
16 सितंबर 2026 | खबर अभी अभी | सोलन

सोलन। शूलिनी यूनिवर्सिटी के योगानंद स्कूल ऑफ स्पिरिचुअलिटी एंड हैप्पीनेस (YSSH) को इंडियन योग एसोसिएशन (IYA) के एसोसिएट सेंटर के रूप में मान्यता मिली है। यूनिवर्सिटी के अनुसार इस जुड़ाव से योग, आध्यात्मिकता, शोध और समग्र कल्याण के क्षेत्र में उसकी अकादमिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
इंडियन योग एसोसिएशन योग संस्थानों, अभ्यासकर्ताओं, शिक्षकों और शोधकर्ताओं को एक मंच पर जोड़ने का कार्य करता है। YSSH के अनुसार IYA के साथ जुड़ाव से शोध, शिक्षा, प्रायोगिक प्रशिक्षण, कार्यशालाओं, सेमिनार और अकादमिक सहयोग के अवसर बढ़ेंगे।
YSSH के प्रोफेसर एवं प्रमुख प्रोफेसर (डॉ.) निधीश कुमार यादव और असिस्टेंट प्रोफेसर रमा मिश्रा इंडियन योग एसोसिएशन के आजीवन सदस्य हैं। यूनिवर्सिटी के अनुसार उनके जुड़ाव से योग के क्षेत्र में कार्य कर रहे विद्वानों, अभ्यासकर्ताओं और संस्थानों के साथ YSSH का अकादमिक संपर्क और मजबूत होगा।
इस पहल से शूलिनी यूनिवर्सिटी के छात्रों और शोधकर्ताओं को योग के व्यापक समुदाय के साथ संवाद और अकादमिक सहयोग के अवसर मिलने की उम्मीद है। इसमें योग के अभ्यासकर्ताओं एवं शोधकर्ताओं के साथ बातचीत के साथ-साथ योग के अध्ययन और अभ्यास के विभिन्न दृष्टिकोणों को समझने के अवसर शामिल हैं।
प्रोफेसर (डॉ.) निधीश कुमार यादव ने कहा कि IYA की मान्यता से भारत की पारंपरिक योग ज्ञान परंपरा को आधुनिक अकादमिक और वैज्ञानिक दृष्टिकोण से जोड़ने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि YSSH योग को केवल शारीरिक अभ्यास तक सीमित न रखते हुए मानसिक कल्याण, भावनात्मक संतुलन, लचीलापन, माइंडफुलनेस, आध्यात्मिकता और समग्र मानवीय विकास से जोड़कर अध्ययन करने पर काम कर रहा है।
उन्होंने बताया कि YSSH का मुख्य फोकस योग के क्षेत्र में साक्ष्य-आधारित और बहुविषयक शोध पर रहेगा। इसके तहत योग को मनोविज्ञान, शरीर विज्ञान, न्यूरोसाइंस, स्वास्थ्य, वेलनेस और मानवीय प्रदर्शन जैसे क्षेत्रों से जोड़कर अध्ययन किया जाएगा।
प्रोफेसर यादव के अनुसार स्कूल शैक्षणिक और अनुभव-आधारित पहलों को भी मजबूत करने की दिशा में काम करेगा, ताकि छात्रों को योग की पारंपरिक आधारभूमि के साथ-साथ आधुनिक समय में इसके विभिन्न उपयोगों को समझने का अवसर मिल सके।





