
6/8/2026
पालमपुर (कांगड़ा)
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हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के पालमपुर और बैजनाथ क्षेत्र में आवारा कुत्तों का बढ़ता आतंक लोगों के लिए गंभीर चिंता का विषय बनता जा रहा है। इन दोनों क्षेत्रों में हर महीने 50 से अधिक लोगों के डॉग बाइट (कुत्ते के काटने) के मामले सामने आ रहे हैं, जिससे स्थानीय निवासियों में भय का माहौल है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बाजारों, रिहायशी इलाकों, स्कूलों और सार्वजनिक स्थानों पर आवारा कुत्तों की संख्या लगातार बढ़ रही है। सबसे अधिक खतरा बच्चों, बुजुर्गों और सुबह-शाम टहलने निकलने वाले लोगों को बना हुआ है।
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, हर महीने 50 से ज्यादा लोग डॉग बाइट के बाद अस्पताल पहुंचकर एंटी-रेबीज टीके लगवा रहे हैं। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि समय पर उपचार मिलने से रेबीज जैसी गंभीर बीमारी से बचाव संभव है, लेकिन लगातार बढ़ते मामलों ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है।
स्थानीय निवासियों और सामाजिक संगठनों ने प्रशासन से आवारा कुत्तों की नसबंदी (स्टरलाइजेशन) और टीकाकरण अभियान को तेज करने की मांग की है। उनका कहना है कि केवल अस्थायी उपायों से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि वैज्ञानिक तरीके से जनसंख्या नियंत्रण और नियमित निगरानी की आवश्यकता है।
लोगों ने नगर निकायों और संबंधित विभागों से प्रभावित क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाने, आवारा कुत्तों की संख्या नियंत्रित करने और सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जल्द प्रभावी कदम उठाने की अपील की है।






