
15 सितंबर 2026 | खबर अभी अभी |शिमला

शिमला। भारत सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के पत्र सूचना कार्यालय (पीआईबी) शिमला द्वारा आयोजित अध्ययन एवं अनुभव यात्रा के तहत शिमला से पहुंचे 13 सदस्यीय मीडिया प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को टेमी टी बागान एवं कारखाने का दौरा किया। प्रतिनिधिमंडल ने टेमी चाय के उत्पादन, प्रसंस्करण और गुणवत्ता नियंत्रण की पूरी प्रक्रिया को करीब से समझा।
मीडिया प्रतिनिधियों ने चाय की पत्तियों के संग्रहण से लेकर प्रसंस्करण, पैकेजिंग और अंतिम उत्पाद तैयार होने तक के विभिन्न चरणों का जायजा लिया। इस दौरान उन्हें चाय की खेती, कच्ची पत्तियों के संग्रहण, उत्पादन की तकनीकी प्रक्रिया और गुणवत्ता बनाए रखने के लिए अपनाए जा रहे उपायों की विस्तृत जानकारी दी गई।
देश की एकमात्र प्रमाणित ऑर्गेनिक सरकार-संचालित चाय
प्रतिनिधिमंडल को बताया गया कि टेमी टी देश की एकमात्र प्रमाणित ऑर्गेनिक सरकार-संचालित चाय है। अधिकारियों ने मीडिया प्रतिनिधियों को टेमी चाय की विशिष्टता, ऑर्गेनिक खेती और उत्पादन के दौरान अपनाए जाने वाले गुणवत्ता मानकों से अवगत कराया।
कारखाने के निरीक्षण के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने पारंपरिक और आधुनिक तकनीकों के समन्वय से चाय उत्पादन की प्रक्रिया को समझा।
युवाओं की पसंद को ध्यान में रखकर नए उत्पादों की तैयारी
मीडिया प्रतिनिधियों के साथ बातचीत में टेमी टी की प्रबंध निदेशक राधा प्रधान ने गुणवत्ता मानकों को बनाए रखने के प्रति संगठन की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि बदलते बाजार और उपभोक्ताओं की पसंद को ध्यान में रखते हुए टेमी टी विस्तार और ब्रांड विकास के लिए नए अवसर तलाश रहा है।
उन्होंने बताया कि खासकर जेन-जी और जेन-अल्फा की बदलती उपभोक्ता पसंद को ध्यान में रखते हुए नए और नवोन्मेषी उत्पाद विकसित करने की संभावनाओं पर काम किया जा रहा है। युवाओं के बीच टेमी टी की पहुंच बढ़ाने के लिए बोबा-टी और रेडी-टू-ड्रिंक प्री-मिक्स ऑर्गेनिक टी जैसे उत्पादों पर विचार किया जा रहा है।
इन उत्पादों के माध्यम से पारंपरिक ऑर्गेनिक चाय को नई पीढ़ी की पसंद और आधुनिक बाजार की जरूरतों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
फ्रेंचाइजी मॉडल और अंतरराष्ट्रीय बाजार पर जोर
राधा प्रधान ने बताया कि टेमी टी को अधिक व्यापक बाजार तक पहुंचाने के लिए एक लचीला फ्रेंचाइजी मॉडल विकसित किया जा रहा है। इसके साथ ही अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रांड की उपस्थिति मजबूत करने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
उन्होंने जापान, जर्मनी, अमेरिका और कोरिया सहित विभिन्न अंतरराष्ट्रीय बाजारों में टेमी टी की पहुंच बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इस दिशा में आवश्यक पहल की जा रही है।
ऑर्गेनिक चाय के लिए मजबूत बाजार विकसित करने की योजना
प्रबंध निदेशक ने आने वाले वर्षों में ऑर्गेनिक चाय के लिए एक विशिष्ट और मजबूत बाजार विकसित करने की योजनाओं की जानकारी भी दी। उन्होंने कहा कि जैविक और टिकाऊ उत्पादों के प्रति उपभोक्ताओं की बढ़ती रुचि को देखते हुए ऑर्गेनिक चाय के क्षेत्र में व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं।
टेमी टी इन संभावनाओं का लाभ उठाने के लिए लगातार नई रणनीतियों पर काम कर रहा है।
एलपीजी में बदला उत्पादन ईंधन
स्वच्छ और टिकाऊ उत्पादन की दिशा में उठाए गए कदमों की जानकारी देते हुए राधा प्रधान ने बताया कि टेमी टी ने अपने उत्पादन ईंधन को एलपीजी में परिवर्तित कर दिया है। इससे उत्पादन प्रक्रिया को अधिक स्वच्छ और टिकाऊ बनाने में मदद मिली है।
मीडिया प्रतिनिधिमंडल के दौरे के दौरान पत्रकारों ने न केवल चाय उत्पादन की पारंपरिक एवं आधुनिक तकनीकों को समझा, बल्कि ऑर्गेनिक खेती, गुणवत्ता, नवाचार और वैश्विक बाजार में भारतीय चाय की संभावनाओं से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां भी प्राप्त कीं।





