
5/8/2026
सोलन
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ग्रामीण विकास को अधिक प्रभावी, सहभागी और जरूरत आधारित बनाने के उद्देश्य से सोलन के बीडीओ कार्यालय में Village Prosperity Resilience Plan (VPRP) विषय पर दो दिवसीय बैठक एवं प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में जिले की करीब 32 पंचायतों से जुड़े स्वयं सहायता समूह (SHG), ग्राम संगठन (VO) के प्रतिनिधियों तथा संबंधित अधिकारियों ने भाग लिया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बीडीओ मंजुला कंवर ने कहा कि VPRP का मुख्य उद्देश्य गांवों के गरीब, वंचित और जरूरतमंद परिवारों की वास्तविक आवश्यकताओं की पहचान कर उन्हें सरकारी विकास योजनाओं से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि जब योजनाएं ग्रामीणों की मांग और जरूरतों के अनुरूप तैयार होंगी, तभी उनका लाभ सही पात्र लोगों तक प्रभावी ढंग से पहुंच सकेगा।
उन्होंने बताया कि यह योजना दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (DAY-NRLM) के तहत स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से तैयार की जाती है। इसमें परिवार स्तर पर प्राप्त मांगों को ग्राम संगठन और क्लस्टर स्तर पर समेकित कर ग्राम पंचायत विकास योजना (GPDP) में शामिल किया जाता है, जिससे पंचायतें विकास कार्यों की प्राथमिकताओं का बेहतर निर्धारण कर सकें।
कार्यशाला में अधिकार एवं पात्रता, आजीविका, सार्वजनिक संसाधन विकास और सामाजिक विकास जैसे चार प्रमुख विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई। इस दौरान राशन कार्ड, पेंशन, आयुष्मान भारत, प्रधानमंत्री आवास योजना, मनरेगा, कृषि, पशुपालन, सड़क, पेयजल, सिंचाई, शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता और महिला सशक्तिकरण से जुड़ी योजनाओं को प्राथमिकता देने पर विशेष जोर दिया गया।
प्रतिभागियों को VPRP तैयार करने की प्रक्रिया, ग्राम स्तर पर सर्वेक्षण, मांगों के संकलन और विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के संबंध में भी विस्तृत जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने कहा कि VPRP के प्रभावी क्रियान्वयन से पंचायत स्तर पर विकास कार्य अधिक पारदर्शी, सहभागी और जनहितकारी बनेंगे तथा सरकारी योजनाओं का लाभ वास्तविक पात्र लोगों तक सुनिश्चित किया जा सकेगा।







