युवाओं के नेतृत्व से होगा स्वस्थ एवं संवेदनशील समाज का निर्माण : राज्यपाल

सितंबर 2026 | खबर अभी अभी | शिमला

शिमला। राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने युवाओं का आह्वान किया है कि वे समाज में स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने, भेदभाव समाप्त करने और मानव सेवा की भावना को मजबूत करने में अग्रणी भूमिका निभाएं। राज्यपाल रविवार को हिमाचल प्रदेश राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय (एचपीएनएलयू), शिमला में आयोजित ‘स्वास्थ्य मंथन-2026’ के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे।

एचपीएनएलयू की एनसीसी इकाई ने राज्य एवं जिला रेडक्रॉस सोसायटी, हिमाचल प्रदेश के संयुक्त तत्वावधान में ‘स्वस्थ कल के लिए युवा नेतृत्व का सशक्तिकरण’ विषय पर इस कार्यक्रम का आयोजन किया।

विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं और प्रतिभागियों को बधाई देते हुए राज्यपाल ने कहा कि कार्यक्रम की विषयवस्तु वर्तमान समय में अत्यंत प्रासंगिक है। युवा देश का भविष्य होने के साथ-साथ आज की सबसे बड़ी ताकत भी हैं। स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए युवाओं में जागरूकता, संवेदनशीलता और सक्रिय भागीदारी का होना आवश्यक है।

राज्यपाल, जो राज्य रेडक्रॉस के अध्यक्ष भी हैं, ने कहा कि स्वास्थ्य केवल अस्पतालों और चिकित्सा उपचार तक सीमित नहीं है। इसका संबंध व्यक्ति की गरिमा, समानता, जागरूकता और सामाजिक न्याय से भी है। स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे लोगों के प्रति व्याप्त भ्रांतियों और भेदभाव को समाप्त करने की आवश्यकता है। बीमारी के साथ-साथ अज्ञानता और सामाजिक कलंक जैसी बुराइयों के खिलाफ समाज को एकजुट होकर लड़ना होगा।

उन्होंने युवाओं से प्रमाणिक स्वास्थ्य संबंधी जानकारी का प्रसार करने और मिथकों व भ्रांतियों को चुनौती देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि युवाओं को लोगों को आवश्यकता पड़ने पर उचित स्वास्थ्य सेवाएं और परामर्श लेने के लिए भी प्रोत्साहित करना चाहिए।

राज्यपाल ने कहा कि कानून केवल नियमों और प्रावधानों का संग्रह नहीं है, बल्कि यह लोगों की गरिमा, समानता और अधिकारों की रक्षा का महत्वपूर्ण माध्यम है। स्वस्थ शरीर, स्वस्थ मन और संवेदनशील समाज के निर्माण के लिए जनस्वास्थ्य, कानून और मनोविज्ञान के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है।

युवाओं से विभिन्न क्षेत्रों में अपनी जिम्मेदारियां निभाने का आह्वान करते हुए राज्यपाल ने कहा कि नेतृत्व पद या अधिकार से नहीं, बल्कि जिम्मेदारी और सेवा की भावना से परिभाषित होता है। उन्होंने युवाओं से ऐसे समाज के निर्माण में योगदान देने का आग्रह किया, जहां लोग बिना भय के सहायता प्राप्त कर सकें, मरीजों के साथ गरिमा और सम्मान से व्यवहार हो, सही स्वास्थ्य संबंधी जानकारी प्रत्येक व्यक्ति तक पहुंचे और किसी भी व्यक्ति को उसकी स्वास्थ्य स्थिति के आधार पर भेदभाव का सामना न करना पड़े।

राज्यपाल ने ‘स्वास्थ्य मंथन-2026’ के सफल आयोजन के लिए हिमाचल प्रदेश राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय, यूथ रेडक्रॉस, राज्य एवं जिला रेडक्रॉस, एनसीसी, संकाय सदस्यों तथा आयोजन समिति को बधाई दी। उन्होंने उम्मीद जताई कि कार्यक्रम के दौरान हुए विचार-विमर्श से देशभर में स्वास्थ्य जागरूकता, युवा नेतृत्व और मानवीय सेवा के क्षेत्र में नई पहलों को प्रेरणा मिलेगी।

इस अवसर पर राज्यपाल ने औपचारिक रूप से ‘स्वास्थ्य मंथन-2026’ के समापन की घोषणा की। इससे पहले एचपीएनएलयू की कुलपति प्रो. प्रीति सक्सेना ने राज्यपाल का स्वागत किया।

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