
10 सितंबर 2026 | खबर अभी अभी | कुल्लू

कुल्लू। पंजाब नेशनल बैंक ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (पीएनबी आरसेटी), कुल्लू की ओर से आयोजित 35 दिवसीय ब्यूटी पार्लर प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफलतापूर्वक समापन हुआ। प्रशिक्षण कार्यक्रम में कुल 29 महिला प्रशिक्षुओं ने भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं को व्यावसायिक कौशल प्रदान करने के साथ-साथ स्वरोजगार और उद्यमिता के लिए प्रोत्साहित करना रहा।
कार्यक्रम समन्वयक लक्ष्मी ने बताया कि 35 दिनों तक चले प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागी महिलाओं को ब्यूटी पार्लर व्यवसाय से जुड़ी विभिन्न तकनीकी एवं व्यावसायिक जानकारियां प्रदान की गईं। महिलाओं को ब्यूटी पार्लर के क्षेत्र में अपना व्यवसाय शुरू कर सफल उद्यमी बनने के लिए जरूरी पहलुओं से अवगत करवाया गया।
प्रशिक्षण के दौरान महिलाओं को स्वप्रेरणा, व्यवसाय के अवसरों की पहचान और उनका उचित उपयोग, निरंतरता, आवश्यक सूचनाओं की खोज, गुणवत्ता प्रबंधन, समस्या समाधान और आत्मविश्वास जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर प्रशिक्षण दिया गया। इसके अलावा ग्राहकों को अपने उत्पादों एवं सेवाओं के प्रति संतुष्ट और आश्वस्त करने के तरीके भी बताए गए।
बाजार और गुणवत्ता प्रबंधन पर दिया जोर
प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन समारोह में पीएनबी आरसेटी कुल्लू के निदेशक चंद्र नारायण सिंह ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। उन्होंने प्रशिक्षण प्राप्त करने वाली महिलाओं को सफल उद्यमी बनने के लिए आवश्यक सुझाव दिए और बाजार प्रबंधन तथा गुणवत्ता प्रबंधन के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला।
चंद्र नारायण सिंह ने कहा कि महिलाओं को कौशल विकास के माध्यम से स्वरोजगार अपनाकर अपनी आजीविका स्वयं अर्जित करने की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि कौशल और उद्यमिता के माध्यम से महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त होने के साथ-साथ आत्मनिर्भर भी बन सकती हैं।
29 महिलाओं को मिले प्रमाण पत्र
समापन समारोह के दौरान प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा करने वाली सभी 29 महिला प्रशिक्षुओं को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। प्रमाण पत्र मिलने पर प्रशिक्षुओं ने प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त जानकारी और कौशल को अपने भविष्य के स्वरोजगार में उपयोग करने की बात कही।
पीएनबी आरसेटी की ओर से आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं को ब्यूटी पार्लर व्यवसाय से संबंधित व्यावहारिक एवं व्यावसायिक कौशल प्रदान करना तथा उन्हें स्वरोजगार के अवसरों से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में प्रेरित करना रहा।





