
फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता रही आकर्षण का केंद्र, करीब एक हजार श्रद्धालुओं ने ग्रहण किया प्रसाद
5 सितंबर 2026 | खबर अभी अभी | कटराईं

इस्कॉन सेंटर कटराईं की ओर से कार्तिकेय रिसॉर्ट्स, कटराईं में कृष्ण जन्माष्टमी महामहोत्सव श्रद्धा, उल्लास और भक्तिभाव के साथ आयोजित किया गया। शाम 5 बजे से रात्रि 12 बजे तक चले धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम में आसपास के क्षेत्रों से करीब एक हजार श्रद्धालुओं ने भाग लिया।
मीडिया प्रभारी पुष्पेंद्र ठाकुर ने बताया कि महोत्सव का शुभारंभ भगवान जगन्नाथ, बलराम और माता सुभद्रा के विग्रह के आगमन के साथ हुआ। इसके बाद अभिषेक ठाकुर एवं उनके समूह ने हरिनाम संकीर्तन प्रस्तुत किया, जिससे आयोजन स्थल भक्तिमय वातावरण से भर गया।
बच्चों की फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता रही खास आकर्षण
कार्यक्रम में बच्चों की फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता विशेष आकर्षण का केंद्र रही। इसमें करीब 40 बालक-बालिकाओं ने भगवान श्रीकृष्ण सहित विभिन्न देवी-देवताओं की वेशभूषा धारण कर प्रस्तुतियां दीं। बच्चों की प्रस्तुतियों को श्रद्धालुओं ने खूब सराहा।
कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रूप में पूर्व मंत्री गोविन्द सिंह ठाकुर ने शिरकत की। उन्होंने प्रतियोगिता के शीर्ष पांच प्रतिभागियों रुद्रांश, रिशव, अपूर्वी, निष्ठा और अपूर्वा को सम्मानित किया।
रूस से आए भक्तों ने प्रस्तुत किया कीर्तन
महोत्सव में रूस से आए अनटोन प्रभु एवं उनके समूह ने भक्तिमय कीर्तन प्रस्तुत किया। इसके बाद सांस्कृतिक कार्यक्रमों के तहत नृत्य और भगवान श्रीकृष्ण की लीला पर आधारित लघु नाटिका का मंचन किया गया।
इस्कॉन सेंटर के इंचार्ज जीवाश्रेय सुबल दास ने सेंटर की विभिन्न गतिविधियों की जानकारी साझा की और आयोजन को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी भक्तों एवं सहयोगियों का आभार व्यक्त किया।
कृष्ण की वाणी जन-जन तक पहुंचाना हमारा संकल्प : गोविन्द सिंह ठाकुर
पूर्व मंत्री गोविन्द सिंह ठाकुर ने श्रद्धालुओं को जन्माष्टमी की शुभकामनाएं दीं और समाज में इस्कॉन के योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण की वाणी को जन-जन तक पहुंचाना प्रत्येक भक्त का संकल्प होना चाहिए। इससे समाज में अध्यात्म की लौ निरंतर प्रज्वलित रहेगी।
अरुणा शर्मा के भजनों पर झूमे श्रद्धालु
कार्यक्रम के अंतिम चरण में कुल्लू की लोक गायिका अरुणा शर्मा ने भजनों की प्रस्तुति दी। उनके भजनों पर श्रद्धालु भक्तिभाव में झूमते नजर आए। इसके बाद भगवान का महाभिषेक विधिवत संपन्न हुआ।
कार्यक्रम के समापन पर श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया और भगवान श्रीकृष्ण से सुख-समृद्धि एवं शांति की कामना की। जन्माष्टमी का यह आयोजन धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और भक्तिभाव का संगम रहा।





