हर्ष महाजन की अनुशंसा पर चंबा के 25 सरकारी स्कूलों में बनेंगी अत्याधुनिक स्मार्ट कंप्यूटर लैब

10 सितंबर 2026 | खबर अभी अभी | चंबा

चंबा के दूरदराज और ग्रामीण क्षेत्रों के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को डिजिटल शिक्षा से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है। राज्यसभा सांसद हर्ष महाजन की अनुशंसा पर चंबा जिले के 25 चयनित सरकारी सेकेंडरी एवं हायर सेकेंडरी स्कूलों में अत्याधुनिक स्मार्ट कंप्यूटर लैब स्थापित की जाएंगी। इस परियोजना पर करीब 2.50 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

परियोजना को धरातल पर उतारने के लिए हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) की ओर से एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इसके तहत चयनित विद्यालयों में स्मार्ट कंप्यूटर क्लासरूम और आधुनिक डिजिटल शिक्षा से जुड़ी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इससे जिले के हजारों विद्यार्थियों को अपने ही विद्यालय में आधुनिक तकनीक और ई-लर्निंग संसाधनों तक पहुंच मिल सकेगी।

दुर्गम क्षेत्रों के विद्यार्थियों को मिलेगा डिजिटल शिक्षा का लाभ

हर्ष महाजन ने कहा कि चंबा आकांक्षी जिला होने के साथ-साथ भौगोलिक रूप से चुनौतीपूर्ण क्षेत्र भी है। जिले के कई विद्यार्थी दूरदराज और दुर्गम क्षेत्रों में शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। ऐसे में आधुनिक डिजिटल सुविधाओं को गांव और पहाड़ के अंतिम छोर तक पहुंचाना बेहद जरूरी है।

उन्होंने कहा कि स्मार्ट कंप्यूटर लैब की स्थापना से सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को कंप्यूटर शिक्षा के साथ-साथ आधुनिक डिजिटल संसाधनों और ई-लर्निंग की सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इससे ग्रामीण और दुर्गम क्षेत्रों के बच्चों को भविष्य की तकनीकी और प्रतिस्पर्धी जरूरतों के लिए बेहतर तरीके से तैयार करने में मदद मिलेगी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और हरदीप सिंह पुरी का जताया आभार

राज्यसभा सांसद हर्ष महाजन ने इस परियोजना के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी का आभार जताया।

उन्होंने कहा कि चंबा के विद्यार्थियों की शिक्षा के लिए उपलब्ध कराई जा रही करीब 2.50 करोड़ रुपये की राशि केवल आर्थिक सहायता नहीं है, बल्कि जिले के बच्चों के भविष्य में किया जा रहा महत्वपूर्ण निवेश है।

हर्ष महाजन ने कहा कि चंबा के बच्चों को आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध करवाना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल है। उनका प्रयास है कि पहाड़ के किसी दूरदराज क्षेत्र में पढ़ने वाला बच्चा डिजिटल शिक्षा और तकनीक के मामले में देश के किसी अन्य हिस्से के विद्यार्थी से पीछे न रहे।

पांच क्षेत्रों के 25 स्कूल होंगे लाभान्वित

परियोजना के तहत चंबा जिले के पांच क्षेत्रों के कुल 25 सरकारी विद्यालयों का चयन किया गया है। इनमें चंबा के 6, चुराह के 6, भरमौर के 5, डलहौजी के 4 और भटियात के 4 विद्यालय शामिल हैं।

प्रत्येक स्मार्ट कंप्यूटर लैब में आधुनिक कंप्यूटर, आवश्यक फर्नीचर और ई-लर्निंग से संबंधित सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी। इससे विद्यार्थियों को कंप्यूटर शिक्षा के साथ आधुनिक शिक्षण संसाधनों तक बेहतर पहुंच मिलेगी।

इन 25 स्कूलों में स्थापित होंगी स्मार्ट कंप्यूटर लैब

चंबा — 6 विद्यालय:
GSSS करियां, GSSS चनेड़, GSSS सिल्लाघ्राट, GSSS खज्जियार, GSSS कोहलारी और GSSS कोलका।

चुराह — 6 विद्यालय:
GSSS बैरागढ़, GSSS बोंदेरी, GSSS चांजू, GSSS जस्सौरगढ़, GSSS थल्ली और GSSS राजनगर।

भरमौर — 5 विद्यालय:
GSSS मेहला, GSSS गुवां, GSSS होली, GSSS सुनारा और GSSS लयल्ह।

डलहौजी — 4 विद्यालय:
GSSS ग्रांगर, GSSS मंज़ीर, GSSS सुंडला और GSSS हिमगिरी।

भटियात — 4 विद्यालय:
GSSS तुंडी, GSSS होबार, GSSS सामोटे और GSSS रायपुर।

चंबा की प्रतिभाओं को मिलेगा आगे बढ़ने का मंच

हर्ष महाजन ने कहा कि ग्रामीण और दुर्गम क्षेत्रों के विद्यार्थियों को आधुनिक संसाधनों और समान अवसर उपलब्ध करवाना जरूरी है। यदि बच्चों को सही समय पर तकनीकी सुविधाएं और उचित मंच मिले तो चंबा की प्रतिभाएं भी प्रदेश और देश स्तर पर अपनी पहचान बना सकती हैं।

उन्होंने कहा कि डिजिटल शिक्षा आज विद्यार्थियों के भविष्य की महत्वपूर्ण आवश्यकता बन चुकी है। कंप्यूटर और ई-लर्निंग तक बेहतर पहुंच से चंबा के विद्यार्थी नई तकनीकों, आधुनिक ज्ञान और भविष्य की प्रतिस्पर्धाओं के लिए तैयार हो सकेंगे।

हर्ष महाजन ने कहा कि चंबा के बच्चों को बेहतर शिक्षा, आधुनिक तकनीक और आगे बढ़ने के समान अवसर उपलब्ध करवाने के प्रयास आगे भी जारी रहेंगे।

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