हिमाचल विधानसभा का मानसून सत्र संपन्न, 91 फीसदी रही सदन की प्रोडक्टिविटी

खबर अभी अभी | 03 सितंबर 2026 | शिमला

हिमाचल प्रदेश विधानसभा का 10 दिवसीय मानसून सत्र गुरुवार को राष्ट्रीय गीत के गायन के साथ संपन्न हो गया। विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने सत्र की जानकारी देते हुए बताया कि 21 अगस्त से 3 सितंबर तक चले इस सत्र में सदन की कुल 45 घंटे 30 मिनट कार्यवाही हुई और विधानसभा की प्रोडक्टिविटी 91 फीसदी रही।

अध्यक्ष ने बताया कि सत्र के दौरान कुल 514 तारांकित और 272 अतारांकित प्रश्नों के उत्तर सदन में दिए गए। कई प्रश्नों पर आधे-आधे घंटे तक चर्चा हुई। नियम 62 के तहत 14 विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई, जबकि नियम 130 के तहत स्वास्थ्य सेवाओं और रोजगार गारंटी जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर लंबी चर्चा हुई।

शून्यकाल के दौरान 34 स्थानीय मुद्दे सदन में उठाए गए। सत्र में 11 सरकारी विधेयक पेश किए गए और पारित हुए। इसके अलावा विधानसभा समितियों के 44 प्रतिवेदन और CAG की रिपोर्ट्स भी सदन में प्रस्तुत की गईं। 27 अगस्त को गैर-सरकारी सदस्य दिवस मनाया गया, जबकि नियम 101 के तहत पांच संकल्प सदन में लाए गए, जिनमें से दो सर्वसम्मति से पारित हुए।

विधायकों की गाड़ियों पर लगेगी आधिकारिक झंडी

विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने घोषणा की कि अब विधानसभा की ओर से विधायकों की गाड़ियों पर आधिकारिक झंडी लगाने की व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने कहा कि इससे विशेष रूप से नए विधायकों को विभिन्न स्थानों पर अपनी पहचान बताने की जरूरत नहीं पड़ेग

हर्षवर्धन चौहान बोले- जनता से जुड़े मुद्दों पर हुई चर्चा

संसदीय कार्य मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि मानसून सत्र के दौरान जनता से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई और कई अहम विधेयक पारित किए गए। उन्होंने विपक्ष पर नकारात्मक भूमिका निभाने का आरोप लगाया।

हर्षवर्धन चौहान ने दावा किया कि सरकार ने अपने पौने चार साल के कार्यकाल में 32 हजार सरकारी नौकरियां और 1 लाख 62 हजार रोजगार के अवसर उपलब्ध करवाए हैं। उन्होंने कहा कि इस साल के अंत तक 50 हजार सरकारी नौकरियां देने का लक्ष्य है।

गारंटियों को लेकर उन्होंने कहा कि सरकार के पास अभी सवा एक साल का कार्यकाल शेष है और सरकार सभी गारंटियों को पूरा करे!

जयराम ठाकुर का पलटवार, सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

वहीं, विधानसभा सत्र के समापन पर नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने सरकार पर पलटवार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जल्दबाजी में थी और पूरे सत्र के दौरान सदन का माहौल अफरा-तफरी जैसा रहा।

जयराम ठाकुर ने कहा कि अधिकारी भी सरकार को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं और आज सदन के भीतर कोई अधिकारी मौजूद नहीं था। उन्होंने भाजपा विधायकों को बदले की भावना से प्रताड़ित करने का आरोप लगाते हुए कहा कि सत्ता में आने के बाद भाजपा उन अधिकारियों की भी जांच करवाएगी, जो इन मामलों की जांच में शामिल हैं।

उन्होंने कहा कि राजनीतिक प्रतिशोध की भावना से दर्ज किए गए मामलों को सत्ता में आने के बाद रद्द किया जाएगा। नेता प्रतिपक्ष ने दावा किया कि विपक्ष ने पूरे सत्र के दौरान मजबूती के साथ जनता से जुड़े मुद्दों को सदन में उठाया, लेकिन सरकार इनका जवाब देने की स्थिति में नहीं थी।

जयराम ठाकुर ने मुख्यमंत्री पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री सदन में जल्दबाजी में नजर आए और कई मामलों में गलत बयान दिए। उन्होंने कहा कि कुछ विधेयक विपक्ष की आपत्तियों के बावजूद पारित किए गए हैं और भविष्य में इन विधेयकों को अदालतों में चुनौती दी जा सकती है।

नेता प्रतिपक्ष ने सरकार पर प्रदेश के विकास को ठप करने, स्वास्थ्य एवं शिक्षा व्यवस्था के चरमराने और भ्रष्टाचार में डूबे होने के आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि मौजूदा सरकार का सत्ता से जाना तय है।

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