निर्माणाधीन स्टोन क्रशर में मंत्री की 40 प्रतिशत हिस्सेदारी का RTI में उल्लेख, निष्पक्ष जांच की मांग

खबर अभी अभी | 03 सितंबर 2026! शिमला

शिमला। पूर्व विधायक एवं भाजपा नेता रविंद्र धीमान ने प्रदेश सरकार के मंत्री यादविंद्र गोमा पर जयसिंहपुर क्षेत्र के हणोन में निर्माणाधीन स्टोन क्रशर में साझेदारी होने तथा इसके निर्माण में नियमों की कथित अनदेखी को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। धीमान ने दावा किया कि RTI के माध्यम से सामने आई जानकारी में उक्त निर्माणाधीन स्टोन क्रशर में मंत्री की 40 प्रतिशत हिस्सेदारी का उल्लेख होने की बात सामने आई है। उन्होंने पूरे मामले से जुड़े दस्तावेजों और सरकारी रिकॉर्ड की निष्पक्ष जांच करवाने की मांग की है।

रविंद्र धीमान ने कहा कि यदि किसी मंत्री अथवा विधायक की ऐसी व्यावसायिक गतिविधि में हिस्सेदारी है तो यह जनप्रतिनिधि की जवाबदेही और संभावित हितों के टकराव से जुड़े गंभीर सवाल खड़े करता है। उन्होंने मांग की कि मामले की सक्षम स्तर पर जांच कर यह स्पष्ट किया जाए कि संबंधित व्यावसायिक गतिविधि में किसकी क्या भूमिका और हिस्सेदारी है तथा सभी कानूनी प्रावधानों का पालन हुआ है या नहीं।

पुल के आसपास क्रशर लगाने को लेकर उठाए सवाल

भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि कंगैहण पुल के समीप बनाए जा रहे इस स्टोन क्रशर में खनन संबंधी नियमों और निर्धारित मानकों की अनदेखी की जा रही है। उनका कहना है कि निर्धारित नियमों के अनुसार पुल के 200 मीटर ऊपरी हिस्से और 300 मीटर निचले हिस्से में क्रशर स्थापित करने को लेकर प्रतिबंधात्मक प्रावधान हैं। ऐसे में संबंधित स्थान पर निर्माण और क्रशर की स्थापना को लेकर नियमों के अनुपालन की जांच आवश्यक है।

धीमान ने कहा कि प्रशासन को मौके की स्थिति, दूरी, स्वीकृतियों और संबंधित विभागों से प्राप्त अनुमतियों का रिकॉर्ड सार्वजनिक करना चाहिए, ताकि स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सके।

हाईकोर्ट के स्टे के बावजूद निर्माण जारी रहने का आरोप

रविंद्र धीमान ने कहा कि मुश्तरीका जमीन से जुड़े मामले में हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट द्वारा 9 दिसंबर 2025 को स्थगन आदेश दिए जाने के बावजूद निर्माण कार्य जारी रहने का आरोप है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि न्यायालय का स्टे प्रभावी है तो निर्माण कार्य किस आधार पर जारी है और इसे रोकने के लिए प्रशासन की ओर से अब तक क्या कदम उठाए गए हैं।

उन्होंने प्रशासन से मांग की कि न्यायालय के आदेश, संबंधित भूमि रिकॉर्ड और निर्माण से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर स्थिति स्पष्ट की जाए।

प्रशासन की कार्रवाई पर भी सवाल

भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि स्थानीय स्तर पर मामला बार-बार उठाए जाने के बावजूद संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों की ओर से अपेक्षित प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है। उन्होंने कहा कि इससे क्षेत्र के लोगों के बीच यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि कहीं राजनीतिक प्रभाव के कारण नियमों की अनदेखी तो नहीं हो रही।

उन्होंने कहा कि सरकार को इस मामले से जुड़े सभी दस्तावेज और रिकॉर्ड जांच के बाद सार्वजनिक करने चाहिए। यदि जांच में किसी भी स्तर पर नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए।

पेयजल योजनाओं और पर्यावरण को लेकर चिंता

रविंद्र धीमान ने प्रस्तावित स्टोन क्रशर से आसपास की पेयजल योजनाओं और पर्यावरण पर पड़ने वाले संभावित प्रभाव को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि यह केवल एक व्यावसायिक गतिविधि का मामला नहीं है, बल्कि क्षेत्र की जनता के पेयजल स्रोतों, पर्यावरण और सार्वजनिक हित से सीधे जुड़ा विषय है।

उन्होंने कहा कि विकास और व्यवसाय के नाम पर लोगों के पेयजल स्रोतों तथा प्राकृतिक संसाधनों को खतरे में डालने की अनुमति किसी को नहीं दी जानी चाहिए। संबंधित विभागों को पर्यावरणीय मानकों, पेयजल स्रोतों की दूरी और अन्य निर्धारित शर्तों की मौके पर जांच करनी चाहिए।

राज्यपाल, मुख्यमंत्री समेत कई नेताओं को भेजा पत्र

धीमान ने बताया कि उन्होंने पूरे प्रकरण को लेकर राज्यपाल, विधानसभा अध्यक्ष, मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष को पत्र भेजकर निष्पक्ष जांच तथा आवश्यक कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

उन्होंने कहा कि यदि जांच के दौरान संज्ञेय अपराध से संबंधित तथ्य सामने आते हैं तो नियमानुसार FIR दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने सरकार से मामले की जांच को समयबद्ध तरीके से पूरा करने की मांग की है।

“सत्ता स्थायी नहीं, जनता के प्रति जवाबदेही हमेशा कायम”

मंत्री यादविंद्र गोमा पर निशाना साधते हुए रविंद्र धीमान ने कहा कि जनता की ओर से उठाए जा रहे सवालों का जवाब तथ्यों और दस्तावेजों के आधार पर दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, “सत्ता स्थायी नहीं होती, लेकिन जनता के प्रति जवाबदेही हमेशा कायम रहती है। किसी भी राजनीतिक पद पर बैठा व्यक्ति कानून और नियमों से ऊपर नहीं हो सकता।”

उन्होंने कहा कि जयसिंहपुर की जनता के हितों से जुड़े मामलों में भाजपा मजबूती से आवाज उठाती रहेगी। नियमों की कथित अनदेखी, पर्यावरण संरक्षण, पेयजल योजनाओं और सार्वजनिक हित से जुड़े मुद्दों पर पार्टी लोकतांत्रिक तरीके से अपना संघर्ष जारी रखेगी।

रविंद्र धीमान ने प्रशासन से मांग की कि पूरे मामले की समयबद्ध और निष्पक्ष जांच कर सभी तथ्यों को सार्वजनिक किया जाए, ताकि किसी भी प्रकार की शंका की गुंजाइश न रहे और जनता के सामने मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके।

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