डाबर CSR और जीवंती ट्रस्ट ने ढेला में बांटे जैविक बीज, 100 से अधिक परिवारों को मिली ‘घर की बगिया’ की सौगात

12 सितंबर 2026 | खबर अभी अभी | ढेला, हिमाचल प्रदेश

ढेला। सामुदायिक स्वास्थ्य, पोषण और जैविक कृषि को बढ़ावा देने के उद्देश्य से डाबर इंडिया लिमिटेड की कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) शाखा ने अपने सहयोगी जीवंती ट्रस्ट के साथ मिलकर ग्राम पंचायत ढेला में ‘घर की बगिया’ कार्यक्रम का आयोजन किया। इस पहल के तहत गांव के 100 से अधिक परिवारों को विभिन्न सब्जियों के उच्च गुणवत्ता वाले जैविक बीजों के पैकेट वितरित किए गए।

कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण परिवारों, विशेषकर महिलाओं को अपने घर के आसपास छोटी गृह वाटिका विकसित करने के लिए प्रोत्साहित करना है, ताकि परिवारों को ताजी, पौष्टिक और रसायनमुक्त सब्जियां आसानी से उपलब्ध हो सकें। इसके साथ ही इस पहल के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में जैविक खेती और टिकाऊ जीवनशैली को बढ़ावा देने का प्रयास किया जा रहा है।

कार्यक्रम में डाबर इंडिया लिमिटेड के वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया। इसमें HR Head रितेश सिंह और Quality Head मुकेश शर्मा विशेष रूप से मौजूद रहे। अधिकारियों ने ग्रामीणों के साथ संवाद करते हुए ‘घर की बगिया’ कार्यक्रम के उद्देश्यों और इससे होने वाले लाभों की जानकारी साझा की।

इस अवसर पर रितेश सिंह ने कहा कि परिवारों का पोषण के क्षेत्र में आत्मनिर्भर होना बेहद महत्वपूर्ण है। घर में सब्जियां उगाने से लोगों को ताजी सब्जियां उपलब्ध होती हैं और परिवार अपने भोजन की गुणवत्ता पर भी अधिक नियंत्रण रख सकता है। उन्होंने कहा कि ‘घर की बगिया’ जैसी पहल ग्रामीण परिवारों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करने के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर जैविक खेती को बढ़ावा देने में मददगार साबित हो सकती है।

उन्होंने ग्रामीणों को जैविक खेती के फायदों के बारे में भी जागरूक किया। कार्यक्रम के दौरान बताया गया कि घर में उगाई गई ताजी सब्जियों को दैनिक आहार में शामिल करने से पोषण बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है। साथ ही रासायनिक इनपुट के अत्यधिक इस्तेमाल से बचने और प्राकृतिक तरीके से सब्जियां उगाने के महत्व पर भी जोर दिया गया।

हर घर को हरा-भरा बनाने का प्रयास

डाबर CSR और जीवंती ट्रस्ट की इस पहल का लक्ष्य केवल बीज वितरण तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्रामीण परिवारों को अपनी जरूरत की कुछ सब्जियां घर पर ही उगाने के लिए प्रोत्साहित करना भी है। इससे घरेलू स्तर पर पोषण में सुधार, जैविक खेती के प्रति जागरूकता और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी को बढ़ावा देने का प्रयास किया जा रहा है।

डाबर कंपनी की ओर से बताया गया कि ‘घर की बगिया’ कार्यक्रम के तहत हर वर्ष दो दर्जन से अधिक गांवों में ग्रामीण परिवारों को जैविक बीज वितरित किए जाते हैं। इस पहल के माध्यम से अधिक से अधिक परिवारों को गृह वाटिका से जोड़ने और ग्रामीण क्षेत्रों में स्थायी एवं स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने का प्रयास किया जा रहा है।

ग्राम पंचायत ढेला के निवासियों ने डाबर CSR और जीवंती ट्रस्ट की इस पहल की सराहना करते हुए पूरी टीम का आभार जताया। ग्रामीणों ने कहा कि घर पर सब्जियां उगाने की पहल से परिवारों को ताजी सब्जियां उपलब्ध कराने के साथ-साथ महिलाओं और परिवारों को खेती से जोड़ने में भी मदद मिलेगी।

‘घर की बगिया’ कार्यक्रम के माध्यम से डाबर CSR और जीवंती ट्रस्ट ने ग्रामीण विकास, सामुदायिक स्वास्थ्य और जैविक कृषि को एक साथ जोड़ते हुए स्वस्थ परिवार और हरा-भरा गांव बनाने की दिशा में पहल आगे बढ़ाई है।

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