रविदासी समुदाय को लेकर कथित बयान पर चमन राही ने जताई आपत्ति, कांग्रेस आलाकमान से कार्रवाई की मांग

17 सितंबर 2026 | खबर अभी अभी | मंडी

मंडी। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के साथ उत्तराखंड में रैली के बाद हुई कथित घटना को लेकर आवाज उठाने वाले कांग्रेस नेता चमन राही ने अब हिमाचल प्रदेश में अनुसूचित जाति समुदाय से जुड़े कथित विवादित बयान को लेकर कांग्रेस आलाकमान से कार्रवाई की मांग की है।

अखिल भारतीय दलित, पिछड़ा एवं अल्पसंख्यक वर्ग के महासचिव एवं राज्य प्रवक्ता तथा कांग्रेस जिला मंडी अनुसूचित जाति विभाग के पूर्व अध्यक्ष चमन राही ने कांग्रेस कार्यसमिति सदस्य एवं अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के प्रभारी प्रशासन गुरदीप सिंह सप्पल के साथ मामले पर चर्चा कर पत्र भेजा है। राही के अनुसार, उत्तराखंड में खड़गे के साथ हुई कथित घटना के बाद भी उन्होंने मुख्य सचिव को पत्र भेजकर कार्रवाई की मांग की थी।

चमन राही ने पत्र में नाचन के बगी में आयोजित बैठक का उल्लेख करते हुए कहा कि बैठक में जिला कांग्रेस अध्यक्ष चम्पा ठाकुर तथा अनुसूचित जाति-जनजाति विकास निगम के प्रदेश अध्यक्ष लाल सिंह कौशल की मौजूदगी में कांग्रेस को मजबूत करने को लेकर चर्चा हुई थी।

राही का आरोप है कि बैठक के दौरान नवनियुक्त राज्य अनुसूचित जाति विभाग कांग्रेस अध्यक्ष नरेश चौहान की ओर से रविदासी समुदाय को लेकर दिए गए बयान से समुदाय में रोष है। उन्होंने मामले की जांच करवाने, जिम्मेदारी तय करने और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए अनुशासनात्मक समिति गठित करने की मांग की है।

संगठन में उचित प्रतिनिधित्व की मांग

चमन राही ने कहा कि रविदासी और वाल्मीकि समुदाय लंबे समय से कांग्रेस के साथ जुड़े रहे हैं। उन्होंने अनुसूचित जाति वर्ग के सभी उपवर्गों को जनसंख्या के अनुपात में सामाजिक प्रतिनिधित्व के आधार पर कांग्रेस संगठन में उचित स्थान देने की मांग की।

उन्होंने कहा कि संगठन में प्रतिनिधित्व की व्यवस्था राहुल गांधी की ओर से सामाजिक प्रतिनिधित्व को लेकर व्यक्त विचारों के अनुरूप होनी चाहिए।

बैठक में अनुसूचित जाति विभाग हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कार्यकारी अध्यक्ष जीवन कुमार, आर.पी. सिंह, दिनेश शाह, नरेंद्र चौहान, सी.डी. बंसल, बिट्टू घारू पिंटी, किशन कुमार, दलीप धीमान, चंदरजीत सिंह, बिंदू कल्याण, अनमोल भट्टी, वीरेंद्र कुमार, मीना कश्यप, जितेंद्र कौशल, अनीता कौशल, सेवक सिंह, तुला राम और भगवान राणा सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।

बैठक के दौरान अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक समुदायों को सरकार, प्रशासन, निगमों, बोर्डों तथा शिक्षण संस्थानों में उचित प्रतिनिधित्व देने की मांग भी उठाई गई।

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