35 साल बाद मिला परिवार, छलक उठीं आंखें

23 सितंबर 2026 | खबर अभी अभी | मंडी

‘Mission Apno Tak’ ने ओडिशा की प्रमिला को अपनों से मिलाया

करीब 35 वर्षों से परिवार से बिछड़ी ओडिशा की प्रमिला आखिरकार अपने अपनों से फिर जुड़ गईं। ‘Mission Apno Tak’ के प्रयासों से उनकी पहचान और परिवार का पता लगाने में सफलता मिली। शिमला से भंगरोटू तक पहुंची प्रमिला की कहानी परिवार के पुनर्मिलन की भावुक मिसाल बन गई है।

संस्थागत रिकॉर्ड में प्रमिला का नाम रामकली मलिक भी दर्ज था। वह मूल रूप से ओडिशा के केंद्रापड़ा जिले की अलुपुआ पंचायत की निवासी हैं। वर्ष 2011 से 2018 तक उन्होंने शिमला स्थित मानसिक स्वास्थ्य देखभाल केंद्र में समय बिताया। इसके बाद वह नारी निकेतन, शिमला और फिर वृद्ध आश्रम भंगरोटू पहुंचीं।

बांह पर बना टैटू बना अहम सुराग

प्रमिला की बांह पर ओड़िया भाषा में बना नाम का टैटू परिवार की तलाश में अहम सुराग बना। बातचीत के दौरान उनके द्वारा कटक और ओडिशा के अन्य स्थानों से जुड़ी बताई गई यादों को भी जोड़ा गया। इन सुरागों के आधार पर तलाश केंद्रापड़ा तक पहुंची।

प्रशासन और ओडिशा पुलिस ने किया सहयोग

‘Mission Apno Tak’ के तहत एसडीएम बल्ह समृतिका नेगी ने तहसील कल्याण अधिकारी धर्मशीला के साथ वृद्ध आश्रम भंगरोटू का दौरा कर प्रमिला से बातचीत की। उनके वीडियो सुश्री सबिता चंदा और India Cares के साथ साझा किए गए। इसके बाद ओडिशा पुलिस के सहयोग से सुरागों का सत्यापन किया गया।

सुश्री सबिता चंदा ने अरुण बोथरा, IPS, ADG Odisha Railway Police & Coastal Security से संपर्क किया। अमित कुमार मलिक, ओडिशा पुलिस, प्रणय राउत और राजा मलिक ने भी परिवार की तलाश में महत्वपूर्ण सहयोग दिया।

वीडियो कॉल पर 35 साल बाद हुई अपनों से बात

लगातार प्रयासों के बाद प्रमिला के परिवार का पता चला। करीब 35 वर्षों के बाद वीडियो कॉल पर जब उन्होंने अपने परिवार से बातचीत की तो माहौल भावुक हो गया। परिवार के सदस्यों की आंखों में खुशी के आंसू थे। प्रमिला के लिए भी यह अपने रिश्तों से दोबारा जुड़ने का बेहद भावुक अवसर रहा।

एक टैटू, कुछ बिखरी यादें और पुराने स्थानों के नाम—इन्हीं छोटे-छोटे सुरागों ने आखिरकार 35 साल पुरानी दूरी को खत्म कर दिया।

Share the news