साथ दोबारा चर्चा की जाएगी, ताकि आगे की कार्रवाई पर निर्णय लिया जा सके।

पीड़ितों को 6.87 लाख रुपये की राहत

1 जून से 30 सितंबर, 2026 तक अधिनियम के तहत विभिन्न मामलों में पीड़ितों को कुल 6,87,280 रुपये की राहत राशि वितरित की गई है। अधिनियम के प्रावधानों के तहत अपराध की श्रेणी के अनुसार पीड़ितों को न्यूनतम 85 हजार रुपये से लेकर अधिकतम 8 लाख 25 हजार रुपये तक की राहत देने का प्रावधान है।

जागरूकता शिविरों के जरिए दी जा रही जानकारी

बैठक में बताया गया कि अधिनियम के प्रावधानों और नागरिकों के अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए रामपुर, कुमारसैन, शिमला ग्रामीण, जुब्बल, रोहड़ू, कोटखाई, ठियोग, चौपाल, ननखड़ी, शिमला शहरी, सुन्नी और चिड़गांव सहित विभिन्न क्षेत्रों में जागरूकता शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। जिला के अलग-अलग उपमंडलों में भी सतर्कता एवं जागरूकता संबंधी बैठकें की गई हैं।

बैठक में अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी (कानून एवं व्यवस्था) पंकज शर्मा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मेहर पंवार, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. यशपाल रांटा, जिला अटॉर्नी और जिला कल्याण अधिकारी कपिल देव शर्मा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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