
15 सितंबर 2026 | खबर अभी अभी | देवगढ़, कोटखाई

देवगढ़। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने मंगलवार को कोटखाई उपमंडल की सीमावर्ती पंचायत देवगढ़ में आयोजित मां कामाक्षा रेहाली मेला सांबर-बेयोण में शिरकत की। उन्होंने माता का आशीर्वाद लेकर क्षेत्र की सुख-समृद्धि और उन्नति की कामना की। इस अवसर पर ठियोग विधानसभा क्षेत्र के विधायक कुलदीप सिंह राठौर भी मौजूद रहे।
जनसभा को संबोधित करते हुए शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने कहा कि हिमाचल प्रदेश देवी-देवताओं की भूमि है और यहां की विशिष्ट देव संस्कृति पूरे विश्व में अनूठी पहचान रखती है। उन्होंने कहा कि हिमाचल की संस्कृति से आम जनमानस गहराई से जुड़ा हुआ है और इसी सांस्कृतिक आधार ने प्रदेश के गठन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
उन्होंने कहा कि हिमाचल निर्माता एवं प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री डॉ. यशवंत सिंह परमार और अन्य स्वतंत्रता सेनानियों ने पहाड़ी संस्कृति और क्षेत्र की विशिष्ट पहचान को आधार बनाकर हिमाचल को अलग पहाड़ी राज्य बनाने के प्रयास किए। उनके प्रयासों के परिणामस्वरूप हिमाचल प्रदेश आज अपने वर्तमान स्वरूप में अस्तित्व में है।
रोहित ठाकुर ने कहा कि मेले और त्योहार हमारी समृद्ध संस्कृति के प्रतीक हैं। इन सांस्कृतिक धरोहरों को संरक्षित करना हम सभी की जिम्मेदारी है, ताकि हिमाचल की अनूठी देव संस्कृति आने वाली पीढ़ियों तक सुरक्षित रह सके। उन्होंने युवाओं से अपनी पुरातन संस्कृति से जुड़े रहने का आह्वान किया।
स्थानीय बोलियों के संरक्षण पर जोर
शिक्षा मंत्री ने कहा कि वर्तमान कांग्रेस सरकार स्थानीय बोलियों के संरक्षण के लिए भी कदम उठा रही है। स्कूलों में प्रत्येक शनिवार को स्थानीय बोली में वार्तालाप करने को अनिवार्य किया गया है, ताकि बच्चे अपनी स्थानीय बोलियों को सीख सकें और इन्हें लुप्त होने से बचाया जा सके।
उन्होंने कहा कि ठोडा हिमाचल के पहाड़ी क्षेत्रों का ऐतिहासिक पारंपरिक खेल है, जिसका संबंध महाभारत कालीन योद्धाओं से जोड़ा जाता है। वर्तमान में शाठी और पांशी क्षेत्र के लोग धनुष-बाण के माध्यम से इस खेल का आयोजन करते हैं। इसमें शाठी कौरवों और पांशी पांडवों का प्रतिनिधित्व करते हैं।
रोहित ठाकुर ने बताया कि प्रदेश सरकार ने ठोडा को अंडर-19 खेलों के अंतर्गत मंजूरी प्रदान कर दी है। अब इसकी प्रतियोगिताएं स्कूल स्तर पर आयोजित की जाएंगी।
छठी कक्षा से इतिहास और संस्कृति की पढ़ाई पर विशेष जोर
शिक्षा मंत्री ने कहा कि हिमाचल के स्कूलों में प्रदेश के समृद्ध इतिहास, कला और संस्कृति को पाठ्यक्रम के माध्यम से पढ़ाया जा रहा है। इसमें और सुधार किए गए हैं। अगले शैक्षणिक सत्र से छठी कक्षा से इन विषयों के पठन-पाठन पर विशेष बल दिया जाएगा, ताकि विद्यार्थी अपने राज्य की संस्कृति, इतिहास और परंपराओं को बेहतर ढंग से समझ सकें।
17 करोड़ से सड़कों का उन्नयन
रोहित ठाकुर ने कहा कि देवगढ़ पंचायत उनके विधानसभा क्षेत्र की सीमावर्ती पंचायत है और इस क्षेत्र से उनका भावनात्मक जुड़ाव रहा है। उन्होंने कहा कि विधानसभा क्षेत्र के अन्य हिस्सों की तरह देवगढ़ क्षेत्र में भी विकास के नए आयाम स्थापित किए जा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि क्षेत्र की प्रमुख हिमरी वैली सड़क तथा कनरोट से जंगरोली सड़क को 17 करोड़ रुपये की लागत से स्तरोन्नत किया गया है। इससे क्षेत्र के किसानों और बागवानों को सीधा लाभ मिलेगा। इसके अलावा बियोन से ठाणा मेला मैदान तक 700 मीटर लंबी सड़क के लिए 25 लाख रुपये की लागत से स्वीकृति प्रदान की गई है।
इस अवसर पर शिक्षा मंत्री ने मेला कमेटी को 30 हजार रुपये तथा दोनों ठोडा दलों को 10-10 हजार रुपये देने की घोषणा की।
कुलदीप सिंह राठौर ने भी दी मेले की शुभकामनाएं
ठियोग विधानसभा क्षेत्र के विधायक कुलदीप सिंह राठौर ने कहा कि मेले और त्योहार हिमाचल प्रदेश की समृद्ध देव संस्कृति एवं परंपराओं के अभिन्न अंग हैं। ये आयोजन समाज में आपसी भाईचारे, सौहार्द और मेलजोल की भावना को मजबूत करते हैं।
उन्होंने कहा कि संस्कृति और लोक परंपराएं हिमाचल की पहचान हैं और इनके संरक्षण एवं संवर्धन के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं। प्रदेश सरकार ग्रामीण क्षेत्रों के विकास के साथ स्थानीय कला, संस्कृति, खेल और पारंपरिक विरासत को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है।
राठौर ने क्षेत्रवासियों को मां कामाक्षा रेहाली मेला सांबर-बेयोण की शुभकामनाएं देते हुए क्षेत्र की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। उन्होंने मेला कमेटी को 25 हजार रुपये देने की घोषणा भी की।
देवगढ़ स्कूल भवन का किया निरीक्षण
शिक्षा मंत्री ने 3 करोड़ 18 लाख रुपये की लागत से निर्माणाधीन राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय देवगढ़ के भवन का निरीक्षण भी किया। उन्होंने निर्माण कार्य से जुड़े अधिकारियों और ठेकेदार को 31 दिसंबर तक भवन का निर्माण कार्य पूरा करने के निर्देश दिए।
इस अवसर पर ब्लॉक अध्यक्ष ठियोग संजय शर्मा, पंचायत समिति कोटखाई के उपाध्यक्ष सुनील राजटा, ब्लॉक कांग्रेस कमेटी जुब्बल-नावर-कोटखाई के जितेंद्र मेहता, कांग्रेस जोन प्रभारी प्रताप चौहान, पूर्व पंचायत समिति अध्यक्षा रेखा चौहान, पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधि, मेला कमेटी सदस्य, कांग्रेस कार्यकर्ता और स्थानीय लोग उपस्थित रहे।





