
07 अक्टूबर 2026 | खबर अभी अभी | मनाली

हिमाचल प्रदेश के तीन दिवसीय प्रवास के दूसरे दिन भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने बुधवार को समुद्र तल से 10,000 फीट से अधिक की ऊंचाई पर स्थित 9.02 किलोमीटर लंबी अटल टनल का दौरा किया। इस दौरान हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल कविंद्र गुप्ता और लेडी गवर्नर बिन्दु गुप्ता भी राष्ट्रपति के साथ मौजूद रहीं।
अटल टनल के नॉर्थ पोर्टल पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का स्थानीय लोगों ने पारंपरिक तरीके से स्वागत किया। राष्ट्रपति के प्रवास के दौरान मंत्री-इन-वेटिंग एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी, मंडी सांसद कंगना रनौत, लाहौल-स्पीति विधायक अनुराधा राणा, उपायुक्त किरण बड़ाना, जिला प्रशासन और सेना के अधिकारियों ने भी राष्ट्रपति का स्वागत किया। इस अवसर पर राजेश धर्माणी ने राष्ट्रपति को स्मृति चिन्ह भेंट किया।
अटल टनल भारत की तकनीकी क्षमता और दूरदर्शी सोच का प्रतीक: राज्यपाल
राज्यपाल कविंद्र गुप्ता ने अटल टनल को विश्वस्तरीय इंजीनियरिंग का उत्कृष्ट उदाहरण बताते हुए कहा कि इस टनल ने लाहौल-स्पीति को देश के अन्य हिस्सों के और करीब ला दिया है। उन्होंने कहा कि अटल टनल भारत की दूरदर्शी सोच, तकनीकी क्षमता और दुर्गम क्षेत्रों को देश के साथ जोड़ने के संकल्प का प्रमाण है।
उन्होंने कहा कि अटल टनल आधुनिक बुनियादी ढांचे और रणनीतिक विकास के क्षेत्र में देश की सामर्थ्य को प्रदर्शित करने वाली प्रेरणादायक परियोजना है। चुनौतीपूर्ण भौगोलिक परिस्थितियों में निर्मित ऐसी परियोजनाएं न केवल बेहतर संपर्क सुविधा उपलब्ध करवाती हैं, बल्कि दूरदराज क्षेत्रों के लोगों के लिए विकास और नए अवसरों के द्वार भी खोलती हैं।
राष्ट्रपति ने जानी टनल की तकनीकी जानकारी
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने अटल टनल की इंजीनियरिंग एवं निर्माण से जुड़े विभिन्न पहलुओं में रुचि लेते हुए इसके तकनीकी पक्षों की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने टनल के आसपास के हिमालयी प्राकृतिक सौंदर्य का भी आनंद लिया।
हिडिंबा मंदिर में की पूजा-अर्चना
इसके बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और राज्यपाल कविंद्र गुप्ता ने मनाली के ढूंगरी स्थित प्रसिद्ध हिडिंबा मंदिर का दौरा किया और पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद लिया। उन्होंने देशवासियों की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की।
राज्यपाल ने किया पौधारोपण
राज्यपाल कविंद्र गुप्ता ने मनाली स्थित वन विश्रामगृह का भी दौरा किया और वहां पौधारोपण किया। उन्होंने दुर्लभ जिन्कगो बिलोबा का पौधा रोपित कर पर्यावरण संरक्षण और हिमालयी पारिस्थितिकी तंत्र के संरक्षण का संदेश दिया।
राज्यपाल ने कहा कि हिमाचल प्रदेश की समृद्ध प्राकृतिक विरासत का संरक्षण सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने पर्वतीय क्षेत्रों में पर्यावरण संरक्षण, प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा और सतत विकास को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल दिया।





