गड़सा घाटी में आस्था का महासंगम, 5 सितंबर को उमड़ेगा श्रद्धालुओं का सैलाब

खबर अभी अभी | 03 सितंबर 2026 | कुल्लू

कुल्लू। हिमाचल प्रदेश की समृद्ध देव संस्कृति और सदियों पुरानी देव परंपरा का एक और भव्य धार्मिक पर्व 5 सितंबर को गड़सा घाटी में आयोजित होगा। 20 भाद्रपद के अवसर पर देवता शौठनिहारगड़ू महाराज के पावन तीर्थस्थल में हजारों श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है।

श्रद्धालु यहां पहुंचकर पवित्र झरने में आस्था की डुबकी लगाएंगे और देवता शौठनिहारगड़ू महाराज के दिव्य दर्शन कर सुख-समृद्धि की कामना करेंगे। हिमाचल की देव परंपरा के अनुसार हर वर्ष 20 भाद्रपद को इस तीर्थस्थल पर पवित्र स्नान का विशेष महत्व माना जाता है।

पौराणिक मान्यता है कि इस पवित्र झरने में स्नान करने से श्रद्धालुओं को रोग-दोष से मुक्ति और मनोकामनाओं की पूर्ति का आशीर्वाद प्राप्त होता है। इसी आस्था के चलते हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस धार्मिक पर्व में शामिल होने के लिए गड़सा घाटी पहुंचते हैं।

देवता शौठनिहारगड़ू महाराज के गुर डीणे राम ने बताया कि देव आदेश के अनुसार धार्मिक पर्व को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए तीर्थस्थल तैयार है।

उन्होंने श्रद्धालुओं से तीर्थस्थल की पवित्रता और देव मर्यादा बनाए रखने का विशेष आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि पवित्र झरने में स्नान के दौरान साबुन का प्रयोग न करें, झरने के आसपास जूते-चप्पल न ले जाएं और तीर्थस्थल की स्वच्छता एवं पवित्रता बनाए रखने में सहयोग करें।

देवता के गुर ने श्रद्धालुओं से हिमाचल की अनमोल देव संस्कृति, परंपराओं और देव आदेश का सम्मान करने की भी अपील की है।

5 सितंबर को गड़सा घाटी में एक बार फिर आस्था, विश्वास और देव परंपरा का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा। इस दौरान हजारों श्रद्धालु पवित्र स्नान कर देवता शौठनिहारगड़ू महाराज का आशीर्वाद प्राप्त करेंगे।

Share the news