काशापाठ में बादल फटने से नोगली खड्ड उफान पर, चार हाइड्रो प्रोजेक्टों में बिजली उत्पादन ठप

5 सितंबर 2026 | खबर अभी अभी | रामपुर बुशहर, शिमला

रामपुर बुशहर: शिमला जिले के रामपुर उपमंडल के काशापाठ क्षेत्र के सगेती कंडे में बादल फटने के बाद नोगली खड्ड में अचानक भारी फ्लैश फ्लड आ गया। खड्ड में बढ़े जलस्तर और भारी मात्रा में गाद व गंदा पानी आने से क्षेत्र में संचालित चार हाइड्रो इलेक्ट्रिक परियोजनाओं में बिजली उत्पादन ठप हो गया है।

प्रभावित परियोजनाओं में कुंदन ग्रीन एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड राजपुरा (9.9 मेगावाट), साईं इलेक्ट्रिक हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट (4.5 मेगावाट), जीसी हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट (5 मेगावाट) और ग्रीको जोगणी (16 मेगावाट) शामिल हैं। इन चारों परियोजनाओं की कुल स्थापित क्षमता करीब 35.4 मेगावाट है।

प्रशासन की सूचना पर मजदूरों को समय रहते सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया

कुंदन ग्रीन एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड राजपुरा के परियोजना प्रमुख विनोद के अनुसार शुक्रवार रात करीब साढ़े आठ बजे प्रशासन की ओर से नोगली खड्ड में काशापाठ की तरफ से भारी फ्लैश फ्लड आने की सूचना दी गई।

सूचना मिलते ही खड्ड किनारे रह रहे परियोजना के मजदूरों को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट कर दिया गया। इससे समय रहते एहतियाती कदम उठाए जा सके और किसी अप्रिय घटना को टाला जा सका।

परियोजना प्रमुख ने बताया कि नोगली खड्ड में अभी भी गादयुक्त और गंदा पानी आ रहा है, जिसके कारण विद्युत उत्पादन शुरू नहीं किया जा सका है। जल प्रवाह और पानी में गाद की मात्रा को देखते हुए स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

35.4 मेगावाट विद्युत क्षमता प्रभावित

फ्लैश फ्लड के कारण एक साथ चार हाइड्रो परियोजनाओं के प्रभावित होने से करीब 35.4 मेगावाट की स्थापित विद्युत उत्पादन क्षमता पर असर पड़ा है। परियोजना प्रबंधन के अनुसार उत्पादन बंद रहने से सभी परियोजनाओं को मिलाकर लाखों रुपये का आर्थिक नुकसान होने का अनुमान है।

पानी का प्रवाह सामान्य होने और परियोजनाओं की सुरक्षा सुनिश्चित होने के बाद ही विद्युत उत्पादन दोबारा शुरू किया जाएगा।

काशापाठ में नुकसान नहीं, ग्रामीणों ने सुनीं खड्ड में भारी पानी और मलबे की आवाजें

पूर्व ग्राम पंचायत प्रधान काशापा पुष्पा सनाटू ने बताया कि रात के समय गांव के साथ लगती खड्ड में भारी पानी और मलबा आने की तेज आवाजें सुनाई दे रही थीं। उनके अनुसार काशापाठ के कांडे में बादल फटने के कारण खड्ड में यह भारी पानी आया।

उन्होंने बताया कि काशापाठ क्षेत्र में किसी तरह के नुकसान की सूचना नहीं है।

बादल फटने के बाद नोगली खड्ड में आई अचानक बाढ़ ने जहां चार हाइड्रो परियोजनाओं की विद्युत उत्पादन व्यवस्था को प्रभावित किया है, वहीं प्रशासन और परियोजना प्रबंधन की त्वरित सतर्कता से खड्ड किनारे रह रहे मजदूरों को समय रहते सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा सका।

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