
5/8/2026
लाहौल
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आखिर 9 साल के बाद राजा घेपन देवी हिडिंबा और अठारहा नाग सहित देवता मिले अपने बड़े भाई जमलू देवता से।हजारों लोग साक्षी बने। इस महा मिलन को देखकर हर कोई। श्रद्धालु गदगद हुए। राजा घेपन अपने बड़े भाई जमलू से जब मिलन हुए । हजारों श्रद्धालुओं के आंखों से आंसू गिरे। लाहौल घाटी के आराध्य देवता राजा घेपन मलाना के सभी देवी-देवताओं से मिले। और उन्हें आशीर्वाद दिया।लाहौल घाटी के आराध्य देवता राजा घेपन।
कुल्लू घाटी के रहस्यमयी और प्राचीन मलाणा गांव में स्थित जमलू देवता ,,(ऋषि जमदग्नि,,) के पवित्र मंदिर और उनके भंडार,(देवगृह)के संदर्भित करता है।यह स्थान अपनी अनूठी मान्यताओं कानून और प्राचीन लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध है। मलाणा से लाहौल घाटी के आराध्य देवता राजा घेपन की रथ तैयार किया जाता है। सिर्फ मलाणा के लोग खुद इस रथ को तैयार करते हैं। राजा घेपन मलाणा में सभी देवी-देवताओं से मिलने जाते हैं। और आखिर में जब अपने बड़े भाई जमलू से मिलन होता है। तो वह पल वह सुकून वह रहस्यमय मिलन और एतिहासिक मिलन हजारों श्रद्धालुओं को आंखों से आंसू गिराने पर मजबूर कर देते हैं।
क्या देवी देवताओं का भी इस तरह मिलन होता है। आज मलाणा यात्रा के इस एतिहासिक मिलन के हजारों श्रद्धालुओं गवाह बने। दो दिन मलाणा रात्रि ठहराव के बाद आज लाहौल घाटी के आराध्य देवता राजा घेपन देवी हिडिंबा और अठारहा नाग लाहौल घाटी की और रवाना हुए। और हर जगह जागरा और कलचोर और रात्रि ठहराव का आयोजन हैं। लगभग 17 से 18 अगस्त को अपने देवालय शाशेन में पहुंचेंगे।





