
6/8/2026
कुल्लू
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कसोल के ग्राहन क्षेत्र में जून 2026 में आयोजित रेव पार्टी मामले और उसके बाद हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणियों के मद्देनजर प्रदेश सरकार ने जिला कुल्लू में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है। सरकार ने 2019 बैच के आईपीएस अधिकारी अभिषेक एस (Abishek Sekar) को तत्काल प्रभाव से कुल्लू का नया पुलिस अधीक्षक (एसपी) नियुक्त किया है। वहीं, एडीएम सुरजीत सिंह को जिला कुल्लू के उपायुक्त (डीसी) का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया है।
सरकार की ओर से जारी आदेशों के अनुसार, पूर्व उपायुक्त अनुराग चंद्र शर्मा को आगामी नियुक्ति के लिए कार्मिक विभाग में रिपोर्ट करने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, एचपीएस अधिकारी मदन लाल (2006 बैच) को तत्काल प्रभाव से पुलिस मुख्यालय शिमला में रिपोर्ट करने को कहा गया है। उनकी अगली तैनाती के आदेश अलग से जारी किए जाएंगे।
नए एसपी अभिषेक एस का प्रोफाइल
अभिषेक एस (Abishek Sekar) 2019 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं और हिमाचल प्रदेश कैडर से संबंध रखते हैं। उनका मूल निवास तमिलनाडु है। वर्तमान नियुक्ति से पहले वे पुलिस मुख्यालय शिमला में एसपी (लॉ एंड ऑर्डर) के पद पर कार्यरत थे। उनके पास एसपी साइबर क्राइम (सीआईडी) का अतिरिक्त प्रभार भी था।
इससे पूर्व वे करीब 15 महीने तक किन्नौर जिले के पुलिस अधीक्षक रह चुके हैं। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ जनसंपर्क को भी प्राथमिकता दी थी।
रेव पार्टी मामले के बाद हुई कार्रवाई
यह प्रशासनिक बदलाव जून 2026 में कसोल के ग्राहन क्षेत्र स्थित ग्रीन फॉरेस्ट-1 और ग्रीन फॉरेस्ट-2 में 7 से 11 जून के बीच आयोजित बड़े पैमाने की रेव पार्टी के मामले के बाद सामने आया है।
मामले की सुनवाई के दौरान हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट की खंडपीठ, जिसमें मुख्य न्यायाधीश गुरमीत सिंह संधावालिया और न्यायमूर्ति बिपिन चंद्र नेगी शामिल थे, ने जिला प्रशासन की कार्यप्रणाली पर कड़ी टिप्पणी की थी। अदालत ने कहा था कि पुलिस की पूर्व चेतावनियों के बावजूद आयोजन की अनुमति दी गई और प्रशासन ने अपने दायित्वों का प्रभावी ढंग से निर्वहन नहीं किया। इसके बाद अदालत ने तत्कालीन डीसी, एसपी और संबंधित एसडीएम के तबादले के निर्देश दिए थे।
बाद में जुलाई के अंतिम सप्ताह में सुप्रीम कोर्ट ने तबादलों से जुड़े हाईकोर्ट के आदेश में हस्तक्षेप करने से इनकार करते हुए उसे बरकरार रखा। हाईकोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया था कि कुल्लू जैसे संवेदनशील पर्यटन जिले में आईपीएस कैडर के अधिकारी को ही पुलिस अधीक्षक के पद पर नियुक्त किया जाए।
कानून-व्यवस्था मजबूत करने की दिशा में कदम
सरकार के इस फैसले को हाईकोर्ट के निर्देशों के अनुपालन के साथ-साथ कुल्लू जिले में कानून-व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। पर्यटन गतिविधियों और बढ़ती पर्यटक आवाजाही को देखते हुए प्रशासनिक स्तर पर यह बदलाव भविष्य में बेहतर निगरानी और प्रभावी कानून-व्यवस्था सुनिश्चित करने की दृष्टि से अहम माना जा रहा है।






