कुल्लू में राष्ट्रीय पुस्तक न्यास की सात दिवसीय पुस्तक प्रदर्शनी शुरू, 60 से अधिक भारतीय भाषाओं की पुस्तकें उपलब्ध

5 सितंबर 2026 | खबर अभी अभी | कुल्लू

कुल्लू: एडीएम सुरजीत सिंह राठौर ने शनिवार को कुल्लू के ऐतिहासिक लाल चंद प्रार्थी कला केंद्र, ढालपुर में राष्ट्रीय पुस्तक न्यास, भारत (NBT) की सात दिवसीय पुस्तक प्रदर्शनी का शुभारंभ किया। यह प्रदर्शनी 5 से 11 सितंबर 2026 तक प्रतिदिन सुबह 10 बजे से शाम 7 बजे तक आम जनता और पुस्तक प्रेमियों के लिए निःशुल्क खुली रहेगी।

इस अवसर पर एडीएम ने विद्यार्थियों में बचपन से ही पढ़ने की आदत विकसित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि डिजिटल क्रांति के दौर में भी पुस्तकों का अपना विशेष महत्व है। विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम की पुस्तकों के अलावा अपनी रुचि के विषयों से संबंधित पुस्तकों को नियमित रूप से पढ़ने की आदत विकसित करनी चाहिए, जिससे उनका बौद्धिक विकास हो सके।

उन्होंने विद्यार्थियों, युवाओं और आम लोगों से पुस्तक प्रदर्शनी का अवलोकन करने तथा अपनी रुचि की पुस्तकों को पढ़ने का आह्वान किया।

60 से अधिक भारतीय भाषाओं की पुस्तकें उपलब्ध

राष्ट्रीय पुस्तक न्यास के सहायक निदेशक विक्रम सिंह मीना और सहायक प्रबंधक अमित कुमार ने मुख्य अतिथि सहित उपस्थित पुस्तक प्रेमियों का स्वागत किया।

उन्होंने बताया कि विद्यार्थियों, युवाओं और आम पाठकों में पठन-पाठन की आदत को बढ़ावा देने तथा समाज में मजबूत पठन संस्कृति विकसित करने के उद्देश्य से शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार के अधीन स्वायत्तशासी संस्थान राष्ट्रीय पुस्तक न्यास (NBT) द्वारा यह प्रदर्शनी आयोजित की जा रही है। इसमें जिला सांस्कृतिक परिषद कुल्लू और भाषा संस्कृति विभाग का विशेष सहयोग है।

प्रदर्शनी में विभिन्न आयु वर्ग के पाठकों, विद्यार्थियों, शिक्षकों और शोधार्थियों के लिए 60 से अधिक भारतीय भाषाओं एवं बोलियों में गुणवत्तापूर्ण और ज्ञानवर्धक पुस्तकें उपलब्ध करवाई गई हैं। इनमें बाल साहित्य, युवा साहित्य, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी से संबंधित सामग्री, साहित्यिक कृतियां तथा विज्ञान एवं कला से जुड़ी पुस्तकें शामिल हैं।

11 सितंबर तक चलेगी प्रदर्शनी

आयोजकों के अनुसार एनबीटी पिछले करीब 70 वर्षों से देशभर में पुस्तकों और पठन संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए कार्य कर रहा है। यह प्रदर्शनी युवा पाठकों को विभिन्न प्रकार की पुस्तकों और प्रकाशनों से परिचित कराने के साथ ही कक्षा-कक्ष की पढ़ाई से आगे बढ़कर बहुआयामी अध्ययन के प्रति रुचि विकसित करने का अवसर प्रदान करेगी।

आयोजकों ने कुल्लू और आसपास के क्षेत्रों के सभी विद्यालयों, महाविद्यालयों, शिक्षकों, विद्यार्थियों तथा पुस्तक प्रेमियों से इस ज्ञानोत्सव में बढ़-चढ़कर भाग लेने और प्रदर्शनी का लाभ उठाने का आह्वान किया।

इस अवसर पर जिला भाषा अधिकारी प्रोमिला गुलेरिया, उपनिदेशक प्रारंभिक शिक्षा ज्ञानचंद सहित विभिन्न महाविद्यालयों के प्रधानाचार्य, साहित्यकार और विद्यार्थी उपस्थित रहे।

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