हिंदी पखवाड़े के तहत जिला स्तरीय निबंध और भाषण प्रतियोगिता आयोजित

9 सितंबर 2026 | खबर अभी अभी | मंडी

मंडी: हिंदी पखवाड़े के तहत भाषा एवं संस्कृति विभाग, मंडी की ओर से संस्कृति सदन मोतीपुर, कांगणीधार में जिला स्तरीय निबंध लेखन एवं भाषण प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में जिले के 20 सरकारी और निजी स्कूलों के करीब 65 विद्यार्थियों ने भाग लिया।

जिला भाषा अधिकारी रेवती सैनी ने बताया कि भाषा एवं संस्कृति विभाग की ओर से हर वर्ष हिंदी भाषा के प्रचार-प्रसार और विद्यार्थियों में हिंदी के प्रति रुचि बढ़ाने के उद्देश्य से विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित की जाती हैं। इसी कड़ी में आयोजित जिला स्तरीय प्रतियोगिता में मंडी शहर के अलावा बल्ह, सरकाघाट, मौवीसेरी, पंडोह और नेरचौक सहित विभिन्न क्षेत्रों के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

इस बार निबंध प्रतियोगिता का विषय ‘कृत्रिम बुद्धिमत्ता की भूमिका—हिंदी भाषा के संदर्भ में’ रखा गया था। वहीं भाषण प्रतियोगिता के लिए ‘जनभाषा और राजभाषा के संदर्भ में हिंदी की दशा और दिशा’ विषय निर्धारित किया गया। विद्यार्थियों ने दोनों विषयों पर अपने विचार और दृष्टिकोण प्रस्तुत किए।

निबंध प्रतियोगिता में शिल्पा चौहान प्रथम

निबंध प्रतियोगिता में करीब 30 विद्यार्थियों ने भाग लिया। प्रतियोगिता में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कन्या मंडी की छात्रा शिल्पा चौहान ने प्रथम स्थान हासिल किया। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बगला की धनेश्वरी दूसरे और पीएमश्री जवाहर नवोदय विद्यालय पंडोह की अलीशा मांटा तीसरे स्थान पर रहीं।

भाषण प्रतियोगिता में चेतन कुमार अव्वल

भाषण प्रतियोगिता में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बालक मंडी के छात्र चेतन कुमार ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। दयानंद आर्य स्कूल मंडी की रिदम दूसरे और स्वामी विवेकानंद स्कूल मंडी की प्रज्ञा रावत तीसरे स्थान पर रहीं।

प्रतियोगिताओं में वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. गंगाराम राजी, मुरारी शर्मा, कृष्णा ठाकुर और किरण गुलेरिया ने निर्णायक की भूमिका निभाई। जिला स्तरीय प्रतियोगिता के विजेताओं को स्मृति चिन्ह, प्रमाण पत्र और पुरस्कार राशि प्रदान कर सम्मानित किया गया।

युवाओं का दृष्टिकोण समाज निर्माण में महत्वपूर्ण : रेवती सैनी

जिला भाषा अधिकारी रेवती सैनी ने विजेता विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि आधुनिक भारत के निर्माण में युवाओं की भूमिका और उनका दृष्टिकोण महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि अपने समय और समाज के प्रति युवाओं की चेतना और जागरूकता बेहतर समाज के निर्माण में अहम योगदान दे सकती है।

उन्होंने प्रतियोगिता में भाग लेने वाले विद्यार्थियों और उनके साथ पहुंचे शिक्षकों का भी आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि ऐसी प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा और विचारों को अभिव्यक्त करने के साथ हिंदी भाषा के प्रति रुचि विकसित करने का अवसर प्रदान करती हैं।

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