
5/8/2026
मंडी
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मेहनत, लगन और सरकारी योजनाओं के सहयोग से सुंदरनगर की पायल शर्मा ने स्वरोजगार की ऐसी मिसाल पेश की है, जो आज कई महिलाओं के लिए प्रेरणा बन गई है। राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन (NULM) के तहत स्वयं सहायता समूह से जुड़कर उन्होंने अपने घर से शुरू किया छोटा-सा कारोबार आज एक सफल फूड बिजनेस में बदल दिया है। उनका प्रतिष्ठान ‘शर्मा सिड्डू कचौरी जोन’ अब ऑनलाइन प्लेटफॉर्म जोमैटो के माध्यम से भी ग्राहकों तक अपनी सेवाएं पहुंचा रहा है।
नगर परिषद सुंदरनगर के वार्ड नंबर-5 बड़ोह निवासी पायल शर्मा वर्ष 2017 में मुरारी स्वयं सहायता समूह से जुड़ी थीं। वर्तमान में वह समूह की प्रधान और एरिया लेवल फेडरेशन की अध्यक्ष हैं। स्वयं सहायता समूह से जुड़ने के बाद उन्हें स्वरोजगार के अवसर मिले और उनका आत्मविश्वास भी बढ़ा। समूह की महिलाओं ने स्वच्छता अभियान में उत्कृष्ट कार्य कर दिल्ली में सम्मान भी प्राप्त किया तथा एक लाख रुपये की पुरस्कार राशि हासिल की।
घर से शुरू हुआ कारोबार, आज बना सफल व्यवसाय
पायल शर्मा ने शुरुआत में घर से सिड्डू और कचौरी बनाकर बेचना शुरू किया। बाद में सरकारी योजनाओं के तहत मिली वित्तीय सहायता और बैंक ऋण की मदद से उन्होंने अपने व्यवसाय का विस्तार किया। आज उनके प्रतिष्ठान में सिड्डू, कचौरी, बाबरू, मोमोज, परांठा, मैगी सहित नाश्ता, दोपहर और रात्रि भोजन उपलब्ध कराया जाता है। उनके पति भी इस व्यवसाय में सहयोग करते हैं और ऑनलाइन व ऑफलाइन दोनों माध्यमों से ऑर्डर लिए जाते हैं।
सरकारी योजनाओं से मिली नई उड़ान
पायल शर्मा को राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के तहत स्वयं सहायता समूह के माध्यम से 10 हजार रुपये का रिवॉल्विंग फंड, 3 लाख रुपये का बैंक ऋण तथा प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (PMFME) के तहत 40 हजार रुपये की वित्तीय सहायता मिली। इसी सहयोग से उन्होंने अपने व्यवसाय को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया।
हर महीने 60 से 70 हजार रुपये की आय
पायल शर्मा आज अपने व्यवसाय से प्रतिमाह 60 से 70 हजार रुपये की आय अर्जित कर रही हैं। उन्होंने अपने प्रतिष्ठान में दो लोगों को रोजगार भी उपलब्ध कराया है। व्यवसाय से होने वाली आय से परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है और बच्चों की शिक्षा का खर्च भी आसानी से पूरा हो रहा है।
महिलाओं को दिया आत्मनिर्भर बनने का संदेश
पायल शर्मा का कहना है कि स्वयं सहायता समूह महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का सशक्त माध्यम हैं। उन्होंने महिलाओं से सरकारी योजनाओं का लाभ उठाकर स्वरोजगार अपनाने और आर्थिक रूप से सशक्त बनने की अपील की।
सुंदरनगर में सैकड़ों महिलाओं को मिला लाभ
नगर परिषद सुंदरनगर क्षेत्र में वर्ष 2016 से अब तक 114 स्वयं सहायता समूहों का गठन किया जा चुका है। इन समूहों को लगभग 3.50 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की गई है। इसके अलावा 111 लाभार्थियों को रियायती दर पर ऋण, 112 स्वयं सहायता समूहों को रिवॉल्विंग फंड तथा सात एरिया लेवल फेडरेशन को भी वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई गई है।
सरकारी योजनाओं के सहयोग से पायल शर्मा जैसी महिलाएं न केवल आत्मनिर्भर बन रही हैं, बल्कि अन्य लोगों के लिए रोजगार के अवसर भी पैदा कर रही हैं और आत्मनिर्भर हिमाचल के लक्ष्य को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।







