हिमाचल की चुनौतियों का तकनीकी समाधान खोजें युवा : राज्यपाल

खबर अभी अभी | 03 सितंबर 2026 | ऊना

आईआईआईटी ऊना के 8वें दीक्षांत समारोह में 206 विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की गईं। लता मंगेशकर कला केंद्र के सभागार में आयोजित समारोह में हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल कविंद्र गुप्ता ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। उन्होंने युवा प्रौद्योगिकीविदों से हिमाचल प्रदेश की स्थानीय चुनौतियों के समाधान के लिए आधुनिक तकनीक और नवाचार का उपयोग करने का आह्वान किया।

राज्यपाल ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में बर्फबारी, भूस्खलन और अन्य प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए ऐसी तकनीक विकसित करने की जरूरत है, जो संभावित आपदाओं की पूर्व जानकारी दे सके और समय रहते नुकसान को कम करने में मदद करे। उन्होंने कहा कि आईआईआईटी ऊना के युवा प्रौद्योगिकीविद इस दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।

उन्होंने स्नातकों से आपदा प्रबंधन के साथ-साथ कृषि, जल संरक्षण और ग्रामीण उद्यमिता जैसे क्षेत्रों में हिमाचल की आवश्यकताओं के अनुरूप तकनीकी समाधान विकसित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि तकनीकी शिक्षा की सार्थकता तभी है, जब ज्ञान और नवाचार को समाज की वास्तविक समस्याओं के समाधान से जोड़ा जाए।

राज्यपाल ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, इंटरनेट ऑफ थिंग्स, सेमीकंडक्टर, रोबोटिक्स और क्वांटम कंप्यूटिंग जैसी तकनीकें दुनिया को तेजी से बदल रही हैं। ऐसे समय में युवा प्रौद्योगिकीविदों को अपनी तकनीकी दक्षता का उपयोग ऐसे समाधानों के विकास में करना चाहिए, जिनका लाभ समाज के व्यापक वर्ग तक पहुंच सके।

दीक्षांत समारोह में स्नातकों, उनके अभिभावकों और संकाय सदस्यों को बधाई देते हुए राज्यपाल ने कहा कि दीक्षांत समारोह शिक्षा के एक चरण का समापन होने के साथ नई जिम्मेदारियों और संभावनाओं से भरी यात्रा की शुरुआत है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि उनकी डिग्री मंजिल नहीं, बल्कि आगे की यात्रा की नींव है।

उन्होंने कहा कि संस्थान से निकल रहे युवा अपने साथ माता-पिता का विश्वास, शिक्षकों की अपेक्षाएं और राष्ट्र की आशाएं लेकर आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने युवाओं से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत-2047 के विजन के अनुरूप देश के निर्माण में योगदान देने, बदलती तकनीक के साथ निरंतर सीखते रहने और अपने ज्ञान का उपयोग समाज तथा राष्ट्र के हित में करने का आह्वान किया।

राज्यपाल ने तकनीकी दक्षता के साथ चरित्र, ईमानदारी और जिम्मेदार नागरिकता को भी महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने विद्यार्थियों से पर्यावरण संरक्षण, राष्ट्रीय एकता एवं अखंडता तथा समाज के प्रति अपने दायित्वों को ध्यान में रखते हुए आगे बढ़ने की अपील की।

युवा भारत का भविष्य ही नहीं, भाग्य भी : अनुराग ठाकुर

समारोह में लोकसभा सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि आज का युवा भारत का भविष्य ही नहीं, बल्कि भारत का भाग्य भी है। शिक्षा ज्ञान की खोज का माध्यम है, जो नए विचारों, नवाचार, तकनीक और उद्यमिता के रास्ते खोलती है।

उन्होंने युवाओं से चुनौतियों का साहस के साथ सामना करने और अपनी क्षमता के बल पर आगे बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि विकसित भारत-2047 के विजन को साकार करने में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है।

अनुराग ठाकुर ने परमवीर चक्र से सम्मानित शहीद कैप्टन विक्रम बत्रा के ‘ये दिल मांगे मोर’ के जज्बे का उल्लेख करते हुए विद्यार्थियों से देश के लिए कुछ और बेहतर करने की भावना के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने विद्यार्थियों से संविधान के मौलिक अधिकारों एवं कर्तव्यों को समझने, नशे से दूर रहने, खेलों से जुड़ने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश भी दिया।

युवाओं से रोजगार सृजक बनने का आह्वान

राज्यसभा सांसद प्रो. सिकंदर कुमार ने कहा कि 21वीं सदी के भारत का नेतृत्व करने के लिए देश का युवा तैयार है। उन्होंने विद्यार्थियों से रोजगार तलाशने के साथ रोजगार सृजक बनने और ज्ञान, विज्ञान, कला एवं तकनीक के माध्यम से समाज और राष्ट्र के विकास में योगदान देने का आह्वान किया।

उन्होंने हिमाचल की बर्फबारी, भूस्खलन और अन्य प्राकृतिक आपदाओं जैसी चुनौतियों के समाधान के लिए नई तकनीक विकसित करने तथा तकनीक को समाज के विभिन्न वर्गों और दूरदराज क्षेत्रों तक पहुंचाने पर जोर दिया। उन्होंने युवाओं से जिज्ञासु बने रहने तथा चरित्र और ईमानदारी से समझौता न करने का आह्वान किया।

206 विद्यार्थियों को मिली उपाधि

आईआईआईटी ऊना के 8वें दीक्षांत समारोह में कुल 206 विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की गईं। इनमें 189 बीटेक और 17 एमटेक (सीएसई-डेटा साइंस) के विद्यार्थी शामिल हैं। एमटेक सीएसई (डेटा साइंस) के प्रथम बैच के विद्यार्थी भी इस अवसर पर दीक्षित हुए।

संस्थान के निदेशक प्रो. मनीष गौड़ ने शैक्षणिक सत्र की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। उन्होंने अकादमिक, प्लेसमेंट, अनुसंधान, नवाचार और उद्यमिता के क्षेत्र में संस्थान की उपलब्धियों की जानकारी दी।

बीटेक के स्नातक बैच ने 95.86 प्रतिशत प्लेसमेंट दर दर्ज की। प्लेसमेंट के लिए उपस्थित 169 विद्यार्थियों में से 162 का चयन हुआ। विद्यार्थियों को 53.6 लाख रुपये वार्षिक का उच्चतम पैकेज और 13.46 लाख रुपये वार्षिक का औसत पैकेज मिला। प्लेसमेंट प्रक्रिया में 70 से अधिक नियोक्ताओं ने भाग लिया।

शाखावार प्लेसमेंट दर सीएसई में 96.49 प्रतिशत, ईसीई में 98.31 प्रतिशत और आईटी में 92.45 प्रतिशत रही।

शैक्षणिक उत्कृष्टता के लिए विद्यार्थियों को पदक

बीटेक सीएसई में वंश गाबा ने 9.21 सीजीपीए के साथ स्वर्ण, अमृतांश झा ने 9.16 के साथ रजत और पारस त्यागी ने 9.10 के साथ कांस्य पदक हासिल किया।

बीटेक ईसीई में चंद्रादित्य परमार ने 9.43 सीजीपीए के साथ स्वर्ण, कौस्तुभ अग्रवाल ने 9.31 के साथ रजत और शर्मा विवेक अनिलकुमार ने 9.17 के साथ कांस्य पदक प्राप्त किया।

बीटेक आईटी में अंशिका अरोड़ा और हर्ष यादव ने 9.19 सीजीपीए के साथ स्वर्ण, तुषार ने 8.79 के साथ रजत तथा आर्यन आर्या ने 8.74 के साथ कांस्य पदक हासिल किया।

एमटेक सीएसई (डेटा साइंस) में अंकुर शर्मा ने 8.73 सीजीपीए के साथ स्वर्ण, शिवांगी ठाकुर ने 8.24 के साथ रजत और किशन श्रीवास्तव ने 8.23 के साथ कांस्य पदक प्राप्त किया।

दीक्षांत समारोह के दौरान स्नातकों ने शपथ लेकर सत्यनिष्ठा, देश, पेशे एवं संस्थान की गरिमा, पर्यावरण संरक्षण, राष्ट्रीय एकता तथा समाज की सेवा में अपने ज्ञान के उपयोग के प्रति प्रतिबद्धता व्यक्त की।

इस अवसर पर एचपीएसआईडीसी के पूर्व उपाध्यक्ष प्रो. राम कुमार, उपायुक्त जतिन लाल, पुलिस अधीक्षक सचिन हिरेमठ, शासी मंडल एवं सीनेट के सदस्य, संकाय सदस्य, अभिभावक तथा संस्थान समुदाय के सदस्य उपस्थित रहे। समारोह का समापन आईआईआईटी ऊना के कुलसचिव रवि सैनी के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।

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