
7/8/2026
कुल्लू
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सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के जिला कल्याण विभाग तथा सूचना एवं जनसंपर्क विभाग कुल्लू के संयुक्त तत्वावधान में चलाया गया ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ शुक्रवार को संपन्न हो गया। अभियान के अंतिम चरण में गड़सा और भुंतर बस अड्डे पर जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें लोगों को नशीले पदार्थों के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया गया।
कार्यक्रम में सूचना एवं जनसंपर्क विभाग से अनुमोदित मन्नत कला मंच, कुल्लू के कलाकारों ने नुक्कड़ नाटक ‘नशे को छोड़ जिंदगी की ओर’ प्रस्तुत कर नशे से दूर रहने का संदेश दिया। इसके अलावा समूह गीत और पारंपरिक लोकगीतों के माध्यम से भी लोगों को नशामुक्त समाज के निर्माण के लिए प्रेरित किया गया।
जिला कल्याण अधिकारी गिरधारी लाल शर्मा ने कहा कि कुल्लू सहित पूरे प्रदेश में चिट्टा (सिंथेटिक हेरोइन) तेजी से फैल रहा है और यह युवाओं के लिए सबसे बड़ा खतरा बन चुका है। उन्होंने कहा कि यह नशीला पदार्थ बेहद जानलेवा है और कम समय में ही इसकी लत लग जाती है।
उन्होंने बताया कि सरकारी आंकड़ों के अनुसार हिमाचल प्रदेश में दर्ज एनडीपीएस मामलों में शिमला के बाद कुल्लू जिला दूसरे स्थान पर है, जो चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि कुल्लू पुलिस मणिकर्ण, कसोल, भुंतर, मनाली और बंजार जैसे क्षेत्रों में लगातार अभियान चलाकर मादक पदार्थों की तस्करी और अवैध अफीम की खेती के खिलाफ कार्रवाई कर रही है।
गिरधारी लाल शर्मा ने युवाओं में चिट्टे के बढ़ते इस्तेमाल, ओवरडोज और इंजेक्शन के जरिए नशा करने से एचआईवी तथा हेपेटाइटिस जैसी गंभीर बीमारियों के खतरे को लेकर भी चेतावनी दी। उन्होंने अभिभावकों से अपने बच्चों के व्यवहार पर नजर रखने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को देने की अपील की।
उन्होंने बताया कि सरकार ने नशे के खिलाफ सूचना देने के लिए 112 हेल्पलाइन और ‘ड्रग-फ्री हिमाचल’ मोबाइल ऐप जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई हैं। उन्होंने सभी नागरिकों से देवभूमि कुल्लू को नशामुक्त बनाने के अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया।






