आपदा प्रभावित पेयजल योजनाओं की मरम्मत को प्रति योजना मिलेंगे ₹2 लाख, तीन दिन में प्रस्ताव भेजे जल शक्ति विभाग: उपायुक्त

5/8/2026
शिमला
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उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप ने कहा है कि जिले में आपदा से क्षतिग्रस्त पेयजल योजनाओं की मरम्मत एवं जीर्णोद्धार के लिए राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (SDMA) के माध्यम से प्रत्येक योजना के लिए 2 लाख रुपये की राशि उपलब्ध कराई जाएगी। इसके लिए जल शक्ति विभाग को तीन दिन के भीतर आवश्यक दस्तावेजों सहित प्रस्ताव उपायुक्त कार्यालय भेजने के निर्देश दिए गए हैं।

उपायुक्त जल जीवन मिशन के तहत आयोजित जिला स्तरीय जल एवं स्वच्छता अभियान की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल उन्हीं योजनाओं को बजट स्वीकृत होगा, जिनकी क्षति की रिपोर्ट राजस्व विभाग में दर्ज होगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि भविष्य में किसी भी पेयजल योजना के क्षतिग्रस्त होने पर संबंधित पटवारी के पास तत्काल रिपोर्ट दर्ज करवाई जाए और सभी जरूरी दस्तावेज समय पर तैयार किए जाएं।

उन्होंने कहा कि जल शक्ति विभाग द्वारा प्रस्ताव प्राप्त होने के तीन दिन के भीतर बजट जारी कर दिया जाएगा, बशर्ते सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी हों।

जल जीवन मिशन में 203 योजनाएं पूरी

बैठक में बताया गया कि जिले में जल जीवन मिशन के तहत स्वीकृत 264 योजनाओं में से 203 योजनाओं का कार्य पूरा हो चुका है। वहीं हर घर जल गांव योजना के अंतर्गत जिले के 2,536 गांवों में से 1,699 गांवों को प्रमाण-पत्र जारी किए जा चुके हैं, जबकि 837 गांवों की प्रक्रिया अभी लंबित है।

जल सेवा आकलन में 95.50 प्रतिशत प्रगति

जिले में जल सेवा आकलन (Jal Seva Aankalan) के तहत भी उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई है। कुल 2,536 गांवों में से 2,422 गांवों में आकलन पूरा हो चुका है, जिससे जिले की प्रगति 95.50 प्रतिशत तक पहुंच गई है।

जिले के 13 विकास खंडों में से 10 विकास खंड—बसंतपुर, छोहारा, जुब्बल, कोटखाई, मशोबरा, ननखड़ी, नारकंडा, रामपुर, रोहड़ू और टुटू—ने 100 प्रतिशत उपलब्धि हासिल कर ली है।

शेष तीन विकास खंडों में भी कार्य अंतिम चरण में है। चौपाल में 83.73 प्रतिशत, कुपवी में 82.35 प्रतिशत और ठियोग में 86.75 प्रतिशत जल सेवा आकलन पूरा हो चुका है।

उपायुक्त ने अधिकारियों और फील्ड टीमों को निर्देश दिए कि शेष कार्य निर्धारित समय सीमा में पूरा कर जिले के सभी गांवों में जल सेवा आकलन और संबंधित रिपोर्ट समयबद्ध तरीके से प्रस्तुत की जाए।

बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त सचिन शर्मा, जिला योजना अधिकारी निवेदिता, जिला पंचायत अधिकारी विनय रुड़की, परियोजना अधिकारी डीआरडीए विवेक पॉल सहित सभी खंड विकास अधिकारी उपस्थित रहे।

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