
खबर अभी अभी | 03 सितंबर 2026 | सोलन

शूलिनी यूनिवर्सिटी ने यूनाइटेड किंगडम की यूनिवर्सिटी ऑफ एडिनबर्ग के दो सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल का चार दिवसीय दौरे पर स्वागत किया। दौरे का उद्देश्य शिक्षा, अनुसंधान, छात्र सहभागिता और अंतरराष्ट्रीयकरण के क्षेत्रों में संभावित सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा करना है।
प्रतिनिधिमंडल में यूनिवर्सिटी ऑफ एडिनबर्ग के सीनियर लेक्चरर एवं डायरेक्टर ऑफ इंटरनेशनलाइजेशन (स्टूडेंट्स) डॉ. एंथनी कैलानन और चांसलर फेलो डॉ. रियानॉन ग्रांट शामिल हैं। शूलिनी यूनिवर्सिटी के ऑफिस ऑफ इंटरनेशनल अफेयर्स (OIA) की ओर से इस दौरे का आयोजन किया गया।
दौरे के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने शूलिनी यूनिवर्सिटी की प्रमुख अकादमिक और अनुसंधान सुविधाओं का निरीक्षण किया। इनमें वर्धमान लैब, नैनोटेक्नोलॉजी लैब, PURSE लैब, कैंसर रिसर्च सेंटर (CRC) और इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट्स (IPR) सुविधाएं शामिल रहीं। प्रतिनिधिमंडल ने विश्वविद्यालय की स्थिरता संबंधी पहलों और अनुसंधान आधारित अकादमिक वातावरण के बारे में भी जानकारी प्राप्त की।
BioAI और एडवांस्ड बायोइंफॉर्मेटिक्स लैब का उद्घाटन
दौरे की प्रमुख गतिविधियों में BioAI और एडवांस्ड बायोइंफॉर्मेटिक्स लैब का उद्घाटन भी शामिल रहा। यह सुविधा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, एडवांस्ड कंप्यूटिंग, बायोइंफॉर्मेटिक्स और बायोटेक्नोलॉजी को एक मंच पर लाती है।
विश्वविद्यालय के अनुसार, यह पहल लाइफ साइंसेज और हेल्थकेयर के क्षेत्र में इंटरडिसिप्लिनरी रिसर्च तथा उभरती तकनीकों पर संस्थान के फोकस को दर्शाती है।
B.Tech छात्रों के लिए गेस्ट लेक्चर
दौरे के दौरान डॉ. रियानॉन ग्रांट ने B.Tech बायोटेक्नोलॉजी के विद्यार्थियों के लिए ‘इंजीनियरिंग लाइफ: हाउ बायोइंजीनियर्स बिल्ड बेटर मॉडल्स ऑफ द ह्यूमन बॉडी’ विषय पर गेस्ट लेक्चर दिया। इसमें बायोइंजीनियरिंग के माध्यम से मानव शरीर के अध्ययन के लिए मॉडल विकसित करने तथा आधुनिक बायोमेडिकल रिसर्च में अपनाए जा रहे इंटरडिसिप्लिनरी तरीकों पर चर्चा की गई।
वहीं, डॉ. एंथनी कैलानन ने B.Tech बायोटेक्नोलॉजी (SRP) और इंजीनियरिंग के विद्यार्थियों के साथ ‘बायोमेडिकल रिसर्च में इलेक्ट्रोस्पन स्कैफोल्ड्स के संभावित चिकित्सीय अनुप्रयोग’ विषय पर इंटरैक्टिव सत्र किया। इसमें इलेक्ट्रोस्पन स्कैफोल्ड्स के संभावित उपयोग और इंजीनियरिंग, बायोटेक्नोलॉजी एवं हेल्थकेयर के बीच संबंधों पर चर्चा हुई।
विद्यार्थियों के साथ संवाद के दौरान दोनों शिक्षाविदों ने पीएचडी के अवसरों और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उपलब्ध रिसर्च संभावनाओं के बारे में भी जानकारी साझा की।
संस्थागत सहयोग पर हुई चर्चा
प्रतिनिधिमंडल ने संभावित संस्थागत सहयोग को लेकर शूलिनी यूनिवर्सिटी के चांसलर प्रो. पी.के. खोसला और वाइस चांसलर प्रो. अतुल खोसला से मुलाकात की। बैठक में वाइस प्रेसिडेंट अवनी खोसला और शूलिनी यूनिवर्सिटी की प्रेसिडेंट एवं डीन, मीडिया एंड लिबरल आर्ट्स फैकल्टी, प्रो. निष्ठा आनंद भी शामिल रहीं।
इस अवसर पर आउटरीच डायरेक्टर शिखा सूद, प्रोफेसर वीरेंद्र रिहानी, डीन इंजीनियरिंग एवं शूलिनी यूनिवर्सिटी के सलाहकार तथा एमएस ठाकुर, प्रोफेसर, स्कूल ऑफ मैकेनिकल, सिविल एंड इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग भी उपस्थित रहे।
चार दिवसीय दौरे के दौरान लैब विजिट, नेतृत्व स्तर की बैठक और विद्यार्थियों के लिए शैक्षणिक सत्रों के माध्यम से दोनों विश्वविद्यालयों के बीच भविष्य में शिक्षा, अनुसंधान और अंतरराष्ट्रीय छात्र सहभागिता के क्षेत्र में सहयोग की संभावनाओं को आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया।





