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पुणे/लोनावला।
लोनावला स्थित ऐतिहासिक लोहागढ़ किले पर केतन अग्रवाल की मौत का मामला अब पूरी तरह से हत्या की साजिश की ओर इशारा कर रहा है। शुरुआत में इसे एक दुर्घटना बताया गया था, लेकिन जांच आगे बढ़ने के साथ सामने आए साक्ष्य और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान इस मामले को नया मोड़ दे रहे हैं। इस केस में टिकट काउंटर पर तैनात सुरक्षा गार्ड धीरज जाधव का बयान बेहद अहम माना जा रहा है।
गार्ड धीरज जाधव के अनुसार, घटना वाले दिन केतन अग्रवाल और सिया गोयल सबसे पहले किले पर पहुंचे थे। कुछ देर बाद चेतन चौधरी वहां आया। गार्ड ने बताया कि चेतन ने हूडी पहन रखी थी और वह बिना टिकट अंदर जाने की कोशिश कर रहा था। स्टाफ द्वारा आवाज लगाने के बावजूद उसने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। जब गार्ड स्वयं उसके पास पहुंचा, तब उसने जवाब दिया। उसका व्यवहार शुरू से ही संदिग्ध प्रतीत हो रहा था।
जांच में सामने आया है कि यही युवक चेतन चौधरी था, जिसे पुलिस सिया गोयल का प्रेमी और हत्या का सह-साजिशकर्ता मान रही है। पुलिस का कहना है कि गर्म मौसम के बावजूद चेतन का हूडी पहनकर चेहरा छिपाने का प्रयास संदेह को और मजबूत करता है।
सीसीटीवी फुटेज में मिले अहम संकेत
जांच एजेंसियों को टिकट काउंटर और आसपास के क्षेत्रों की सीसीटीवी फुटेज से कई महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं। फुटेज में सिया और चेतन के बीच कथित तालमेल दिखाई देने का दावा किया जा रहा है। एक वीडियो में सिया पीछे मुड़कर देखती नजर आती है, जबकि उसी समय चेतन अचानक नीचे बैठ जाता है।
पुलिस का मानना है कि दोनों एक-दूसरे की गतिविधियों पर नजर रख रहे थे और पूर्व निर्धारित योजना के तहत काम कर रहे थे। जांच में यह भी सामने आया है कि चेतन, सिया और केतन के किले पर पहुंचने से पहले ही नीचे मौजूद था और बाद में उनका पीछा करते हुए ऊपर पहुंचा।
250 फीट गहरी खाई में मिला था शव
घटना की सूचना मिलने के बाद रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची। टीम के सदस्य सुनील गायकवाड़ ने बताया कि सुबह करीब 10:30 बजे बचाव अभियान शुरू किया गया और लगभग दो घंटे बाद शव को बाहर निकाला गया।
रेस्क्यू टीम के अनुसार, केतन का शव 250 फीट से अधिक गहरी खाई में मिला था। उसके सिर पर गंभीर चोटें थीं और शरीर के अन्य हिस्सों पर भी कई घावों के निशान पाए गए। शव को खाई से निकालकर एंबुलेंस तक पहुंचाया गया, जहां परिवार के सदस्य मौजूद थे।
परिवार ने हादसे की थ्योरी को किया खारिज
घटना के बाद सिया गोयल ने दावा किया था कि फोटो खिंचवाते समय केतन का पैर फिसल गया था, जिससे वह खाई में गिर गया। हालांकि, केतन के परिवार ने इस दावे को सिरे से नकार दिया।
परिजनों का कहना था कि केतन एक अनुभवी ट्रेकर था और उसे पहाड़ी क्षेत्रों में ट्रैकिंग का अच्छा अनुभव था। उनका मानना था कि वह इतनी आसानी से संतुलन नहीं खो सकता। इसी आधार पर परिवार ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद मामले की दिशा बदल गई और हत्या का केस दर्ज किया गया।
शादी के दबाव और प्रेम संबंधों की जांच
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि सिया गोयल कथित तौर पर केतन से शादी करने के लिए मानसिक रूप से तैयार नहीं थी। सूत्रों के मुताबिक, उस पर परिवार की ओर से विवाह का दबाव था।
इसी दौरान चेतन चौधरी के साथ उसके संबंधों की भी जांच की जा रही है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि क्या शादी से बचने के लिए किसी सुनियोजित साजिश के तहत इस घटना को अंजाम दिया गया।
29 जून तक पुलिस हिरासत में आरोपी
फिलहाल पुलिस ने सिया गोयल और चेतन चौधरी को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों आरोपियों को 29 जून तक पुलिस हिरासत में भेजा गया है। जांच एजेंसियां डिजिटल साक्ष्यों, कॉल रिकॉर्ड, लोकेशन डेटा और अन्य परिस्थितिजन्य सबूतों के आधार पर मामले की गहन जांच कर रही हैं।
पुलिस का कहना है कि मामले के हर पहलू की जांच की जा रही है और जल्द ही कई अन्य महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं। फिलहाल लोहागढ़ किले पर हुई यह रहस्यमयी मौत महाराष्ट्र के सबसे चर्चित आपराधिक मामलों में से एक बन चुकी है।





