सीएम बनने के बाद मेरी संपत्ति घटी है, बढ़ी नहीं’: संपत्ति विवाद पर सुखविंदर सिंह सुक्खू का बीजेपी पर पलटवार, दी ED-CBI जांच की चुनौती।

29/7/2026
शिमला
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हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने अपनी व्यक्तिगत संपत्ति और चुनावी हलफनामे (Affidavit) को लेकर सोशल मीडिया तथा विपक्षी दल द्वारा फैलाए जा रहे दावों पर कड़ा रुख अपनाया है। मीडिया से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने साफ किया कि जब से उन्होंने प्रदेश के मुख्यमंत्री का पद संभाला है, तब से उनकी कुल संपत्ति में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है, बल्कि उसमें कमी (गिरावट) आई है। उन्होंने कहा कि यह सच्चाई अगले चुनाव के समय दाखिल किए जाने वाले उनके हलफनामे में स्पष्ट रूप से सबके सामने आ जाएगी।

विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी (BJP) और सोशल मीडिया पर हो रही ट्रोलिंग पर पलटवार करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि किसी को भी उनकी संपत्ति या आय के स्रोतों पर थोड़ा सा भी संदेह है, तो वह प्रवर्तन निदेशालय (ED) या केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) जैसी केंद्रीय एजेंसियों से इसकी निष्पक्ष जांच करवा सकता है।

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू का पूर्ण एवं प्रामाणिक बयान
अपनी संपत्ति से जुड़े विवाद पर मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा:

“जब से मैं मुख्यमंत्री बना हूं, तो मेरी संपत्ति कम हुई है। यह बात अगले चुनाव के हलफनामे में सामने आ जाएगी, जब हम चुनाव लड़ते हैं और उस समय जो एफिडेविट जमा किया जाता है, उसमें यह साफ दिखेगा।

मेरे पिछले चुनावी हलफनामे को सार्वजनिक किया गया और उसे इस तरीके से प्रचारित करने की कोशिश की गई मानो उत्तर भारत (North India) में मुझसे ज्यादा धनी या रीचेस्ट (Richest) कोई मुख्यमंत्री ही नहीं है। इस तरह से इसे सोशल मीडिया और माध्यमों में प्रसारित करने का प्रयास किया गया है।

अब बात उठती है कि यह संपत्ति कहां से आई? तो मैं यह स्पष्ट कर देना चाहता हूं कि इसकी तो पहले ही पूरी इंक्वायरी (जांच) हो चुकी है। मेहनत और ईमानदारी से कोई भी व्यक्ति, चाहे वह किसी भी आम परिवार का आदमी ही क्यों न हो, संपत्ति कमा सकता है।

सोशल मीडिया पर यह नैरेटिव चलाया जा रहा है कि एक आम परिवार का व्यक्ति इतनी संपत्ति कैसे कमा सकता है। लेकिन लोग यह नहीं देख रहे कि जिस समय यह प्रॉपर्टी ली गई थी, उस समय इसकी कीमत कोई ज्यादा नहीं थी। मैं पिछले 40 सालों से शिमला में रहकर काम कर रहा हूं, कड़ी मेहनत करता हूं। मेहनत और ईमानदारी से कोई भी व्यक्ति संपत्ति अर्जित कर सकता है।

अगर किसी को मेरी इस प्रॉपर्टी में तनिक भी डाउट (संदेह) है—खासकर भारतीय जनता पार्टी के लोग जो सोशल मीडिया पर मुझे ट्रोल कर रहे हैं—तो वे इस संपत्ति की पूरी जानकारी ले सकते हैं। वे चाहें तो ED से जानकारी ले लें, CBI से जानकारी ले लें। और जैसा कि मैंने बताया, एक बार तो पहले ही मेरी इस संपत्ति की इंक्वायरी हो चुकी है।

यह वही प्रॉपर्टी है जो चुनाव के वक्त हलफनामे (Affidavit) में दिखाई जाती है, और चुनाव के वक्त हलफनामे में कोई झूठ नहीं दिखाया जाता। भारतीय जनता पार्टी के लोग केवल मेरी साफ-सुथरी छवि को खराब करना चाहते हैं और इस राजनीतिक हथकंडे के तहत उनका सोशल मीडिया तंत्र मुझ पर लगातार अटैक कर रहा है।”

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