
4/8/2026
कुल्लू
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सावन मास के पावन अवसर पर विश्व प्रसिद्ध बिजली महादेव मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। समुद्र तल से लगभग 2,460 मीटर की ऊंचाई पर स्थित यह प्राचीन मंदिर अपनी अद्भुत धार्मिक मान्यता और प्राकृतिक सौंदर्य के लिए देशभर में प्रसिद्ध है। सावन के दौरान हर दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान शिव के दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए यहां पहुंच रहे हैं।
धार्मिक मान्यता के अनुसार, समय-समय पर मंदिर के शिवलिंग पर आकाशीय बिजली गिरती है, जिससे शिवलिंग कई टुकड़ों में विभाजित हो जाता है। इसके बाद मंदिर के पुजारी मक्खन के लेप से शिवलिंग को पुनः जोड़ते हैं। श्रद्धालु इसे भगवान शिव का दिव्य चमत्कार मानते हैं और विश्वास करते हैं कि महादेव अपने भक्तों के कष्ट स्वयं अपने ऊपर लेकर उनकी रक्षा करते हैं।
इस वर्ष मंदिर कमेटी ने स्वच्छता और धार्मिक व्यवस्थाओं को ध्यान में रखते हुए महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। हर साल की तरह श्रद्धालुओं की ओर से प्रसाद और लंगर की व्यवस्था तो रहेगी, लेकिन इस बार लंगर मंदिर परिसर में नहीं लगाया जाएगा।
मंदिर कमेटी के अनुसार, लंगर का आयोजन मंदिर से नीचे स्थित गांव में किया जा रहा है ताकि मंदिर परिसर की स्वच्छता और पवित्रता बनी रहे। साथ ही वर्तमान में मंदिर में विशेष देव कार्य भी चल रहा है, जिसके कारण यह निर्णय लिया गया है।
कमेटी के इस फैसले का स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं ने स्वागत किया है। उनका मानना है कि इससे मंदिर परिसर साफ-सुथरा रहेगा और नीचे गांव में लंगर की व्यवस्था होने से बुजुर्गों, महिलाओं तथा पैदल यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं को भी अधिक सुविधा मिलेगी।
सावन माह के दौरान बिजली महादेव मंदिर में “हर-हर महादेव” और “बम-बम भोले” के जयकारों से पूरा क्षेत्र भक्तिमय वातावरण में सराबोर है। श्रद्धालु इसे आस्था, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा का अनूठा संगम मान रहे हैं।





